Last Update On : 28 10 2018 06:17:17 PM

कुर्सी का यह एनस्थीसिया पूरे प्रदेश में बागियों को दिया गया है। कई जगह पार्टी के कुशल डॉक्टर बागियों को बेहोशी देने में कामयाब रहे, कई जगह कामयाबी नहीं मिल पाई…

मनोज लोहनी, हल्द्वानी

उत्तराखंड। नगर निगम चुनाव में बगावत करने वाले पार्टी के लोग अब सपनों की गहरी नींद में है। राज्य मंत्री बनने वाले कुछ महीनों की नींद में हैं। कांग्रेस में वक्त थोड़ा लंबा है, विधानसभा चुनाव 2022 में होंगे। लिहाजा एनस्थीसिया 2022 तक का। भाजपाई बागियों की नींद तब खुलेगी जब सरकार तोहफा देगी, जिसका फिलहाल वह सपना देख रहे हैं।

जाहिर है इंजेक्शन तगड़े लगे हैं, तभी तो अब काफी कुछ शांत दिखता है। कई ऐसे भी हैं जिन्हें इंजेक्शन का असर नहीं हुआ, वह रण में हैं। इधर पिछले दिनों तक कोहराम जैसा था, भगदड़, यहां से वहां जाने, रण पर उतरने के लिए। मगर अब सब तरफ शांति है। राण उतरने वाले रण छोड़ रहे हैं।

कुर्सी का यह एनस्थीसिया पूरे प्रदेश में बागियों को दिया गया है। कई जगह पार्टी के कुशल डॉक्टर बागियों को बेहोशी देने में कामयाब रहे, कई जगह कामयाबी नहीं मिल पाई। सपनों की नींद में पार्टी के साथ नींद में चल रहे बागी हाथ उठा रहे हैं, नारेबाजी भी है, मगर उनके मन में क्या है यह पता नहीं।

इतना जरूर है कि जब उनकी नींद खुलेगी और अगर सपना टूट गया तो फिर 2022 में एक बार फिर बागियों के रथ यहां वहां दौड़ते दिखेंगे, इस बार से ज्यादा तेजी से। नींद में कुछ बड़बड़ा रहे बागी बार-बार अपने मन की बात निकाल रहे हैं, जैसा बेहोशी की हालत में होता है।

होता यह है कि मन के भीतर की बात सामने नहीं निकलती, मगर सब-कांशियस माइंड में रही बात मुंह से निकल जाती है। ऐसा हो भी रहा है, लिहाजा अब नए लालबत्तीधारियों, भावी विधायकों की एक नई पांत फिर तैयार है। मगर फिलवक्त वह मीठी नींद में हैं। इंतजार करें, वक्त का, देखें सपना देखने वालों को…उधर चुनाव जोर पकड़ रहा है, नींद में साथ चलते हुए बागियों के साथ…।