Last Update On : 08 09 2018 09:42:13 PM

लेवर पेन के दौरान हुई मौत पर जहां परिजनों ने अस्पताल को किया कठघरे में खड़ा तो डॉक्टर बोले हार्ट अटैक से गई गर्भवती की जान

झारखंड, खरसावां। अस्पतालों की लापरवाहियों की खबरें हमेशा सुर्खियों में छाई रहती हैं, फिर चाहे वह प्राइवेट अस्पताल हों या फिर सरकारी। आए दिन की घटनाओं से लगता है कि मरीजों की जान डॉक्टरों के लिए कोई मायने नहीं रखती, इसीलिए तो लाश तक का सौदा किया जाता है।

हालिया मामला झारखंड के खरसावां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है, जहां प्रसव के लिए आई एक महिला की मौत हो गई। प्रभात खबर में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक शुक्रवार 7 सितंबर की रात करीब नौ बजे खरसावां के बेहरासाही निवासी शांतनु नापीत की 35 वर्षीय पत्नी सीमा नापीत को प्रसव के लिए खरसावां सीएचसी में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात लेवर पेन के दौरान गर्भवती की मौत गयी।

प्रसव के दौरान जान गंवाने वाली सीमा के पति शांतानु नापीत के मुताबिक अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात नर्सों की लापरवाही से उनकी पत्नी की जान गई। साथ ही उन्होंने सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उन्होंने रात को ड्यूटी पर तैनात नर्सों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

वहीं इस मौत पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एसएल मार्डी कहते हैं कि गर्भवती के इलाज में अस्पताल में किसी तरह की कोताही नहीं बरती गयी थी। गर्भवती सीमा की मौत हृदय गति रुक जाने के कारण हुई है।

महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हो—हल्ला मचाया। मामले की नाजुकता को देखते हुए सांसद प्रतिनिधि विजय महतो ने अस्पताल का दौरा किया और परिजनों को आश्वस्त किया कि इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।