Last Update On : 15 02 2018 10:22:00 AM

आरोपी छात्र को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत निकाला था स्कूल से, इसी बात की खुन्नस में दिया गोलीकांड को अंजाम, मरने वालों में 12 स्कूली बच्चे शामिल

स्कूली छात्रों—युवाओं, किशोरों द्वारा दी जा रही हिंसक घटनाओं का आंकड़ा देख लगता है कि हमारा समाज लगातार गर्त की तरफ जा रहा है। भारत ही नहीं विदेशों में भी ऐसी घटनाएं भारी तादाद में हो रही हैं। विकसित देशों में पहले पायदान पर शुमार अमेरिका भी इससे अछूता नहीं है।

हालिया मामला अमेरिका के फ्लोरिडा स्कूल की है, जहां एक स्कूल के पूर्व छात्र ने गोलीबारी की जिसमें स्कूली बच्चों समेत 17 लोगों के मौत की खबर मीडिया में छाई हुई हैं। गौरतलब है कि इस स्कूल में भारी संख्या में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के छात्र पढ़ाई करते हैं।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक अमेरिका स्थित फ्लोरिडा के हाईस्कूल में एक पूर्व छात्र द्वारा कल दिन में बुधवार 14 फरवरी को की गयी गोलीबारी में कई छात्रों समेत लगभग 17 लोग मारे गये हैं। घटना की छानबीन कर रहे के मुताबिक घटना को अंजाम देने वाले संदिग्ध पूर्व छात्र निकोलस क्रूज को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। साथ ही कहा है कि एफबीआई इस मामले की सही जांच के लिए स्थानीय अधिकारियों की मदद कर रही है।

19 वर्षीय क्रूज फ्लोरिडा के पार्कलैंड स्थित मारजोरी स्टोनमैन डगलस हाईस्कूल का पूर्व छात्र है और गोलीबारी की घटना को भी इसी स्कूल में अंजाम दिया गया है। क्रूज के पास से जांच में भारी मात्रा में राइफल की मैगजीन बरामद की गईं।

घटना के बाद फ्लोरिडा में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ब्रोवार्ड काउंटी शेरिफ स्कॉट इस्राइल ने कहा कि ‘इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम देने वाला निकोलस क्रूज हत्यारा है। फिलहाल उसे हिरासत में ले लिया गया है। हमने उसकी वेबसाइट और सोशल मीडिया की छानबीन शुरू कर दी है। उसके सोशल नेटवर्किंग साइट से जो बातें सामने आ रही हैं, वह वाकई बहुत परेशान करने वाली हैं।’

शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि क्रूज को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत मारजोरी स्टोनमैन डगलस हाईस्कूल से निकाल दिया गया था।

घटना की जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक क्रूज को पुलिस को सौंप दिया गया है। इस घटना में स्कूल भवन के भीतर 12 छात्रों और स्कूल के बाहर दो अन्य लोगों तथा स्कूल के बाहर सड़क पर एक व्यक्ति की गोलीबारी में मौत हो चुकी है। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल दो अन्य ने इलाज के दौरान हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। हालांकि अभी भी इस गोलीकांड में कितने लोगों की मौत हुई है, इसका सही—सही आंकड़ा सामने नहीं आ पाया है।