Last Update On : 12 10 2018 11:44:12 AM

एक ओर उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिये लुभाने का काम कर रही है, दूसरी तरफ कपिल गुप्ता जैसे लोगों के लिये वित्तीय संस्थानों, बैंकों व श्रमिकों का अरबों रुपये लेकर फरार होने के लिये सुरक्षित गलियारा उपलब्ध करा रही है…

सलीम मलिक की विशेष रिपोर्ट

रामनगर, जनज्वार। उत्तराखण्ड से रोजगार के अभाव में बढ़ते पलायन को रोकने के लिये राज्य सरकार द्वारा हाल ही में देश-दुनियां के उद्योगपतियों को लुभाने के लिये आयोजित की गई ‘इन्वेस्टर्स समिट’ के साथ ही उद्योग जगत से आ रही एक खबर राज्य सरकार के लिये जहां परेशानी का सबब बन सकती है तो दूसरी ओर हजारों परिवारों के रोजगार की उम्मीद को सदा के लिये नाउम्मीद कर सकती है।

बात हो रही है नैनीताल-यूएसनगर की सीमा पर स्थापित व वतर्मान में श्रमिक आंदोलन के चलते चर्चाओ का केन्द्र बनी विद्युत उपकरण बनाने वाली ‘डेल्टा इलैक्ट्रॉनिक्स’ के मालिक कपिल गुप्ता की। डेल्टा प्रकरण को लेकर जांच कर रहे समाजवादी लोकमंच को डेल्टा मालिक से जुड़े कुछ ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं, जो संकेत कर रहे हैं कि डेल्टा मालिक कपिल गुप्ता उत्तराखण्ड के लिये नीरव मोदी साबित हो सकते हैं।

दरअसल डेल्टा मालिक पर बैंको व विभिन्न वित्तीय संस्थानों का चार सौ करोड़ से अधिक बकाया है। यूं तो उद्योगपतियो पर बैंकों के सैकड़ों करोड़ बकाया होना सामान्य बात है, लेकिन इस मामले में कुछ ऐसे कारनामे किये गये हैं, जिनसे कपिल के ‘नीरव मोदी’ की राह पर चलने का शक पुख्ता होने लगा है।

पूरे मामले को समझने के लिये डेल्टा की तह में जाना जरूरी है। जनज्वार के पाठकों को डेल्टा से जुड़ी पुरानी रिपोर्ट याद होगी जिसमें ‘डेल्टा इलैक्ट्रानिक्स’ की स्थापना व उसके बाद डेल्टा मालिक द्वारा खड़ी की गई अन्य तीन कम्पनियों का विस्तार से खुलाया किया गया था।

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इसी कड़ी में डेल्टा मालिक के दिल्ली में रजिस्टर्ड तीन और कारखानों ऐसान इलैक्ट्रॉनिक्स प्रा. लि., कृतिक इलैक्ट्रॉनिक्स प्रा. लि. व आरकुस प्रा. लि. की बाबत जानकारी हासिल हुई है, जिसमें से एक ऐसान इलैक्ट्रॉनिक्स हड़ताल के चलते बंद हो चुकी है। इन सातों कम्पनियों में एक बात समान थी कि सबके निदेशक के तौर पर कपिल गुप्ता का नाम उनके कानूनी दस्तावेजो में मौजूद था, लेकिन बीते दिनों से अचानक एक कम्पनी के निदेशक के रुप में उनका नाम हटाया गया है।

डेल्टा मालिकन

आरकुस नामक इस कम्पनी में कपिल गुप्ता फिलहाल निदेशक नहीं हैं, जबकि इस कम्पनी की एक पुरानी विज्ञप्ति उन्होने बतौर निदेशक जारी की थी। जिसके बाद डेल्टा के श्रमिक आंदोलन पर नजर रखे समाजवादी लोकमंच ने इस मामले की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाली बाते सामने आ रही हैं।

समाजवादी लोकमंच से जुड़ी टीम ने कपिल गुप्ता से जुडे दस्तावेज सार्वजनिक करते हुये आरोप लगाया कि डेल्टा स्वामी ने डेल्टा से कमाये मुनाफे से एक के बाद एक करते सात कारखानों की स्थापना की। जिसमे से दो कारखाने ‘कनिक इलैक्ट्रॉनिक्स’ कालाढूंगी जिस पर करीब 78 करोड़ का बैंको व वित्तीय संस्थानों का बकाया है तथा ‘स्मार्ट लाईट’ पीपलसाना को गैरकानूनी ढंग से बंद कर दिया है। जबकि डेल्टा इलैक्ट्रॉनिक्स व काम्पेक्ट लैम्पस प्रा. लि. जिस पर बैंकों व विभिन्न वित्तीय संस्थानो का करीब 332 करोड़ का बकाया है, को बंद करने के लिये सरकार से 18 सितम्बर को अनुमति मांगी है।

दो माह में सरकार ने यदि अनुमति नहीं दी तो इन फैक्टरियों को बंद करने की अनुमति दी हुई मानी जायेगी। मंच ने अपनी जांच में पाया कि कपिल गुप्ता ने सुनियोजित ढंग से बंद कर चुकी व बंद करने जा रही कम्पनियों का पैसा निकालकर अपनी दिल्ली स्थित तीन अन्य कम्पनियों ऐसान इलैक्ट्रॉनिक्स प्रा. लि., कृतिक इलैक्ट्रानिक्स प्रा. लि. और आरकुस प्रा. लि. में लगा दिया है, जिसमें से दिल्ली की ऐसान इलैक्ट्रॉनिक्स हड़ताल के चलते बंदी में चल रही है।

इस मामले में मंच ने सनसनीखेज खुलासा करते हुये यह जानकारी भी जनज्वार से साझा की कि दो साल पूर्व आरकुस प्रा. लि. द्वारा समाचार एजेंसी को जारी की गई विज्ञप्ति में बतौर निदेशक कपिल गुप्ता ने उत्तराखण्ड के चारों कारखानों में चार हजार श्रमिकों को कार्यरत बताया था, जबकि अब श्रम-विभाग के सामने वह अपने ही दावे से कहीं बहुत ही कम श्रमिको को इन कारखानो में कार्यरत बता रहा है।

समाजवादी लोकमंच को सूचना अधिकार व उद्योग मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में कपिल गुप्ता के स्थान पर उसके पुत्र कनिक गुप्ता व मुरली रामनाथन को निदेशक बनाया गया है, जिसे समाजवादी लोकमंच बैंको व वित्तीय संस्थाओं से कानूनी तौर पर बचने की साजिश मान रहा है। मंच ने आरोप लगाया कि कपिल गुप्ता परिवार द्वारा यह कार्यवाही अपराधिक साजिश की ओर इशारा कर रही है। कपिल गुप्ता परिवार कारखाने चलाकर बैंकों, वित्तीय संस्थानों व श्रमिकों का पैसा दिये जाने के बजाए कारखाने बंद करके सरकारी सब्सिडी खाकर बैंको व श्रमिकों का पैसा लेकर विदेश भाग सकते हैं।

इस बाबत समाजवादी लोकमंच ने राज्य सरकार से तत्काल इस गम्भीर मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुये कहा कि एक ओर तो सरकार इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करके उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिये लुभाने का काम कर रही है, दूसरी तरफ कपिल गुप्ता जैसे लोगों के लिये वित्तीय संस्थानो, बैंकों व श्रमिकों का अरबों रुपये लेकर फरार होने के लिये सुरक्षित गलियारा उपलब्ध करा रही है।

समाजवादी लोकमंच ने गुप्ता परिवार के सदस्यों के विदेश जाने पर तत्काल रोक लगाये जाने, डेल्टा इलैक्ट्रॉनिक्स व काम्पैक्ट लैम्पस प्रा. लि. को बंद करने के लिये मांगी गई अनुमति को लिखित तौर पर रदद करने, गैरकानूनी ढंग से बंद की गई कनिक इलैक्ट्रानिक्स व स्मार्ट लाईट कारखानों की बंदी को गैरकानूनी घोषित करते हुये श्रमिकों को उनका बकाया राशि का भुगतान कराये जाने व पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

डेल्टा मालिकन की ठगी को उजागर करने के लिए आयोजित हुई समाजवादी लोकमंच की प्रेस कांफ्रेंस

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समाजवादी लोकमंच ने बकायदा पूरे मामले को विवरण के साथ राज्य सरकार के पास भेजते हुये इस प्रकरण के सारे दस्तावेज पीएमओ को भी मुहैया कराये हैं। इसके साथ ही समाजवादी लोकमंच के सहसंयोजक मुनीष कुमार, किसान नेता महेश जोशी, उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी, देवभूमि विकास मंच के मनमोहन अग्रवाल, इको सेंसेटिव जोन विरोधी संघर्ष समिति के ललित उप्रेती, महिला एकता केन्द्र की सरस्वती जोशी, आनन्द नेगी, ठेका मजदूर कल्याण समिति के शेखर आर्य आदि पत्रकार वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया है।

समाजवादी लोकमंच ने जिन बिन्दुओं को आधार बनाकर डेल्टा इलैक्ट्रॉनिक्स के मालिक कपिल गुप्ता के विदेश भागने की आशंका व्यक्त की है, उनका विस्तृत ब्यौरा इस प्रकार है कई कम्पनियों का मालिक कपिल गुप्ता परिवार उत्तराखंड में अपनी 4 सभी कम्पनियां बंद कर भागने की तैयारी कर रहा है।

मिनिस्ट्री आॅफ कॉर्पोरेट अफेयर्स की वेबसाईट के अनुसार उक्त कम्पनियों में काम्पैक्ट लैम्पस प्रा. लि, रामनगर के ऊपर बैंको एवं वित्तीय संस्थाओं का 332.12 करोड़ रु तथा कनिक इलैक्ट्रोनिक्स प्रा. लि. कालाढूंगी के ऊपर 77.63 करोड रु. (दोनों को मिलाकर कुल 409.751 करोड़ रु0) बकाया है। अन्य कम्पनियों को मिलाकर यह बकाया राशि और भी ज्यादा हो सकती है।

कपिल गुप्ता की जालसाजी कथा
जिला उद्योग केन्द्र से प्राप्त सूचना के मुताबिक कपिल गुप्ता की कनिक इलैक्ट्रॉनिक्स प्रा. लि. को सरकार से 1.02 करोड़ रुपए वर्ष 2013 में विद्युत प्रतिपूर्ति सहायता के रूप में मिले हैं तथा वह दो अन्य कम्पनियों काम्पैक्ट लैम्पस प्रा. लि. व स्मार्ट लाईट के लिए भी 30-30 लाख रु प्राप्त कर चुका है। कुल मिलाकर वह 1.62 करोड़ रुपए का सरकार को सब्सिडी के रुप में चूना लगा चुका है।

कपिल गुप्ता ने अपनी दो कम्पनियों काम्पैक्ट लैम्पस प्रा. लि, व डेल्टा इलैक्ट्रोनिक्स पीपलसाना रामनगर जिला नैनीताल को बंद करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। गुप्ता परिवार ने स्मार्ट लाईट व कनिक इलैक्ट्रानिक्स प्रा. लि को भी विगत माह गैर कानूनी तौर पर बंद कर दिया है।

गुप्ता परिवार द्वारा 4 कारखानों को बंद करने के इस निर्णय से क्षेत्र के 4 हजार से भी अधिक श्रमिकों का भविष्य अधर में आ गया है, जिसमें से अधिकांश महिलाएं हैं। गुप्ता परिवार के ऊपर श्रमिकों के वेतन, पी.एफ, बोनस आदि का करोड़ों रुपए बकाया है जिसका भुगतान वह श्रमिकों को करने के लिए तैयार नहीं है।

श्रम विभाग के अभिलेखों से ज्ञात हुआ है कि पिछले वर्ष गुप्ता परिवार को काम्पैक्ट लैम्पस प्रा. लि. से 4.83 करोड़ रु. व डेल्टा इलैक्ट्रोनिक्स को 1.69 करोड़ रुपए का सकल लाभ (कुल 6.52 करोड़ रु.) प्राप्त हुआ था। उसकी अन्य कम्पनियों को मिलाकर यह राशि कहीं बहुत ज्यादा हो सकती है।

2 अगस्त, 2018 को श्रम विभाग द्वारा पीपलसाना स्थित कारखानों की गयी जांच में कम्पनी मालिक को श्रमिकों के बोनस, वेतन, ईएसआई, पीएफ आदि के भुगतान में अनियमितताओं का दोषी पाया गया। मौके पर मौजूद कम्पनी के अधिकारियों द्वारा कम्पनी बंद किए जाने का कारण विद्युत संयोजन में आग लग जाना बताया गया जिसे भी जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में झूठा करार दिया है।

पिछली 15 फरवरी, 2016 को आॅरकुस प्रा. लि द्वारा पीटीआई को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कपिल गुप्ता को आॅरकुस प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजिंग डायरेक्टर बताया था, परन्तु अब कार्पोरेट मिनिस्ट्री आॅफ इंडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार आॅरकुस प्रा. लि से कपिल गुप्ता ने बतौर डायरेक्टर अपना नाम हटा लिया है। उसने यह काम वित्तीय संस्थाओं, बैंको व श्रमिकों को चूना लगाने के उद्देश्य से किया है।

उक्त प्रेस विज्ञप्ति में कपिल गुप्ता ने स्वीकार किया है कि उत्तराखंड स्थित उसके कारखानों में 4 हजार श्रमिक काम करते हैं, परन्तु अब वे श्रम विभाग के समक्ष श्रमिकों की वास्तविक के मुकाबले काफी कम संख्या बता रहा है। गुप्ता परिवार पीपलसाना स्थित कारखानों में से मालिक कच्चा व तैयार माल तथा मशीनें आदि आॅरकुस प्रा. लि. के लिए व दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित कर रहा है।

कपिल गुप्ता परिवार की कम्पनियों का विवरण

कम्पनी का नाम              पता/कोर्पोरेट आफिस        स्टेटस                          कम्पनी डायरेक्टर के नाम
डेल्टा इलैक्ट्रोनिक्स       पीपलसाना, रामनगर (नैनीताल)    उपलब्ध नहीं                   उपलब्ध नहीं
काम्पैक्ट लैम्पस प्रा.लि    उपरोक्त                             एक्टिव                         कपिल गुप्ता, सोनिया कपिल
CIN NO. U31501DL2005PTC140073
स्मार्ट लाईट                उपरोक्त                           गैरकानूनी तरीके से बंद        उपलब्ध नहीं
कनिक इलै. प्रा. लि.     ग्राम नया गांव, कालाढुंगी         गैरकानूनी तरीके से बंद         कपिल गुप्ता, सोनिया कपिल
CIN NO.-31900DL2012PTC231966
ऐसान इलै. प्रा.लि       मयूर कुंज, नई दिल्ली             स्ट्राइक आफ, मार्च 2014 से  कपिल गुप्ता, सोनिया घोष
CIN NO. – U31501DL2012PTC230205
कृतिक इलै. प्रा.लि      उपरोक्त                             एक्टिव                          कपिल गुप्ता, सोनिया कपिल
U31401DL2013PTC 252828
आरकुस प्रा लि          पटपड़गंज, नई दिल्ली              एक्टिव                          कनिक गुप्ता, मुरली रामनाथन
CIN NO. U74999DL2017PTC313952