पिछले 1 महीने से डाइकिन के मजदूर संघर्ष कर रहे हैं, मगर प्रशासन और प्रबंधन समझौता नहीं करवाना चाहते हैं। पुलिस प्रशासन की नाक तले इंडियन और जापानी जोन के हर एक कंपनी में श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है…

राजस्थान, जनज्वार। आज 17 फरवरी को राजस्थान के नीमराणा में ठेका कैजुअल अप्रेंटिस एफटीसी और अस्थाई मजदूरों ने अस्थाई मजदूर संघर्ष रैली निकाली।

सुबह 11:00 बजे जब नीमराणा के अलग-अलग कंपनियों के हजारों मजदूर रैली को लेकर बाबा खेतानाथ धर्म कांटा नीमराणा पर इकट्ठा हुए तो पुलिस ने मजदूरों को जापानी जोन में घुसने से रोक दिया। काफी देर तक पुलिस और मजदूरों के बीच में गहमागहमी होती रही। पुलिस ने जापानी जोन में घुसने पर लाठी चार्ज करने की धमकी दी।

काफी मशक्कत के बाद रैली जापानी जोन होते हुए इंडियन जोन होकर नीमराणा एसडीम ऑफिस तक पहुंची। एसडीएम ऑफिस पर सभा के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।

रैली के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। लगभग 400 से 500 पुलिसकर्मी कमांडो रैपिड एक्शन फोर्स नीमराणा में तैनात थी।

रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पिछले 1 महीने से डाइकिन के मजदूर संघर्ष कर रहे हैं, मगर प्रशासन और प्रबंधन समझौता नहीं करवाना चाहते हैं। पुलिस प्रशासन की नाक तले इंडियन और जापानी जोन के हर एक कंपनी में श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। ठेका मजदूरी, अपरेंटिस और एफटीसी के नाम पर मजदूरों से नाम मात्र की मजदूरी पर गुलामी करवाई जा रही है।

संग्रामी मज़दूर यूनियन व मज़दूर संघर्ष समिति ने माँग की है कि ठेका, अस्थायी, फिक्स्ड टर्म रोज़गार व 6-8 महीने या साल भर के काम के बाद छटनी की प्रथा खत्म हो। परमानेंट काम में परमानेंट सुरक्षित रोजगार, समान काम का समान वेतन दिया जाए।

नीमराणा सहित पूरे एनसीआर में दिल्ली सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मज़दूरी 14,000 रुपये तत्काल लागू की जाए। नीमराना क्षेत्र में ठेका-कैजुअल-फिक्स्ड टर्म-अस्थायी मज़दूरों के यूनियन के अधिकार को मान्यता दी जाए। साथ ही कम्पनी द्वारा मज़दूरों में स्थायी-ठेका, पुरुष-महिला या लोकल-प्रवासी विभाजन को ख़त्म किया जाए।

इस सभा को संग्रामी मजदूर यूनियन से खुशीराम, मजदूर सहयोग केंद्र से अमित, मजदूर संघर्ष समिति से राजपाल, सुरेंद्र, टोयोटा गोसाई से अनिल, मजदूर बिगुल से श्याम, सीटू से भंवर सिंह शेखावत इत्यादि ने संबोधित किया।


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