Last Update On : 28 10 2018 07:32:07 AM
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा के साथ बलात्कार का आरोपी दाती

जीवन की मुश्किलों का जब सरकार और समाज हल नहीं कर पाते व सरकार अपराधियों के साथ गलबहियां करने लगती है तो मजबूर इंसान अंधविश्वास में कहां—कहां मारा जाता है, उसका जीता—जागता उदाहरण है दाती महाराज

वरिष्ठ पत्रकार जे.पी.सिंह की रिपोर्ट

स्वयंभू बाबा दाती महाराज की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने स्वयंभू बाबा दाती महाराज के खिलाफ अपने आश्रम में रहने वाली एक शिष्या के साथ कथित रूप से बलात्कार और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का मामला दर्ज किया है।

दाती महाराज का दक्षिण दिल्ली में एक मंदिर है। दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सीबीआई मामले की जांच कर रही थी। दक्षिण दिल्ली में फतेहपुर बेरी पुलिस थाने में एक शिष्या की शिकायत पर दाती महाराज, उनके तीन भाइयों और एक महिला के खिलाफ कथित रूप से बलात्कार और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का मामला दर्ज किया गया।

केंद्रीय सतर्कता आयोग की अनुशंसा पर सरकार द्वारा सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से सभी अधिकार वापस ले लेने के मध्यरात्रि के ड्रामे के बाद संभवत: एजेंसी ने यह पहला मामला दर्ज किया है।

दिल्ली और राजस्थान में अपने आश्रम में शिष्या के साथ बलात्कार के आरोपी दाती महाराज से पुलिस ने 22 जून को पूछताछ की थी। उन्हें दाती मदनलाल के नाम से भी जाना जाता है। आरोपी का दावा था कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने शिकायतकर्ता महिला की याचिका सीबीआई को हस्तांतरित करने की अनुमति दी थी और कहा था दिल्ली पुलिस जिस तरह मामले की जांच कर रही है, उसने ‘जांच को सवालों के घेरे में’ ला दिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले दाती महाराज के खिलाफ अक्टूबर की शुरूआत में बलात्कार का केस दर्ज किया गया था।दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने साकेत कोर्ट में आईपीसी की धारा 376, 377 के तहत चार्जशीट फाइल की थी।

स्वयंभू बाबा दाती महाराज के आश्रम में रहने वाली एक शिष्या ने दाती महाराज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पीड़िता का बयान दर्ज किया था।

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पीड़िता का आरोप है कि आश्रम में ना सिर्फ दाती महाराज बल्कि उनके अन्य सेवकों ने भी उसके साथ बलात्कार किया।महिला शिष्या का कहना है कि करीब दो साल पहले शनि धाम के अंदर उसका यौन शोषण किया गया।

डर के कारण उसने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, अब उसने इस उत्पीड़न के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पीड़िता ने बताया था कि वह करीब दो साल पहले आश्रम से भाग गई थी और लंबे समय से डिप्रेशन में थी, डिप्रेशन से उबरकर उसने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई और उसके बाद आगे का कदम उठाया।

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दाती महाराज के खिलाफ 7 जून को शिकायत दर्ज कराई गई थी और 11 जून को मामले में एक एफ़आईआर दर्ज की गई थी। दाती महाराज से पुलिस ने 22 जून को भी करीब 8 घंटों तक पूछताछ की थी। उन्होंने हालांकि खुद को फंसाए जाने का दावा किया था। पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने दाती महाराज के छोटे भाई का भी नाम लिया।

चरण सेवा के नाम पर पहनाए जाते थे सफेद कपड़े
पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि उसे चरण सेवा के नाम पर उस रात सफेद कपड़े पहनाए गए थे। उसे एक अंधेरे गुफा जैसे कमरे में भेजा गया था। दाती महाराज ने उससे कहा था कि मैं तुम्हारा प्रभु हूं। फिर भला क्यों इधर-उधर भटकना। मैं सब वासना खत्म कर दूंगा। दुष्कर्म करने के बाद बाबा ने उससे कहा कि अब तुम्हारी पूजा पूरी हो गई है। विरोध करने और उसे रेप कहने पर दाती महाराज की करीबी महिला शिष्याएं पीड़िता का माइंडवॉश करने का काम करती थीं।

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दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जाँच
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने इस केस की जांच अपने हाथों में ली थी। दाती महाराज की एक शिष्या ने उन पर रेप का आरोप लगाया था। शिष्या का आरोप है कि दाती महाराज ने दिल्ली और राजस्थान स्थित अपने आश्रम में दुष्कर्म को अंजाम दिया था। 22 जून पुलिस ने दाती महाराज उर्फ दाती मदनलाल से पूछताछ की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई एक अनुपूरक आरोपपत्र दाखिल कर सकती है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को तीन सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

दिल्ली हाई कोर्ट से पीड़िता ने केस को सीबीआई को सौंपने की मांग की थी। इस केस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि दिल्ली पुलिस जिस तरह से मामले की जांच कर रही है उससे जांच प्रक्रिया पर सवाल उठता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शिष्या से दुष्कर्म के आरोपी दाती महाराज को अब तक गिरफ्तार नहीं किए जाने पर पुलिस को फटकार भी लगाई थी । हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की अब तक की जांच पर असहमति जताते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया । इस मामले में पीड़िता ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।

दिल्ली पुलिस दाखिल कर चुकी है चार्जशीट
हालांकि, दिल्ली पुलिस 1 अक्तूबर को ही दाती व उसके सौतेले भाइयों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। दिल्ली पुलिस ने एक अक्तूबर को दाती महाराज व उसके तीन सौतेले भाइयों के खिलाफ दायर चार्जशीट में कहा है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने लायक साक्ष्य जांच के दौरान नहीं मिले हैं।चार्जशीट केवल पीड़िता के पुलिस व कोर्ट को दिए बयान के आधार पर दाखिल की गई है। इसमें आरोपियों, उनके सहयोगियों व अन्य लोगों के मोबाइल रिकार्ड की फॉरेंसिक रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा पुलिस ने किया है।