Last Update On : 05 10 2018 09:40:28 PM
फाइल फोटो

इस जमानत के साथ ही सीबीआई जांच और उसकी पक्षधरता को लेकर भी तमाम सवाल उठने शुरू हो गए हैं। कहा जा रहा है कि वह इस मामले में पर्याप्त सुबूत नहीं जुटा पाई, जिस कारण राम रहीम को जमानत मिली है…

हरियाणा, जनज्वार। बलात्कार के दो मामलों में सलाखों में कैद गुरमीत राम रहीम को आज आए एक फैसले में अदालत ने जमानत दे दी है।

गौरतलब है कि बलात्कार के अलावा राम रहीम पर अपने 400 अनुयायियों को नपुंसक बनाने का मामला भी दर्ज किया गया था। हालांकि इस मामले में जमानत मिलने के बावजूद वह जेल से बाहर नहीं आ पाएगा, क्योंकि उस पर कई मामले दर्ज हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों अगस्त में पंचकूला की अदालत ने अपने अनुयायियों को नपुंसक बनाये जाने के मामले में गुरमीत राम रहीम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसने पंचकूला अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के समक्ष अपनी याचिका दायर की थी। सीबीआई अदालत ने ही आज उसकी जमानत याचिका को स्वीकार किया है।

इस मामले में यह भी तथ्य गौर करने वाला है कि इस वर्ष की शुरुआत में सीबीआई ने गुरमीत के 400 अनुयायियों को कथित रूप से जबर्दस्ती नपुंसक बनाये जाने के लिए राम रहीम सिंह और दो डॉक्टरों के खिलाफ एक आरोप पत्र दायर किया गया था।

राम रहीम के अलावा डॉक्टर पंकज गर्ग और डॉक्टर एमपी सिंह के खिलाफ आरोप लगाये गए थे। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि राम रहीम सिंह को बलात्कार के दो मामलों में अदालत ने दोषी ठहराया था और उसे 20 वर्ष जेल की सजा सुनाई गई थी।

आज सीबीआई के विशेष जज जगदीप सिंह की सीबीआई अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राम रहीम को जमानत दी है। राम रहीम द्वारा अपने अनुयायियों को नपुंसक बनाने का मामला जज सुनील राठी की अदालत में चल रहा था, मगर वहां याचिका रद्द होने के बाद राम रहीम ने जगदीप सिंह की अदालत में याचिका दायर की थी। हालांकि इस जमानत के साथ ही सीबीआई जांच और उसकी पक्षधरता को लेकर भी तमाम सवाल उठने शुरू हो गए हैं। कहा जा रहा है कि वह इस मामले में पर्याप्त सुबूत नहीं जुटा पाई, जिस कारण राम रहीम को जमानत मिली है।

राम रहीम फिलहालत रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। हाईकोर्ट ने डेरे के पूर्व साधु हंसराज चौहान की याचिका पर साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले में 23 दिसंबर 2014 को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। याचिकाकर्ता हंसराज चौहान ने दावा किया था कि डेरा में ईश्वर से मिलाने के नाम पर 400 साधुओं के अंडकोष काटकर उन्हें नपुंसक बनाया गया था।

हंसराज चौहान ने अपनी याचिका में कहा था कि डेरा प्रमुख राम रहीम के इशारे पर डेरा अस्पताल के डॉक्टरों की टीम साधुओं को नपुंसक बनाती थी, जिसके बाद उनसे भगवान के दर्शन होने की बात कही जाती थी।