आरोपी शिक्षक की पोस्ट पर टिप्पणी करने वालों की भी सूची तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। भाजपा से जुड़े लोगों का कहना है कि जाकिर हुसैन ने इससे पहले भी आपत्तिजनक पोस्टें की हैं…

देवरिया, जनज्वार। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सेना के 46 जवानों के शहीद होने के बाद से सोशल मीडिया के लिए भी कड़े निर्देश जारी हो गए हैं कि यहां सेना के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट न करें। हालांकि यह नियम भक्तों और तथाकथित राष्ट्रवादियों पर लागू नहीं होते कि वो लोग किसी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी न करें।

सेना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के एक शिक्षक जाकिर हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसका लैपटॉप और मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी शिक्षक जाकिर हुसैन पर पुलिसिया कार्रवाई हिंदू युवा वाहिनी और भाजपा नेताओं की शिकायत पर की गई है।

मीडिया में आ रही जानकारी के मुताबिक आरोपी शिक्षक जाकिर हुसैन ने पुलवामा हमले के बाद सेना पर आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। जाकिर हुसैन पर कार्रवाई किए जाने को लेकर जो पत्र पुलिस को दिया गया है, उसमें भी लिखा है कि जाकिर हुसैन ने शहीदों के लिए ‘हरामी’ शब्द का प्रयोग किया था।

इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिक्षक जाकिर हुसैन को गिरफ्तार किया और उसका लैपटाप व मोबाइल कब्जे में ले लिया। इसकी जांच साइबर क्राइम सेल की टीम करेगी। पुलिस के मुताबिक फेसबुक पर जाकिर का समर्थन करने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे लोगों की भी लिस्ट बन रही है।

जानकारी के मुताबिक हिंदू युवा वाहिनी, बजरंग दल और भाजपा नेताओं ने शिकायत दर्ज कराई है कि बघौचघाट के बसडीला निवासी व पथरदेवा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक जाकिर हुसैन ने सोमवार 18 फरवरी को फेसबुक पर सेना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए शहीदों को ‘हरामी’ कहा है। शहीदों के अपमान वाली जाकिर हुसैन की फेसबुक पोस्ट को सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं, हिंदू युवा वाहिनी, बजरंग दल समेत अन्य भाजपा से जुड़े लोगों ने प्रसारित करना शुरू कर दिया।

भाजपा से जुड़े स्थानीय लोग इसके विरोध में हंगामा करने लगे। इनकी अगुवाई में आक्रोशित लोग बघौचघाट थाने पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। जाकिर हुसैन की फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट दिखाकर पथरदेवा के संजय सिंह पुत्र गुलाब सिंह की शिकायत पर बघौचघाट पुलिस ने जाकिर हुसैन के खिलाफ 153-ए, 505(3)(सी) और 502 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपित शिक्षक जाकिर हुसैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे पथरदेवा से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी के बाद भी भाजपा नेताओं की अगुवाई में बजरंग दल और हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े युवाओं ने जाकिर हुसैन के साथ मारपीट की कोशिश की। कहा जा रहा है कि जेल में उसके साथ मारपीट भी की गई।

इस घटना के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सहायक अध्यापक जाकिर हुसैन को निलंबित कर दिया गया है। इसी जांच के नाम पर पुलिस ने आरोपित शिक्षक का मोबाइल व लैपटाप अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस उसके फेसबुक एकाउंट को खंगाल रही है और आरोपी शिक्षक की पोस्ट पर टिप्पणी करने वालों की भी सूची तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। भाजपा से जुड़े लोगों का कहना है कि जाकिर हुसैन ने इससे पहले भी आपत्तिजनक पोस्टें की हैं।

मगर यहां एक सवाल खड़ा होता है कि जहां राष्ट्रभक्ति के नाम पर भाजपाई-संघी शहीदों के लिए गालियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दिन-रात गालियों से रवीश कुमार, बरखा दत्त जैसे तमाम पत्रकारों को ट्रोल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती।

रवीश कुमार को तो बाकायदा पोस्ट लिखनी पड़ती है कि पुलवामा हमले के बाद से भक्त लगातार उन्हें फोन, मैसेंजर, वाट्सअप, फोन पर संदेशों और फोन करके परेशान कर रहे हैं, आपत्तिजनक टिप्पणियों का प्रमाण तो रवीश कुमार की वॉल पर देखा ही जा सकता है, बावजूद इसके अभी तक इन कथित राष्ट्रभक्तों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


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