iCAN19 जनता के लिए ‘नेशनल इलेक्शन ड्यूटी’ जैसा, जिसके ज़रिये साफ़-सुथरे और अच्छे उम्मीदवार को चुनकर संसद भेजने में करेंगे मदद, इस तरह जनता करेगी देश की राजनीति को नई दिशा देने में अपना योगदान…

जनज्वार। स्वराज इंडिया स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने “राष्ट्रनिर्माण के लिए लोक अभियान, 2019” की राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत कर दी है। अभियान को #iCan19 का नाम दिया गया है, जो इसके अंग्रेज़ी नाम का संक्षिप्त रूप भी है। देशवासियों को एक पत्र लिखकर योगेंद्र यादव ने नागरिकों, संगठनों, आंदोलनों और पार्टियों को #iCan19 से जुड़कर आगामी लोकसभा चुनावों में राजनीतिक हस्तक्षेप करने की अपील की है।

आगामी लोकसभा चुनाव के सन्दर्भ में और इस अभियान को लेकर योगेंद्र यादव का कहना है कि ‘किसान और नौजवान भारत के भविष्य की दिशा दिखा रहे हैं। दुर्भाग्यवश इनकी दिखाई दिशा पर चलने की बजाय इनकी आवाज़ को दबाने के लिए देश को हिन्दू-मुस्लिम आग में झोंकने की तैयारी चल रही है। 2019 के चुनाव का समीकरण सीधा है या तो किसान और नौजवान, नहीं तो हिन्दू-मुसलमान। अगर यह चुनाव किसान और नौजवान के मुद्दों पर लड़ा जाता है तो जो भी सत्ता में आएगा, देश आगे बढ़ेगा। लेकिन अगर हिन्दू-मुसलमान को लड़ाकर चुनाव होता है तो जो भी जीते, भारत हारेगा।” इसलिए iCan19 ने नारा दिया है, ‘हिन्दू न मुसलमान, बस किसान-नौजवान।’

इस मुद्दे को लेकर स्वराज इंडिया द्वारा एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद वक्ताओं के मुताबिक इस अभियान से जुड़ने के लिए स्वराज इंडिया से कोई सम्बन्ध रखने की जरूरत नहीं है। इस अभियान के मुद्दे, समाधान और उम्मीदवार, कुछ भी स्वराज इंडिया द्वारा नहीं चुना जायेगा।

पार्टी अध्यक्ष योगेन्द्र यादव द्वारा पेश #iCAN19 के प्रस्ताव को प्रेस कांफ्रेंस में पढ़ा गया। योंगेन्द्र यादव ने प्रस्ताव में कहा है ‘पिछले छह साल में मैं देश के कोने-कोने में घूमा हूं, न जाने कितने नागरिकों से मिला हूं। देश बदलने के प्रयास में धूप-छांह, ऊंच-नीच बहुत कुछ देखा है। भारत की इस खोज ने मुझे एक आस्था दी है, हमारे देश में अद्भुत ऊर्जा है। लेकिन आज यह ऊर्जा बेबस है, सच्चाई के रास्ते पर चल रहा हर व्यक्ति अपने आप को अकेला महसूस करता है। समाज सुधार के संगठन दुकान बन गए हैं, पार्टियां गिरोह बन गयी हैं, विचारधाराएं दिमाग़ी कैद बन गयी हैं।’

स्वराज इंडिया के अनुसार iCAN19 एक मायने में किसी भारतीय नागरिक के लिए ‘नेशनल इलेक्शन ड्यूटी’ जैसा है, जिसके ज़रिये आप किसी साफ़-सुथरे और अच्छे उम्मीदवार को चुनकर संसद भेजने में मदद कर सकते हैं और इस तरह देश की राजनीति को नई दिशा देने में अपना योगदान कर सकते हैं। इस अभियान में शामिल होने वाले सभी वालंटियर्स को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस अभियान से किसान क्यों जुड़ेंगे? के बारे में स्वराज इंडिया का कहना है कि भले ही सरकार ने आंकड़ों और मीडियाबाज़ी के जरिए किसानों की आंखों में धूल झोंकने की पूरी कोशिश की, लेकिन देश का किसान अब इनके सारे खेल समझने लगा है, किसान-विरोधी सरकार को हराने के प्रण के साथ—साथ किसान-हितैषी होने का दावा करने वाली विपक्षी पार्टियों को डराने भी लगा है। पार्टी ने #iCAN19 को किसानों का चुनावी मंच बताते हुए कहा कि इस मुहिम का हिस्सा बनकर हमारे किसान बहन—भाई किसी पार्टी की नहीं, देश की सेवा करेंगे, किसी नेता का नहीं, अपना भविष्य निर्माण करेंगे।

उम्मीदवारों के चयन को लेकर कहा गया है कि एक स्वतंत्र पैनल द्वारा उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा, जिसमें सामाजिक जीवन में सक्रिय कुछ जाने—पहचाने तटस्थ तथा निष्पक्ष लोग शामिल होंगे। सभी चयनित उम्मीदवारों के प्रोफाइल iCAN19 के वॉलंटियर्स के साथ साझा किए जाएंगे। चुनाव में उम्मीदवारों की आवश्यकता तथा वॉलंटियर्स की प्राथमिकता के बीच संतुलन बनाते हुए वॉलंटियर्स को प्रत्याशी के साथ जोड़ा जाएगा।

इस पहल के बारे में पार्टी का कहना है कि आज 24 लाख से ज़्यादा नौकरियों के पद रिक्त पड़े हैं, रोज़गार के अवसरों में लगातार कमी की जा रही है और रिक्त पदों तक को भरने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। जो थोड़ी—बहुत नौकरियां आजकल निकलती भी हैं, वो मेहनत या मेरिट के बजाए पैसे और पैरवी का शिकार हो जाती हैं। हर भर्ती परीक्षा किसी न किसी तरह के भ्रष्टाचार का शिकार है।

छात्रों की सजगता से जब कोई अपराधी पकड़ में भी आ जाए तो असल सरगनाओं और बड़ी मछलियों को कोई भी नहीं छूता और युवाओं के भविष्य से खेलने का असामाजिक धंधा लगातार फलफूल रहा है। #iCAN19 की मुहिम ऐसे सभी युवाओं को मंच देगी जो राजनीति में हस्तक्षेप के जरिए देश में सार्थक परिवर्तन लाना चाहते हैं।


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