Last Update On : 05 06 2018 09:13:00 PM

अगर ले गए ट्रेन में निर्धारित सीमा से अधिक सामान बिना बुक कराए तो करना पड़ेगा निर्धारित राशि से छह गुना अधिक भुगतान

जनज्वार। दो दिन पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल की तरफ से बयान आया था कि अगर ट्रेनें लेट हुईं तो रेल अधिकारियों की खैर नहीं होगी, जिस रफ्तार से ट्रेन की गति धीमी होगी उसी रफ्तार से उनकी पदोन्नति पर असर पड़ेगा। आज रेलवे की तरफ से खबर आई है कि अब रेल यात्री एक सीमा से ज्यादा सामान लेकर ट्रेन में यात्रा नहीं कर पाएंगे।

रेल बोर्ड के सूचना एवं प्रचार निदेशक वेद प्रकाश ने मीडिया में बयान जारी कर कहा है कि अगर रेल यात्री निर्धारित सीमा से अधिक सामान बिना बुक कराए ले जाते पाये जाते हैं तो सामान पर निर्धारित राशि से छह गुना अधिक भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे यह यह कदम यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर ही उठा रहा है, ताकि डिब्बो के अंदर होने वाली भीड़भाड़ को कम किया जा सके। वेद प्रकाश ने आगे कहा कि यात्रियों द्वारा यात्रा में ले जाए जा रहे सामान पर निगरानी रखने के लिए रेलवे अधिकारी आकस्मिक दौरे करेंगे।

मगर इसके साथ ही सवाल यह भी उठता है कि इससे घूसखोरी के एक नए धंधे पर मुहर नहीं लगी है क्या? जो रेलवे विभाग और दलाल पहले टिकट के नाम पर मनमानी करते थे, वहीं अब रेलवे के भ्रष्ट कर्मचारियों के लिए यह योजना भी एक लॉटरी की तरह ही है।

अब तक ज्यादा सामान ले जाने पर विमानों में ही पैनल्टी लगती थी, मगर अब रेलवे भी इसे लागू करने जा रहा है। रेलवे के मुताबिक ट्रेन डिब्बों में बहुत ज्यादा सामान ले जाने को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए भारतीय रेल ने अपने तीन दशक पुराने सामान अनुज्ञा नियम को सख्ती से लागू करने का कठोर निर्णय ले लिया है।

इस नियम के मुताबिक रेल यात्रियों को अधिक सामान ले जाने पर निर्धारित राशि से 6 गुना अधिक राशि बतौर दंड भरना होगा। निर्धारित मानदंड के अनुसार स्लीपर क्लास में यात्री बगैर अतिरिक्त भुगतान किए 40 किलोग्राम तो सेकंड क्लास में 35 किलोग्राम तक सामान ले जा सकते हैं।

इसके अलावा रेलवे पार्सल कार्यालय में अतिरिक्त भुगतान कर स्लीपर क्लास के यात्री 80 किलोग्राम और सेकेंड क्लास के यात्री 70 किलोग्राम सामान ले जा सकते हैं। रेलवे नियमों के मुताबिक अतिरिक्त सामान मालगाड़ी में रखने का नियम है।