Last Update On : 20 08 2018 11:40:32 AM
हिंदूवादी के ब्रेन वाश का परिणाम गृह युद्ध : से मात्र आधाकिलोमीटर की दूरी पर छात्र नेता उमर खालिद पर गोली चलाने वाले ये नौजवान ऐसे बात कर रहे हैं मानो ये अपराधी नहीं बल्कि कोई क्रांतिकारी हों

वीडियो जारी कर खुद को बताया था हरियाणा का और अपनी करतूत को देशभक्ति का नाम दे दावा ठोका उमर खालिद जैसे जेएनयू के कुत्तों पर हमला अपने लिए नहीं पूरे देश के लिए किया…

जनज्वार। जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद पर कुछ दिन पहले हमला करने वाले और अपना गुनाह सोशल मीडिया पर डंके की चोट पर कबूलने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने हरियाणा से हिरासत में ले लिया है। इन दोनों न कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर उमर खालिद पर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए छाती ठोकी थी कि हम उमर खालिद को मारकर देश को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा देना चाहते थे।

पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए इन दोनों आरोपियों का नाम दरवेश शाहपुर और नवीन दलाल है। ये दोनों हरियाणा स्थित झज्जर के रहने वाले हैं।

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गौरतलब है कि पकड़े गए इन दोनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा था कि वे देश को उमर खालिद की जान लेकर एक तोहफा देना चाहते थे। साथ ही पुलिस प्रशासन को भी चेताते हुए कहा था कि वह हमें रास्ते में रोकने की कोशिश न करे और न ही किसी और को उमर खालिद पर हमला करने वाले के नाम पर पकड़े, नहीं तो अंजाम बुरा होगा।

इसी के साथ पुलिस के नाम यह भी संदेश दिया कि वे दोनों पंजाब के क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा के गांव में पुलिस के समक्ष खुद पेश होंगे और ऐसा करने के लिए पुलिस उन्हें समय दे।

जेएनयू के वामपंथी छात्र नेताओं को पागल कुत्तों की गैंग कह पकड़े गए युवा कहते दिखाई दे रहे हैं किदेश के संविधान में इन पागल कुत्तों को मारने का कोई कानून न्यायालय द्वारा जारी किया जाए। हमारे हरियाणा के बुजुर्गों ने हमें सिखाया है कि पागल कुत्तों को बिना देरी किये एडजस्ट कर दिया जाना चाहिए। दोनों युवा अपना नाम खुलेआम वीडियो में बताते हुए छाती ठोककर दावा कर रहे हैं कि हमने उमर खालिद पर गोली मारकर कोई गलत काम नहीं किया है, बल्कि देशभक्ति का सबूत दिया है।

गौरतलब है कि जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद पर 13 अगस्त को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब के बाहर गोली चलाई गई थी। हालांकि इस हमले में उमर खालिद को गोली नहीं लगी, मगर इसके बाद उन पर मंडरा रहा खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने खुद के लिए सुरक्षा की मांग की थी।

घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद लोगों के मुताबिक आरोपी ने उमर खालिद को धक्का मारकर उसपर गोली चलाई और मौके से फरार हो गया। बाद में जब इस घटना की सूचना दिल्ली पुलिस को दी गई तो मौके से पिस्तौल बरामद हुई थी।

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हमले के बाद उमर खालिद ने कहा था कि देश में खौफ का माहौल है और सरकार के खिलाफ बोलने वाले हर व्यक्ति को डराया-धमकाया जा रहा है।