नरेंद्र मोदी के झूठ व जुमलों को गंभीर चुनौती देने के लिए केजरीवाल मैदान में, जिन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वह झूठ बोलने वह झूठ गढ़ने में नरेंद्र मोदी को मात देते हैं, यानी पछाड़ देते हैं। यही छोटे मोदी हैं जिनके इशारे पर 2018 साल का ही नहीं शायद संसदीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे बड़ा व अनोखा झूठ बोला गया है…

राजीव गोदारा

राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न अवार्ड वापसी सम्बन्धी दिल्ली विधानसभा में संकल्प पारित करने वाला माजरा क्या है? आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा के दो दिनी सत्र में राजीव गांधी को दिए गए भारत रतन अवॉर्ड की वापसी का प्रस्ताव/संकल्प पारित किया!

31 अक्टूबर 1984 में इंदिरा गांधी (तत्कालीन प्रधानमंत्री) की हत्या के बाद दिल्ली में हुए नरसंहार जिसमें सिखों का कत्लेआम किया गया। उस समय प्रधानमंत्री बने राजीव गांधी ने यह कहते हुए इस कत्लेआम को जायज ठहराने की कोशिश की कि जब कोई बड़ा बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है!

दिल्ली विधानसभा का दो दिन का विशेष सत्र बुलाया गया, जिसमें 1984 के कत्लेआम पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने प्रस्ताव/संकल्प पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न अवार्ड को वापस लेने की मांग की गई। यहां आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा द्वारा शेयर किया गये वीडियो का लिंक है, जिसमें जरनैल सिंह ने संकल्प पत्र प्रस्तुत किया।

जरनैल सिंह द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव को पारित करने के समर्थन में विधानसभा के अध्यक्ष ने अपनी बात कही और फिर कहा कि इस प्रस्ताव/संकल्प पत्र को सब विधायक खड़े होकर पारित करें। इसके बाद विधानसभा में उपस्थित सभी विधायकों ने, जिन्होंने विधानसभा अध्यक्ष भी शामिल थे, अपनी जगह पर खड़े होकर उक्त प्रस्ताव/संकल्प पत्र को पारित किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा जरनैल सिंह जी द्वारा प्रस्तुत संकल्प पत्र/प्रस्ताव पारित हुआ।

जैसे ही खबर बाहर आई, कुछ ही देर में कांग्रेस पार्टी के अजय माकन ने आम आदमी पर तीखा हमला किया। मालूम नहीं पर्दे के पीछे क्या हुआ, मगर तुरंत से सौरभ भारद्वाज विधायक व पार्टी प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा की विधायकों के बीच वितरित किए गए प्रस्ताव में राजीव गांधी को प्रदान किए गए भारत रत्न अवार्ड की वापसी का जिक्र नहीं था। यह तो सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से प्रस्ताव में जोड़ कर जरनैल सिंह जी को दे दिया, जिसे जनरल सिंह ने पढ़ दिया। यानी सोमनाथ भारती द्वारा प्रस्ताव में संशोधन प्रस्तुत किया गया, परंतु उस संशोधन को अध्यक्ष के सामने रखकर पारित नहीं करवाया गया। इसलिए राजीव गांधी से भारत रत्न अवॉर्ड वापस लेने का प्रस्ताव पारित हुआ नहीं समझा जा सकता।

इसके तुरंत बाद सोमनाथ भारती ने ट्वीट कर कहा की मूल प्रस्ताव में राजीव गांधी के भारत रत्न अवार्ड का जिक्र नहीं था। मैंने अपने हाथ से उसमें लिख दिया था, जिसे जनरल सिंह जी ने पढ़ दिया परंतु यह संशोधन पारित नहीं हुआ यानी लगातार आम आदमी पार्टी राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न अवार्ड की वापसी के प्रस्ताव से बचती हुई नजर आई।

इसके साथ ही आम आदमी पार्टी की विधानसभा में विधायक अलका लांबा ने ट्वीट कर कहा की विधानसभा में राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न अवार्ड को वापिस लेने प्रस्ताव रखा गया, जिसके समर्थन में बोलने के लिए मुझे कहा गया। परंतु मैंने उस प्रस्ताव का समर्थन करने से मना कर दिया और विधानसभा से वाकआउट भी किया। उन्होंने लिखा कि उसका जो भी नतीजा होगा उनका सामना करने के लिए तैयार हूं।

अलका लांबा ने तो विधायकों के बीच वितरित उस प्रस्ताव की इमेज भी शेयर कर दी, जिसमें साफ तौर पर टाइप किया हुआ था कि राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न अवॉर्ड को वापस लिया जाए। अगले दिन अलका लांबा ने ट्वीट करके इस ट्वीट को डिलीट कर दिया।

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उसके बाद खबर आई कि अरविंद केजरीवाल ने अलका लांबा को विधायक पद से इस्तीफा देने के साथ ही आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने के लिए कहा है।

आम आदमी पार्टी की तरफ से खबर फैलाई गई कि अलका लांबा ने राजीव गांधी के भारत रत्न अवॉर्ड को वापस लेने के प्रस्ताव को पारित करवाने के लिए दबाव बनाया। यह भी खबर आई कि आम आदमी पार्टी अलका लांबा व सोमनाथ भारती के खिलाफ कार्यवाही करेगी।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया व प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एक बार फिर कहा कि राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न अवार्ड की वापसी को लेकर कोई प्रस्ताव पास नहीं किया गया। यह विशेष तौर से कहा गया कि राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न अवार्ड को वापस लिए जाने के पक्ष में उनकी राय नहीं है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सालों पहले जिस व्यक्ति की मृत्यु हो गई हो, उसके बारे में इस तरह की बात करना उचित नहीं है।

इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने सिरसा में पत्रकारों से कहा कि दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी को दिया गया भारत रत्न अवार्ड वापिस लेने का कल्पपत्र पारित नहीं किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल का बयान इंडियन एक्सप्रेस में छपा कि राजीव गांधी को मिला भारत रत्न वापिस लिए जाने का प्रस्ताव पारित नहीं हुआ, बल्कि आम आदमी पार्टी का काँग्रेस एलायंस होने की चर्चा चल रही है, जिससे कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन सहमत व खुश नहीं है, इसलिए वे ऐसा प्रस्ताव पारित होने की बात चला रहे हैं।

आम आदमी पार्टी की उलटबांसी
राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न अवार्ड की वापसी का प्रस्ताव पास करने के बाद उससे मुकर जाना। जरनैल सिंह द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पारित हुआ, जिस प्रस्ताव में राजीव गांधी से भारत रत्न वापिस लेने की मांग भी की गई, वह प्रस्ताव पारित हुआ। तब संशोधन के पारित न होने का झूठ आप के नेता क्यों बोल रहे हैं?

अलका लांबा का ट्वीट कहता है कि वह उस ट्वीट को हटा रही हैं जिसमें प्रस्ताव की कॉपी लगाई थी। वीडियो बताता है कि वही प्रस्ताव पारित हुआ। तब पूरी आप व सरकार नकारने पर क्यों तुली है?

झूठ बोलने के लिए एक झूठी कहानी गड़ना जिसमें सोमनाथ भारती व अलका लांबा पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश! जो प्रस्ताव पारित हुआ, जिसे एक ही बार में विधायक जरनैल सिंह ने प्रस्तुत किया उसके एक हिस्से को संशोधन बता देना।

इसी संबंध में चर्चा के दौरान सौरभ भारद्वाज के विधानसभा में दिए गए पूरे वक्तव्य को “आप” के लोगो लगाकर पार्टी द्वारा सोशल मीडिया पर चलाना मगर अलका लांबा ने क्या कहा उसका वीडियो न सामने आने देना। बावजूद इसके कि अलका लांबा ने कहा है कि विधानसभा की कार्यवाही का पूरा वीडियो सार्वजनिक किया जाए ताकि सच सामने आ सके।

याद कीजिए मार्च 2015 का वह दिन जब आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद का अधिवेशन कापसहेड़ा के फार्म हाउस में हुआ। हाउस की अलोकतांत्रिक प्रक्रिया व आवाज दबाने के लिए मार पीट के विरोध में योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण के नेतृत्व में अनेक सदस्यों को बायकॉट करना पड़ा, क्योंकि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा था। बल्कि बोलने की कोशिश करने पर वहां बुलाए गए बाउंसर द्वारा पिटाई भी करवाई। उस समय भी आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल का एक कैमरे से विशेष तौर पर एक एंगल का वीडियो दिखाया, जबकि शेष कार्यवाही के लिए भी वहां कैमरे लगे थे। बार-बार मांग करने के बाद वह वीडियो सार्वजनिक नहीं किया गया।

संकल्प पारित करने की प्रक्रिया में विधानसभा स्पीकर खुद भी खड़े हो जाते हैं, जबकि स्पीकर को तो वोट में हिस्सा नहीं लेना होता। स्पीकर द्वारा आप के कांग्रेस से एलायंस होने के चलते रुकावट डालने के आरोप वाला बयान, सभी संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन करता है।

(राजीव गोदारा स्वराज इंडिया के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष और चंडीगढ़ हाईकोर्ट में वकील हैं।)