Last Update On : 05 08 2018 12:35:53 PM

कहा पत्रकारों पर हमला इसलिए क्योंकि सरकार सड़क पर आवाज उठाने वालों को बताना चाहती है कि हम कुछ भी करें अपना मुंह रखना बंद…

जनज्वार। एनडीटीवी के चर्चित एंकर और भक्तों की आंखों के कांटा बन चुके पत्रकार रवीश कुमार कहते हैं कि असल कारण तो चैनल छोड़ने वाले पत्रकारों से पता चलेगा, लेकिन उनका निकाला जाना कुछ गंभीर संकेत करता है।

‘आप का मेहता’ नाम के ट्वीटर एकाउंट से रवीश कुमार का एक वीडियो शेयर किया गया है। रवीश कुमार इस वीडियो में कहते हैं, ‘एबीपी न्यूज़ से पुण्य प्रसून और मिलिंद खांडेकर के इस्तीफे पर भी लोग मजे लेते हुए कह रहे हैं कि क्रांतिकारी पत्रकार नहीं होना चाहिए। कौन पत्रकार क्रांतिकारी है, यह तो एक नॉर्मल मुद्दा था कि प्रधानमंत्री के मन की बात में एक झूठ बोला।

जिस महिला को फीड कर मन की बात में झूठ बुलवाया गया बाद में उस महिला ने पत्रकार को कुछ और सच्चाई बताई। तो यह कोई क्रांतिकारी पत्रकारिता नहीं, नॉर्मल पत्रकारिता है। अगर नॉर्मल पत्रकारिता की सजा इतनी बड़ी हो जाएगी तो फिर लोगों को समझना चाहिए कि सरकार के दबाव में इन पत्रकारों को एबीपी न्यूज ने निकाल बाहर किया है। पहले भी इस तरह की कुछ घटनाएं हुई हैं, जिनमें सरकार की भूमिका के बारे में चर्चा सुनने में आई।

यहां मामला सिर्फ एबीपी न्यूज से तीन-चार पत्रकारों को निकाले जाने का नहीं है, बल्कि यह पूरी पत्रकार बिरादरी का मुद्दा है। लोगों को समझना होगा कि जिनका काम है सच को सामने लाना वो सवाल उठाने पर अगर हटाए जा सकते हैं तो जो लोग सड़क पर सवाल उठा रहे हैं अगर वो सोच रहे हैं कि हमेशा सवाल उठा पाएंगे तो वो बहुत बड़े भ्रम में हैं।

कुल मिलाकर यह समाज का नुकसान है। पत्रकारों पर यह हमला किया ही इसलिए जा रहा है कि सड़क पर आवाज उठाने वाले लोगों को बताया जा सके कि देखो जो हाल इन पत्रकारों का किया है तुम्हारा हाल भी वैसा ही होगा। वैसे भी मीडिया का मैदान पर सरकार ने फतह पा ही ली है।