Last Update On : 09 08 2017 11:41:00 AM

पाकिस्तान को धूल चटा देने का बार—बार हवाई दावा करने वाली सरकार और उसकी प्रायोजित मीडिया की इतनी हिम्मत नहीं है कि भारत की सम्प्रभुता को चुनौती देने वाले चीन के इस बदतमीजी भरे बयान पर तल्ख टिप्पणी या डिबेट करा सके…

जनज्वार, दिल्ली। बातचीत के जरिए डोकलाम गतिरोध ख़त्म करने की कोशिश में जुटे भारत को चीन गलतफहमी में ही सही पर डरपोक समझने लगा है। उसे लगने लगा है कि भारत को वह कुछ भी बोलेगा और हमारा देश उसको सख्त जवाब नहीं दे पाएगा।

और उसकी यह गलतफहमी हमारे प्रधानमंत्री व उनकी सरकार की चुप्पी और ढुलमुल रवैये के कारण बनी है। वह बार—बार ललकारने के अंदाज में अपनी जेब वाली सरकारी मीडिया के जरिए 1962 के भारत—चीन युद्ध की याद दिलाता और धमकाता है। इस युद्ध की याद चीन हमें इसलिए दिलाता है क्योंकि इसमें भारत को पीछे हटना पड़ा था। 

अब उसकी गलतफहमी और उंगली करने का अंदाज इतना असहनीय हो गया है कि वह खिल्ली उड़ाने के अंदाज में कहता है, ‘यदि चीन उत्तराखंड के कालापानी क्षेत्र या कश्मीर में घुस जाएगा, तब नई दिल्ली क्या कर लेगा।’ अंदाज वही, ‘क्या उखाड़ लेगा भारत और दिल्ली में बैठे हुक्मरान।’

चीनी विदेश मंत्रालय में सीमा और सागर मामलों की उप-महानिदेशक वांग वेनली ने ये बातें परोक्ष रूप से भारतीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए बीजींग में कहीं।’ वांग के मुताबिक अगर एक दिन के लिए भी एक भारतीय सैनिक डोकलाम में रहता है तो ये उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है।

भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना को सिक्किम के डोकलाम सेक्टर में एक सड़क बनाने से रोक दिया जिसके बाद इलाके में 50 दिनों से भारत और चीन के बीच गतिरोध चल रहा है। हमारे सैनिकों ने चीन को इसलिए रोका है, क्योंकि वह हमारे देश की सीमा में कब्जा कर सड़क बनाने की कोशिश में है। अधिकारी की यह टिप्पणी चाीन सरकार संचालित अख़बार में छपी थी।

भारत इस मसले पर बातचीत की राह को प्राथमिकता दे रहा है, वहीं चीनी मीडिया के जरिए चीनी सरकार बार—बार हमें युद्ध के लिए उसकाने वाली बयान दे रही है। वांग ने 8 अगस्त को मीडिया को संबोधित करते हुए दो टूक कहा कि इस वक्त भारत के साथ वार्ता करना असंभव होगा. हमारे लोग सोचेंगे कि हमारी सरकार अक्षम है।

गौरतलब है कि आज हम 9 अगस्त को क्रांति दिवस के रूप में मना रहे हैं और दूसरी तरफ चीन के इस कायरतापूर्ण और दंभी बयान को सुनने के लिए भी अभिशप्त हैं। देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी चीनी अधिकारी ने कश्मीर मुद्दे को उछाला है और भारत में घुसने जैसी संप्रभुता पर चोट करने वाली भाषा का इस्तेमाल किया है।

मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या चीन भारत के खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहा है, चीनी विदेश मंत्रालय उप-महानिदेशक वांग वेनली नेवांग ने कहा, ‘भारत अगर गलत रास्ते पर जाने का फैसला करता है या इस घटना के बारे में कोई भ्रम रखता है तो हमारे अधिकारों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक हमारे पास कोई भी कार्रवाई करने का अधिकार है.’