Last Update On : 07 10 2018 09:27:57 AM
आगजनी की भेंट चढ़े कमरे की हालत

योगी राज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन भी भगवा गुंडों के सामने नतमस्तक रहा। नहीं तो यह कैसे हो सकता था कि हार की बौखलाहट में खुलेआम छात्रों के सामान को इस तरह आग के हवाले कर दिया जाता…

अरविंद गिरी की रिपोर्ट

भारत की आॅक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 5 अक्टूबर को छात्रसंघ चुनाव परिणाम जारी होने के बाद देर रात कुछ अराजक तत्वों ने हालैंड हॉल छात्रावास में बम फेंके और आगजनी की घटनाओं का अंजाम दिया। शुरुआती छानबीन और जीत दर्ज करने वाले छात्र संगठन के मुताबिक आगजनी की घटनाओं को भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी के छात्रों ने अंजाम दिया है, क्योंकि वह अपनी हार पचा नहीं पा रहे थे।

इस संबंध में शुरुआती जांच और शिकायत के आधार पर पुलिस ने कल 6 अक्टूबर को 4 छात्रों को गिरफ्तार किया। कर्नलगंज थाने के क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा के मुताबिक छात्रसंघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव की शिकायत पर एबीवीपी अध्यक्ष पद प्रत्याशी अतेंद्र सिंह, सर्वेश, नीरज, अमित, विकास, गौरीशंकर, वरुण, सुधांशु, कौशलेंद्र, अनिल यादव, राहुल, शुभम, अंकुर, हरिनाम समेत 20 नामजद और करीब एक दर्ज अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इनमें से चार छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि जिन छात्रों को पुलिस ने ​अरेस्ट किया था वे लोग अवैध रूप से हॉस्टल में रह रहे थे। वहीं जिन लोगों के खिलाफ आगजनी और हिंसक गति​विधियों में संलिप्तता का आरोप लगाया गया है उनमें एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे अतेंद्र सिंह का भी नाम शामिल है।

चुनावों में जीत दर्ज करने वाले समाजवादी छात्रसंघ के कार्यकर्ताओं के मुताबिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी छात्रसंघ की चुनावी हार को बर्दाश्त नहीं कर पाये, इसलिए समाजवादी छात्र सभा के उदय प्रकाश यादव के अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बाद हालैण्ड हॉस्टल में निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश यादव के कमरे समेत 5 कमरों को भगवा गुंडों ने आग के हवाले कर दिया।

समाजवादी छात्रसभा से जुड़े छात्रों और नेताओं ने आरोप लगाया कि योगी राज में विश्वविद्यालय प्रशासन भी भगवा गुंडों के सामने नतमस्तक रहा। नहीं तो यह कैसे हो सकता था कि हार की बौखलाहट में छात्र—छात्राओं के सामान को इस तरह आग के हवाले कर दिया जाता।

शायद यह देशभर के विश्वविद्यालयों में मिल रही एबीवीपी की छात्र यूनियन को शिकस्त की बौखलाहट भी थी कि इलाहाबाद में इलेक्शन हारने के बाद पुलिस की मौजूदगी में छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश और अभी जीते उदय प्रकाश के हॉलैंड हॉस्टल स्थित कमरे के साथ तमाम कमरों को आग के हवाले कर दिया गया।

छात्रों की सारी किताबें, बिस्तर, रेक, कपड़े समेत तमाम अन्य सामान इस आगजनी में खाक हो गया। यहां तक कि छत तक जल गई। प्रत्यक्षदर्शी छात्र कहते हैं एबीवीपी के गुंडे नाम और जाति पूछ कर छात्रों को पीट रहे थे। कई गाड़ियों, साइकिलों को भी आग के हवाले कर दिया गया। गुंडई फैला रहे एबीवीपी के छात्र किस कदर सत्ता के नशे में चूर हैं इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि वे पुलिस के सामने से फायरिंग करते हुए निकल गए, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

छात्रों में इस घटना के बाद भारी रोष व्याप्त है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कमल कृष्ण रॉय कहते हैं, आखिर फासिज्म यही तो होता है। लोकतंत्र और जनादेश को पैर तले रौंदने, संविधान को जलाने, लिंचिंग—नरसंहार करने वाले इन अपराधियों के खिलाफ जनता खड़ी हो रही है। यह निहत्थी जनता से डरते हैं।

इस घटना को भगवा गुंडों का दुस्साहस करार देते हुए पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव कहते हैं, वर्तमान सरकार में छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

वरिष्ठ छात्रनेता आस्तिक तिवारी के मुताबिक भगवा गुंडों द्वारा हालैंड हॉस्टल में आगजनी सरकार और कालेज प्रशासन की सह पर की गई। आने वाले चुनावों में छात्र, नौजवान भाजपा सरकार को मुंहतोड़ जवाब देंगे और इस तानाशाह सरकार को सत्ता से बेदखल कर देंगे। वहीं आनंद प्रकाश यादव के का मानना है कि आगजनी करते समय जाति विशेष यानी हरिजन, मुस्लिम और यादव लडकों के कमरों को आग के हवाले किया गया, जिससे स्पष्ट है कि हार से बौखलाहट एबीवीपी के गुंडों ने यह अराजकता फैलाई है।