Last Update On : 27 09 2018 05:09:35 PM

अपनी गलती छिपाने के लिए बाद में नवजात बच्चे को ट्रे में डालकर ले गया अस्पताल स्टाफ डिलीवरी रूम में, नर्सों की बेरुखी के खिलाफ लोगों में भारी रोष

बाजपुर, जनज्वार। एक तरफ केंद्र व राज्य सरकारों के मुखिया गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ सेवायें देने का दंभ भर रहे हैं, वहीं दूसरी और बाजपुर के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में तैनात नर्सों की कारगुजारियों से मानवता को ही शर्मसार कर दिया। जिनकी करतूतों के चलते दो महिलाओं में से एक ने वार्ड में ही बच्चे को जन्म दे दिया, जबकि दूसरी महिला को चिकित्सालय परिसर में बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ही नहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें देने तथा सरकारी चिकित्सालयों में हर सुविधा प्रदान किये जाने की बातें कर रहे हैं। इसके बाद भी बाजपुर सीएचसी में तैनात स्वास्थ्य कर्मी उनकी इस घोषणा की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।

ऐसा ही एक नजारा उस समय देखने को मिला जब कल 26 सितंबर को महेशपुरा निवासी गर्भवती महिला की सास अपनी बहू का प्रसव कराने के लिए सीएचसी में लायी। उसी समय एक अन्य गर्भवती महिला को भी प्रसव के लिए लाया गया था, जिनके परिजनों ने मौके पर ड्यूटी पर तैनात नर्सों से बात की।

ग्राम महेशपुरा निवासी महिला को नर्सों ने वार्ड में बेड पर लिटा दिया तथा परीक्षण करने के बाद कहा कि अभी प्रसव का समय नहीं हुआ है, जबकि गर्भवती महिला दर्द से कराह रही थी। उसकी सास ने अनेक बार जाकर नर्सों के हाथ पैर जोड़ अपनी बहू को देखने का अनुरोध किया, जिस पर घमंड से चूर नर्सों ने वृद्धा को अपमानित कर भगा दिया।

इसी बीच वार्ड में तैनात एक अन्य महिला ने गर्भवती महिला को नीचे फर्श पर लिटा दिया तथा वार्ड में ही उसका प्रसव करा कराया, जिसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। सास ने जब यह जानकारी नर्सों को दी तो वार्ड में पहुंच उन्होंने सास को फटकार लगानी शुरू कर अपनी खामी को छुपाने का प्रयास किया तथा बच्चे को ट्रे में डालकर डिलीवरी रूम में ले गयीं।

यही हाल नर्सों ने प्रसव के लिए आयी दूसरी महिला के परिजनों के साथ भी किया, जिसके चलते इस महिला को चिकित्सालय के गेट पर ही बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा। दोनों महिलाओं के परिजनों ने आरोपी नर्सों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।