Last Update On : 07 06 2018 12:59:43 PM

संघ के कार्यक्रम में शिरकत करने पर बेटी शर्मिष्ठा समेत तमाम दिग्गज कांग्रेसियों ने किया विरोध

जनज्वार, दिल्ली। आज पूरे देशभर के मीडिया की नजर नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय पर टिकी हुई है। यहां पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शाम करीब 6.30 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह को संबोधित करने वाले हैं।

मगर उससे पहले ही संघ की आगंतुक पुस्तिका में केशव बलिराम हेडगेवार को उन्होंने भारत मां का महान बेटा बताते हुए यह लिखकर उन्होंने सनसनी फैलाने का काम किया है कि ‘आज मैं यहां मदर इंडिया के एक महान बेटे को अपना सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करने आया हूं।’

गौरतलब है कि जब प्रणब मुखर्जी संघ के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे तब वहां तकरीबन 700 स्वयंसेवक मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के बतौर संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद हैं।

जब कल 6 जून को प्रणब मुखर्जी नागपुर पहुंचे, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह भैयाजी ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे पर प्रणब मुखर्जी की अगुवानी करने वालों में नागपुर महानगर संघचालक राजेशजी लोया और विदर्भ प्रांत के सह कार्यवाह अतुल मोघे भी थे।

प्रणब मुखर्जी की बेटी के बीजेपी ज्वाइन करने की खबर मीडिया में हुई वायरल, शर्मिष्ठा बोलीं कांग्रेस छोड़ने से बेहतर राजनीति ही छोड़ दूं

जब से प्रणब मुखर्जी ने आरएसएस का निमंत्रण स्वीकार किया है, तभी से इस पर घमासान मचा हुआ है। पूर्व राष्ट्रपति की बेटी समेत कई कांग्रेस दिग्गजों ने इसका विरोध किया है। मीडिया में खबरें यह भी वायरल हुईं कि बेटी शर्मिष्ठा को प्रणब बीजेपी ज्वाइन करवाना चाहते हैं इसलिए उन्होंने आरएसएस का निमंत्रण स्वीकार किया।

कल तो पूरे मीडिया में यह खबर वायरल थी कि शर्मिष्ठा भाजपा की टिकट पर कहां से चुनाव लड़ेंगी। हालांकि बाद में ट्वीटर पर शर्मिष्ठा ने इसे मात्र कोरी अफवाह करार देते हुए पिता के संघ के कार्यक्रम में जाने का विरोध किया था और कहा था कि बीजेपी ज्वाइन करने से अच्छा है कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं।

पिता प्रणब मुखर्जी के आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने पर शर्मिष्ठा ने ट्वीट करते पिता को नसीहत दी कि उम्मीद है आज कि घटना के बाद प्रणब मुखर्जी इस बात को मानेंगे कि बीजेपी किस हद तक गंदा खेल सकती है। यहां तक ​​कि आरएसएस भी इस बात पर विश्वास नहीं करेगा कि आप अपने भाषण में उनके विचारों का समर्थन करेंगे। भाषण तो भुला दिया जाएगा, लेकिन तस्वीरें बनी रहेंगी और उनको नकली बयानों के साथ प्रसारित किया जाएगा।