राहुल बोले, आप मुझे गाली दे सकते हैं, आप मुझे पप्पू कह सकते हैं, मगर मेरे भीतर किसी तरह की घृणा नहीं है। मैं आपके भीतर से घृणा को निकाल फेंकूंगा और प्यार भर दूंगा और तुरंत मोदी को झप्पी दे दी…

जनज्वार, दिल्ली। संसद में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दी गई झप्पी पर भाजपा के वरिष्ठ नेता जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर उबले हैं उससे लगता है राहुल गांधी ने जादू की झप्पी देते हुए कान में जो मोदी से कहा, वो इस प्रकार से होगा… ‘मोदी जी एक हाथ से देश को लूटते हैं, दूसरे हाथ से देश को फोड़ते हैं…एक भाषण में विदेशी धन लाते हैं…दूसरे भाषण में लूटने वालों को विदेश पहुंचा आते हैं… हे फेंकू महोदय! इतनी नफरत कहां से लाते हैं…कहां से लाते हैं… कहां से लाते हैं…’

खैर! संसद में मोदी को झप्पी देने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार को घेरा। राहुल गांधी देश में महिलाओं के ऊपर अत्याचार, गैंगरेप और मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर पीएम मोदी और केंद्र में सत्तासीन बीजेपी सरकार से सवाल कर रहे थे। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वह इन मुद्दों पर कभी कुछ नहीं बोलते।

एक तरफ जहां राहुल ने मोदी को सवालों को कटघरे में खड़ा किया वहीं, मोदी, बीजेपी और आरएसएस का आभार व्यक्त किया कि इन लोगों ने उन्हें कांग्रेसी होने का मतलब समझाया। साथ ही कहा कि पूरा विपक्ष मिलकर प्रधानमंत्री को चुनाव में हराने जा रहे हैं।

राहुल बोले, ‘आप सोचेंगे कि मेरे दिल में प्रधानमंत्री के खिलाफ गुस्सा है, क्रोध है, मगर मैं दिल से कहता हूं कि मैं प्रधानमंत्री, बीजेपी और आरएसएस का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे कांग्रेस होने का मतलब समझाया। इन्होंने मुझे हिंदुस्तानी होने का मतलब समझाया। हिंदुस्तानी होने का मतलब है कि चाहे कोई आलोचना करे, बुरा कहे, कुछ भी कहे, कुछ नहीं कहना है। अपना काम करते जाना है। मैं दिल धन्यवाद करना चाहता हूं क्योंकि आपने मुझे मेरा धर्म, हिन्दू होने का मतलब, शिवजी का मतलब समझाया, इससे बड़ी कोई बात नहीं हो सकती.’

राहुल ने मोदी को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप मुझे गाली दे सकते हैं, आप मुझे पप्पू कह सकते हैं, मगर मेरे भीतर किसी तरह की घृणा नहीं है। मैं आपके भीतर से घृणा को निकाल फेंकूंगा और प्यार भर दूंगा।’ इसके तुरंत बाद राहुल मोदी के पास पहुंचे और उन्हें गले लगा लिया। जैसे ही राहुल गांधी ने पीएम मोदी को जादू की झप्पी देते हुए गले लगाया, वैसे ही पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सदन में मौजूद सभी सांसद ठहाके लगाते हुए तालियां बजाने लगे।

हालांकि जादू की झप्पी कांड के बाद तरह—तरह की टिप्पणियां भी सामने आईं। मोदी सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर ने राहुल गांधी के पीएम के पास जाकर गले मिलने पर कहा, यह संसद है, मुन्ना भाई का झप्पी वाला एरिया नहीं है।

वहीं बीजेपी सांसद किरण खेर ने कहा, ‘राहुल गांधी को शर्मिंदा होना चाहिए, वह बिना किसी सबूत के हमारे मंत्रियों को टारगेट नहीं कर सकते। वह संसद में नाटक कर रहे थे और मोदी जी को गले लगा रहे थे। मुझे लगता है कि उनका अगला कदम बॉलीवुड होगा। हमें उसे वहां भेजना होगा।’

वहीं भाजपा के केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार को राहुल की झप्पी इतनी खली कि उन्होंने कहा कि राहुल का व्यवहार बचपने से भरा था। राहुल बूढ़े हो गये हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह बड़े नहीं हुए हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि कांग्रेस का अध्यक्ष इतना अस्पष्ट और अपरिपक्व है।’