Last Update On : 15 05 2018 06:59:00 PM

स्पिक मैके द्वारा प्रति वर्ष लगभग 5000 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन देश एवं विदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में हो रहा है, लेकिन इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मनोरंजन मात्र नहीं बल्कि युवाओं को सांस्कृतिक रूप से शिक्षित करना है….

स्पिक मैके अपने छठवाँ अन्तर्राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशन का आयोजन 3 जून से 9 जून तक आईआईटी खड़गपुर में हो रहा है। इस दौरान देशभर से आने वाले लगभग 1500 छात्र छात्राएं और संस्कृति प्रेमी आईआईटी परिसर के आश्रम जैसे वातावरण में एक सप्ताह व्यतीत करेंगे, जहां उन्हें अपनी जीती जागती संस्कृति के साक्षात का एक अविस्मरणीय अनुभव मिलेगा।

सम्मेलन में 20 से अधिक भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्यों की प्रस्‍तुतियाँ होंगी। पद्म भूषण पुरस्कार विजेता: प्रोफेसर टीएन कृष्णन, विद्वान टीवी शंकरनारायणन, बेगम परवीन सुल्ताना, पं. विश्व मोहन भट्ट, विद्वान विकु विनायकरम, जावेद अख्तर; पद्मश्री पुरस्कार विजेता : उस्ताद शाहिद परवेज, पं. उल्हास कशालकर, पं. अजय चक्रवर्ती, गुरु घनकांत बोरा, उस्ताद वासिफउद्दीन डागर, शबाना आज़मी, पं. सुरेश तलवलकर; केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेताओं: विदुषी श्रुति शाडोलिकर कटकर, विदुषी अश्विनी भिड़े देशपांडे, विद्वान शेषशट्टी शिवलिंगम, विदुशी प्रियदर्शिनी गोविंद; संगीत कलानिधि पुरस्कार विजेता: विद्वान एन रविकिरण आदि कुछ प्रसिद्ध कलाकार सम्मेलन में हिस्सेदारी करेंगे।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 1500 प्रतिनिधि शामिल होंगे। स्पिक मैके के पास 4000 से अधिक प्रतिभागियों का इसमें हिस्सा लेने के लिए अनुरोध आया था, जिसमें पूरे देश और विदेशों से पंजीकरण के बाद 1500 प्रतिनिधियों को चुना गया। आईआईटी खड़गपुर में उनके सभी बोर्ड और आवास के साथ सम्मेलन के अलावा दोपहर के कार्यक्रम और शाम संगीत कार्यक्रम सभी के लिए उपलब्‍ध होंगे। इनके अलावा अनुमानित 1000 अन्य लोग भाग लेंगे।

युवा वर्ग में साहित्य, संगीत, कला और अपनी संस्कृति के प्रति समझ और संवेदनशीलता लाने के उद्देश्य से 1977 में डॉ. किरण सेठ द्वारा स्थापित ‘स्पिक मैके’ यानी ‘सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडियन क्लासिकल म्यूज़िक ऐंड कल्चर अमंग्स्ट यूथ’ एक संगठन मात्र नहीं, बल्कि एक आन्दोलन है जो आज के युवा वर्ग को भारतीय पारम्परिक संस्कृति के मूल रूप से परिचित कराने को प्रतिबद्ध है।

पिछले चालीस वर्षों से स्पिक मैके के द्वारा शास्त्रीय संगीत और नृत्य एवं लोक कला के कार्यक्रमों तथा कार्यशालाओं का आयोजन देश के विभिन्न स्कूल तथा कॉलेजों में होता आ रहा है।

इसके अलावा क्लासिक फिल्मों का प्रदर्शन, कव्वाली, योग, विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों द्वारा वार्ता तथा ऐतिहासिक स्मारकों की पदयात्रा का भी आयोजन होता है। स्पिक मैके द्वारा प्रति वर्ष लगभग 5000 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन देश एवं विदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में हो रहा है, लेकिन इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मनोरंजन मात्र नहीं बल्कि युवाओं को सांस्कृतिक रूप से शिक्षित करना है।

अधिवेशन में छात्रों को दिग्गज कलाकारों के प्रदर्शन के साक्षी होने का तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत और उसकी गरिमा का अनुभव करने का एक दुर्लभ अवसर भी होगा, जब वे प्रतिष्ठित गुरुओं के साथ रहते हुए उनके नैतिक मूल्यों एवं विचारों को आत्मसात करेंगे। डॉ. किरण सेठ के अनुसार यह अधिवेशन भारत की समावेशी विरासत को समझने व सराहने का एक प्रयास है।