काबुल में जन्मे कादर खान ने 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अपने एक्टिंग कैरियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उनके साथ राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे…

जनज्वार। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं में शुमार और अपने संवादों से हर शख्स को गुदगुदाने वाले कादर खान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।

सुप्रसिद्ध अभिनेता कादर खान का कनाडा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया है। वह कई लंबे समय से बीमार चल रहे थे। कुछ दिनों पहले सांस लेने में दिक्कत होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर (BIPAP) पर रखा गया था।

81 वर्षीय कादर खान एक दशक से भी ज्यादा ​समय से बॉलीवुड से दूर थे, इसका कारण उनका बीमार होना ही रहा। पिछले काफी दिनों से उनका इलाज कनाडा के एक अस्पताल में चल रहा था। कादर खान को आखिरी बार वर्ष 2015 में आई फिल्म ‘दिमाग का दही’ में एक्टिंग करते हुए देखा गया था।

प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर रोग के कारण कादर खान के दिमाग ने काफी पहले काम करना बंद कर दिया था। 22 अक्टूबर, 1937 को काबुल में जन्मे कादर खान ने 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अपने एक्टिंग कैरियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उनके साथ राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे।

गौरतलब है कि बतौर संवाद लेखक भी कादर खान ने खूब सारी फिल्मों में काम किया। बतौर अभिनेता कैरियर की शुरुआत करने से पहले कादर खान ने रणधीर कपूर और जया बच्चन अभिनीत फिल्म ‘जवानी-दिवानी’ के संवाद लिखे थे। इसके अलावा पटकथा लेखक के तौर पर कादर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्में लिखी, जिनमें कई ख्यात फिल्में शामिल हैं।

कादर खान ने मनमोहन देसाई के साथ ‘धर्म वीर’, ‘गंगा जमुना सरस्वती, ‘कुली’ ‘देश प्रेमी’, ‘सुहाग’ ‘अमर अकबर एंथनी’ जैसी मशहूर फिल्मों तो प्रकाश मेहरा के साथ ‘ज्वालामुखी’, ‘शराबी’, ‘लावारिस’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्मों की पटकथा लिखी। यही नहीं उन्होंने ‘कुली नंबर 1’, ‘ मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘कर्मा’, ‘सल्तनत’ के अलावा कई अन्य फिल्मों के संवाद लिखे।

कादर खान ने लगभग 300 फिल्मों में एक्टिंग की तो 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद भी लिखे थे। डायलॉग राइटर के तौर पर कादर खान को राजेश खन्ना ने ब्रेक दिया था। कादर खान को मेरी आवाज सुनो फिल्म के लिए 1982 में सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक का पुरस्कार मिला और 1993 में अंगार फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला।

महान अभिनेता को श्रद्धांज​लि देते हुए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा कि “कादर खान प्रतिभा के धनी और फिल्मों के लिए समर्पित कलाकार थे। वे गजब के लेखक थे। मेरी ज्यादातर कामयाब फिल्में उन्हीं ने लिखीं। वे मेरे अजीज दोस्त रहे। वे गणितज्ञ भी थे।’