Last Update On : 06 09 2017 10:04:00 AM

जयपुर। राजस्थान सरकार ने अस्पतालों के बाद अब शिक्षा को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली है। कल 5 सितंबर को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने कैबिनेट की अध्यक्षता करते हुए स्कूली शिक्षा में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) 2017 को मंजूरी दे दी है।

पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौर ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत सरकार 300 सरकारी स्कूलों को निजी संस्थानों को सौंप रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जो शिक्षक इन 300 स्कूलों में पढ़ा रहे हैं उनका ट्रांसफर दूसरे सरकारी स्कूलों में कर दिया जाएगा।

वसुंधरा राजे के मुताबिक सरकार ने यह फैसला शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लिया है। सरकार इसमें आदर्श, संभागीय और जिला मुख्यालयों के सरकारी विद्यालयों को इस योजना में शामिल नहीं करेगी। निजी हाथों में सौंपे गए विद्यालयों में छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

मध्य प्रदेश में पहले ही हो चुकी है यह कवायद

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग 2015 में अपने 1.21 लाख स्कूलों का संचालन निजी हाथों में सौंपने की कवायद कर चुका है। तब सरकार ने कहा था कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर यह प्रयोग अगले शिक्षा सत्र (2016-17) से एक जिले में किया जाएगा। यदि प्रयोग सफल रहा, तो फिर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।