Last Update On : 16 02 2018 11:38:00 PM

जिन बैंको का लेकर भागा है पैसा उसमें से ज्यादातर बैंक सरकारी, पंजाब नेशनल बैंक ने कहा हम ही है नहीं सिर्फ दोषी, वह बैंक भी घोटाले के जिम्मेदार जिन्होंने एलओयू के आधार पर बिना जांच पड़ताल दिया है नीरव मोदी को लोन, उनके कर्मचारियों के मिलीभगत की हो जांच 

सीबीआई के एफआईआर को भी झुठलाने में लगी है बीजेपी, कहती है कांग्रेस के जमाने में शुरू हुआ लोन सेंक्शन, पर थोथा गाल बजाने के अलावा नहीं दे पा रही कोई सबूत 

नीरव के पास दूसरे देश की नागरिकता और यहां से भागने की तैयारी पर मुहर इसलिए भी क्योंकि उसके साथ कारोबार करने वाले लोगों ने बताया पहले अक्सर भारत में रहने वाले नीरव ने पिछले दो सालों में भारत में रहना कर दिया था बहुत कम

दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई शाखा में हुए 11 हजार 360 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी के बारे में एक और खुलासा हो रहा है कि उसके पास भारत के अलावा अन्य देशों की भी नागरिकता और पासपोर्ट है।

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गौरतलब है कि आज विदेश मंत्रालय ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके अंकल और पार्टनर मेहुल चौकसी का पार्सपोर्ट चार हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया है। इतने बड़े स्तर पर हुए घोटाले में नीरव मोदी का साथ बैंक के जिन बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिया था, उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक 1 जनवरी को ही देश छोड़कर भाग गये नीरव मोदी के पास किसी और देश की नागरिकता और वहां पर स्थाई निवास के लिए जगह है। उसने इन हालातों यानी फ्रॉड सामने आने के बाद की स्थितियों के लिए पहले से ही तैयारी करके रखी हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि उसके पास बेल्जियम की स्थाई नागरिकता है।

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ऐसा इसलिए भी दावा किया जा रहा है क्योंकि इस केस में नीरव के साथ आरोपित उसके भाई और अंबानी के दामाद निशाल मोदी के पास बेल्जियम की नागरिकता है। मीडिया में यह फ्राड सामने आने से पहले ही नीरव, उसकी पत्नी अमी, भाई निशाल और बिजनैस पार्टनर और अंकल मेहुल चौकसी भारत छोड़कर भाग गए थे।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नीरव को आखिरी बार दावोस में देखा गया था, जहां के बारे में यह भी दावा किया जा रहा है कि वहां उसने प्रधानमंत्री मोदी के साथ गुप्त बैठक की थी। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की एक तस्वीर में नीरव पीएम नरेंद्र मोदी के साथ दिखाई दिया था।

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नीरव ने दूसरे देश की नागरिकता और भागने की तैयारी कर दी थी, इस पर मुहर इसलिए भी लगती है क्योंकि उनके साथ कारोबार करने वाले लोगों का कहना है कि पहले अक्सर भारत में रहने वाले नीरव ने पिछले दो सालों में भारत आना बहुत कम कर दिया था। यानी उसे अंदाजा था इन स्थितियों का यानी कभी भी पीएनबी फ्रॉड का खुलासा हो सकता है।

सरकार द्वारा जारी बयानों के मुताबिक सीबीआई नीरव मोदी की यूरोप और अमेरिका में भी तलाश कर रही है। इसके अलावा उसके हांगकांग जहां उसके होने की संभावना व्यक्त की जा रही है वहां भी सीबीआई बराबर नजर रखे हुए है। कहा यह भी जा रहा है कि इंटरपोल से डिफ्यूजन नोटिस जारी होने के बाद इंटरपोल भी इन आरोपियों की धर-पकड़ के लिए सक्रिय हो गया है।

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गौरतलब है कि 46 वर्षीय अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी ने पीएनबी की मुंबई शाखा से धोखाधड़ी वाला गारंटी पत्र (एलओयू) हासिल कर अन्य भारतीय ऋणदाताओं से विदेशी ऋण हासिल किया। पीएनबी के एलओयू पर 30 बैंकों ने नीरव मोदी की कंपनियों को कर्ज दिया था।

नीरव मोदी ने इन 30 बैंकों से निकाला धोखाधड़ी वाला गारंटी पत्र (एलओयू) हासिल कर पैसा
1. इलाहाबाद बैंक 2. आंध्रा बैंक 3. बैंक आॅफ बड़ोदा 4. बैंक आॅफ इंडिया 5. बैंक आॅफ महाराष्ट्र 6. केनरा बैंक 7. सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया 8. कॉरपोरेशन बैंक 9. कैथोलिक सीरियन बैंक 10. देना बैंक 11. धन लक्ष्मी बैंक 12. आईसीआईसीआई बैंक 13. आईडीबीआई बैंक 14. इंडियन ओवरसीज बैंक 15. इंडसिंड बैंक 16. जे एंड के बैंक 17. कर्नाटका बैंक 18. करूर व्यास बैंक 19. लक्ष्मी विलास बैंक 20. ओरिएंटल बैंक आॅफ कॉमर्स 21. पंजाब एंड सिंध बैंक 22. स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक 23. स्टेट बैंक आॅफ इंडिया 24. स्टेट बैंक आॅफ मॉरिटीज 25. सिंडिकेट बैंक 26. यूनियन बैंक आॅफ इंडिया 27. यूनाइटेड बैंक आॅफ इंडिया 28. यूको बैंक 29. विजया बैंक 30. एक्सिम बैंक