Last Update On : 04 01 2018 10:11:00 PM

जाड़ा बीत रहा है लेकिन योगी सरकार बच्चों को स्वेटर नहीं बांट सकी, अभी टेंडर ही कर रही है क्योंकि उसका सारा जोर हिंदू—मुस्लिम वैमनस्य को बनाए रखने में है, उसी में बस योगी की हनक चलती है बाकि सब वादे हैं

लखनऊ, जनज्वार। लगता है उत्तर प्रदेश में पूर्ण हिंदूराज आ गया है। तभी तो योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मदरसों के लिए एक नया फरमान जारी किया है, जिसके तहत अब मदरसों को अनिवार्य रूप से दिवाली, होली, रक्षाबंधन और दशहरे समेत कुछ अन्य छुट्टियां अपने कैलेंडर में शामिल करनी होंगी। वहीं मदरसे के अधिकार में आने वाली 10 छुट्टियों को घटाकर 4 कर दिया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी योगी आदित्यनाथ मदरसों को लेकर फरमान जारी कर चुके हैं, जिनमें मदरसों में राष्ट्रगान गाने को अनिवार्य किया गया था, वहीं स्वतंत्रता दिवस के दिन पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाने का भी आदेश मदरसों को पारित किया गया था। योगी आदित्यनाथ सरकार मदरसों के आधुनिकीकरण के नाम पर जिस तरह के कदम एक के बाद उठा रही है, उससे मुस्लिम वर्ग खासा नाराज है।

गौरतलब है कि 2 जनवरी को जारी योगी सरकार के आदेश के मुताबिक मदरसों को अब अनिवार्य रूप से महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, रक्षाबंधन, महानवमी, दिवाली, दशहरा और क्रिसमस पर छुट्टी करनी होंगी।योगी सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि मुस्लिम त्योहारों के साथ—साथ दूसरे धर्मों के त्योहारों पर भी मदरसों को अनिवार्य रूप से बंद रखा जाए।

योगी सरकार के आदेश से पहले उत्तर प्रदेश के मदरसों में होली और अंबेडकर जयंती को छोड़कर सिर्फ मुस्लिम त्योहारों में अवकाश रहाता था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मदरसों के नये कैलेंडर में जहां योगी सरकार ने 7 नयी छुट्टियां जोड़ी हैं, वहीं मदरसों के अधिकार में रहने वाली 10 छुट्टियां जिन्हें ईद-उल-जुहा और मुहर्रम पर लिया जाता था, को घटाकर 4 कर दिया गया है।

योगी सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि मदरसों के अधिकार में आने वाली छुट्टियों को अब एक साथ नहीं लिया जा सकता। अगर इन्हें त्योहार के साथ लिया जाता है तो एक बार में एक ही छुट्टी ली जा सकेगी।

यूपी मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने योगी सरकार के इस कदम के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘पहले 10 दिन की छुट्टियां मदरसों के अधिकार में होती थीं, लेकिन इसे अब पहले से निर्धारित कर दिया गया है। अब महापुरुषों के जन्मदिन पर छुट्टी घोषित की गई है। मदरसों में अध्ययनरत छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वह इन महापुरुषों के बारे में जानें। सरकार का ऐसा आदेश देने के पीछे उद्देश्य मदरसों को बेसिक स्कूस एजुकेशन के बराबर करना है।’

योगी सरकार के इस आदेश से मदरसों में भारी रोष व्याप्त है। मदरसे से जुड़े लोग सरकार के इस फैसले को तानाशाहीपूर्ण फैसला करार दे रहे हैं।

इस निर्णय पर इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संगठन के अध्यक्ष एजाज अहमद कहते हैं, मदरसों के अधिकार में आने वाली 10 छुट्टियों को कम करना एकदम गलत है। मदरसा धार्मिक संस्थान हैं जहां पर अल्पसंख्यकों के अलग—अलग त्योहारों पर छुट्टियां देनी जरूरी होती है, पहले विवेकाधीन छुट्टियों का इस्तेमाल यहीं पर होता था। सरकार का अन्य धर्मों के त्योहारों पर छुट्टी देने का फैसला ठीक है, लेकिन हमारे अधिकार वाली 10 छुट्टियों को कम करना एकदम गलत है।