Last Update On : 25 05 2018 02:43:00 PM

मई 1968 में पेरिस के लैटिन क्वार्टर में बारिकॉडिंग पे फर्श के पत्थरों को उछाल के विरोध करने वाली ये श्वेत श्याम तस्वीरें और छवियां अभी भी आधुनिक फ्रेंच इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षण को किस तरह परिभाषित करती हैं आप खुद देखिए…

जनज्वार। जैसा कि पिछले 2 सालों से पेरिस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, छात्रों और मज़दूरों के हड़तालों के नए चक्र का आगाज़ हुआ है, मई 1968 में सोरबोन की दीवारों पर उकेरे शब्दों ने फिर से क्रांतिकारी उत्साह का संचार किया है, “मुक्त हो जाओ, कामरेड, हमने पुरानी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है!

1 करोड़ से ज्यादा मजदूर शामिल थे मई 1968 के आंदोलन में

मई 1968 पचास साल बाद भी एक युगांतकारी और ऐतिहासिक पल बना हुआ है। फोटोग्राफर एलिसिया कैंटर ने उन सभी प्रमुख स्थानों की सैर की जो आंदोलन के केंद्रबिंदु थे और आज के समय और मई 1968 के दौर की तुलना की।

छात्र-युवा आंदोलन का वह ऐतिहासिक दिन और कान फिल्म महोत्सव

मई 1968 में पेरिस के लैटिन क्वार्टर में बारिकॉडिंग पे फर्श के पत्थरों को उछाल के विरोध करने वाली ये श्वेत श्याम तस्वीरें और छवियां अभी भी आधुनिक फ्रेंच इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षण को परिभाषित करती हैं।

साभार – गार्डियन
https://www.theguardian.com/artanddesign/2018/may/02/protests-in-paris-may-1968-photographs-then-and-now