पीड़ित आंदोलनरत मजदूर ने लिखा क्या फायदा ऐसी भारतीय जनता पार्टी के राज का जिसके कई विधायक-नेता हमारे समर्थन में आए, लेकिन झूठा आश्वासन देकर गायब हो गए…

स्पार्क मिंडा के अनशनरत मजदूर गोबिंद सिंह की रिपोर्ट

आज एक बार फिर स्पार्क मिंडा के हम श्रमिकों के साथ हो रहे अन्याय से पता चला कि भारतीय मजदूर संघ और भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस लोकतंत्र की हत्या हो रखी है।

स्पार्क मिंडा का मैनेजमेंट कहता था कि यह सरकार, यह शासन प्रशासन सब हमारी मुट्ठी में है। आज स्पार्क मिंडा मैनेजमेंट कि वह बात सच हो गई।

95 दिनों से धरने में बैठे और 24 दिन भूख हड़ताल करने के बाद भी श्रमिकों के साथ बिल्कुल न्याय नहीं हो पाया। क्या फायदा इस भारतीय जनता पार्टी सरकार का, क्या फायदा इस भारतीय मजदूर संघ के साथ जुड़े होने का? डूब मरना चाहिए ऐसे संगठनों को, ऐसी पार्टियों को। इन पार्टियों के साथ जुड़े होने के बाद भी श्रमिकों के साथ अन्याय हुआ।

सरकार सत्ता में आने के बाद भी श्रमिकों का भला नहीं कर पाई। सभी श्रमिकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी सरकार को सत्ता में नहीं लाया जाएगा। ऐसे संगठन को आगे बढ़ावा नहीं दिया जाएगा जो मजदूरों के हित में काम नहीं करता है, जो चंद पैसों के लिए उनकी जेब में जाकर बैठा हुआ है। ऐसी भारतीय जनता पार्टी, ऐसे भारतीय मजदूर संघ को सत्ता में कभी नहीं लाया जाएगा।

गौरतलब है कि स्पार्क मिंडा के मज़दूर सत्ताधारी भाजपा से सम्बद्ध BMS से जुड़कर यूनियन बना रहे थे, लेकिन उन्हें बर्खास्तगी और गेटबन्दी झेलनी पड़ी। महिला-पुरुष श्रमिकों का 95 दिन लगातार धरना और 24 दिन लगातार अनशन के दौरान सिवाय झूठे आश्वासन और दमन के कुछ हासिल नहीं हुआ। यह अपील मिंडा श्रमिकों की पीड़ा, दर्द की बानगी है।

सवाल है कि आखिर किस तरह का शासन—प्रशासन इस समय रुद्रपुर के क्षेत्र में आया हुआ है, जिसने 24 दिन भूखा होने के बाद भी श्रमिकों के साथ न्याय नहीं किया। क्या फायदा ऐसी भारतीय जनता पार्टी का, जिसके कई विधायक, कई नेता हमारे समर्थन में आए, लेकिन झूठा आश्वासन देकर गायब हो गए?

क्या फायदा भाजपा के सत्ता में रहने के, जो एक छोटे से मैनेजमेंट को नहीं दबा पाया, जोकि 200 श्रमिकों के साथ न्याय नहीं कर पाया? क्यों बैठी है सत्ता में भारतीय जनता पार्टी? मिंडा के श्रमिकों का कहना है कि हम भारतीय जनता पार्टी का विरोध करते हैं और कभी भी इस पार्टी का साथ नहीं देंगे और इस पार्टी को उत्तराखंड से जड़ से उखाड़ कर फेंक देंगे।

भारतीय जनता पार्टी की सरकार कहती है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। 24 दिन हमारी बेटियां भूखी रहीं, मगर इस सरकार ने अपने नारे का कोई भी अच्छा उपयोग नहीं करा। सिर्फ कहने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया, लेकिन उस नारे पर भाजपाई कभी भी खरे नहीं उतरे।

कहते हैं युवा देश का भविष्य होता है, लेकिन युवाओं को 3 महीने से बेरोजगार करके रोड में फेंक रखा है।

उत्तराखंड की पूरी जनता से हमें उम्मीद और आशा है कि अपने बच्चों के साथ अन्याय मत होने दे। हम सब आपके बच्चों की तरह हैं। हमारे साथ न्याय करवाइए, हमें न्याय दिलाएं और इस लड़ाई में हमारा पूरा साथ दें!


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