Last Update On : 20 06 2018 01:04:28 PM

महिला के जेठ—जेठानी, भतीज—भतीजी ने घर में घुसकर की जान से मारने की कोशिश, पहले घोटा गला फिर चरित्रहीन कहते हुए घसीटते हुए की इतनी घटिया हरकत की इंसानियत भी हो जाए शर्मसार, बीचबचाव करने आए पड़ोसियों के साथ भी की मारपीट, पुलिस की भूमिका संदिग्ध

संजय रावत की रिपोर्ट

उत्तराखण्ड के रुद्रपुर में एक सूदखोर परिवार ने अपने ही घर की महिला को वीभत्स तरीके से जान से मारने की कोशिश की। मामला है रुद्रपुर ट्रांजिट कैम्प थाने के मुखर्जी नगर वार्ड नंबर-1 का। यहां रहने वाली विनीता राय का उसके जेठ, जेठानी, भतीजी-भतीजों ने घर में घुसकर पहले गमछे से गला घोटा, मारते—पीटते घर से बाहर लाये और बाल काटे और नमक—मिर्च के साथ योनि में ठूंस दिए।

शारीरिक और मानसिक तकलीफ से जूझती विनीता हल्द्वानी के राजकीय चिकित्सालय में अब मौत से लड़ाई लड़ रही है। विनीता की इस हालत के जिम्मेदार सिर्फ वह सूदखोर परिवार ही नहीं, बल्कि रुद्रपुर का पुलिस प्रशासन और राजनीतिक गलियारे भी हैं, जो सूदखोरों के चंद टुकड़ों के लिए इंसानियत को शर्मसार किये रहते हैं।

ऐसा इसलिए क्योंकि 3 दिन बाद मीडिया की दखलंदाजी के चलते थाने में रिपोर्ट दर्ज हो सकी है। इस घटना को अंजाम देने के लिए सूदखोर परिवार ने पहले रणनीति पर खासा काम भी किया, जिसके तहत विनीता को चरित्रहीन साबित करने की कोशिश की गई। ये दिमाग उस परिवार को पुलिस ने दिया या राजनीतिक भेड़ियों ने कहा नहीं जा सकता, पर घटनाक्रम बताता है कि साजिशन मारने के तरीके सूदखोरों के नहीं हो सकते।

रुद्रपुर ट्रांजिट कैम्प थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए घेराव करते लोग

विनीता को मारन के प्रयास के पीछे कोई बड़ी वजह नहीं, बल्कि जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा है जिसमें बनी झोपड़ी में वो मेहनत—मजदूरी करके अपने बच्चों को पालती है।

क्या था घटनाक्रम
17 जून की सुबह 9:30 बजे विनीता बैंक में पैसे जमा करने के लिए निकल ही रही थी तो उसकी बेटी ने कुछ खाने को मांगा और विनीता ने भगौने में मैगी चढ़ा दी। इतने में उसके जेठ अमन राय, जेठानी कल्याणी राय और उनकी बेटी पारो ने गमछे से विनीता का गला घोंटा और डंडों से पीटते हुए बाहर लाये और साजिश के तहत चरित्रहीन कहते हुए पहले उसके बाल काटे।

इतनी देर में अमन राय के दोनों बेटे अजीत और सुजीत भी आ गये, जिसमें से सुजीत और पारो ने विनीता के हाथ—पांव पकड़े और सुजीत और कल्याणी ने काटे गए बाल नमक—मिर्च के साथ विनीता के गुप्तांग में ठूंस दिए। पड़ोसियों के बीचबचाव पर अमन राय और उसके दोनों बेटे पड़ोसियों को ही पीटने लगे।

नृशंसता की हद पार करने के बाद भी अजीत के परिवार का मन नहीं भरा तो बेहोश विनीता को घसीटते रहे और चिल्लाते रहे कि ये चरित्रहीन औरत है।

पुलिस का रवैया
इस प्रकरण में पुलिस प्रशासन सूदखोर अमन के परिवार के पक्ष में खड़ा नजर आया। पहले तो 3 दिन तक रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की, जब रिपोर्ट दर्ज भी की तो रात को मुल्जिमों को छोड़ दिया गया। रात 12:30 बजे बदहवास विनीता के बयान लेने के बहाने उस पर दबाव बनाया गया की अमन राय के बेटों अजीत और सुजीत की जगह गांव वालों के नाम लिखवाओ। ये नहीं किया तो तुम्हारे लिए ठीक नहीं होगा।

दूसरी तरफ प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसियों का कहना है कि अजीत और सुजीत विनीता को सबसे ज्यादा मार रहे थे। इन दोनों ने बीच बचाव करने वाले पड़ोसियों को भी खूब मारा, और अब पुलिस अपराधियों की पैरवी में ही जुटी हुई है।

….क्रमश: