नेहा शौरी का फोटो फेसबुक से

बलविंदर द्वारा नेहा शौरी की हत्या के पीछे वजह का पता अभी पुलिस नहीं लगा पायी है, मगर माना जा रहा है कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करवाने की खुन्नस ही बलविंदर ने नेहा शौरी की जान लेकर निकाली है…

जनज्वार। नशे का पर्याय बन चुके पंजाब में नशे के लिए एक से बढ़कर एक अपराध होते रहते हैं। शासन—प्रशासन कहता है कि यहां नशे को रोकने के लिए तमाम योजनाओं पर काम हो रहा है, युवाओं को इसकी गिरफ्त से निकालने के लिए जमीनी स्तर पर कई योजनाएं लागू हैं, मगर दूसरी तरह हकीकत कुछ और ही बयां करती है, युवा बुरी तरह नशे की गिरफ्त में हैं। नशामुक्ति के लिए काम कर रहे अधिकारी नशा ​माफियाओं की आंखों का कांटा बने हुए हैं, इसलिए अब तक अनगिनत आला अधिकारी-कर्मचारी इनकी भेंट चढ़ चुके हैं।

यहां मेडिकल स्टोर्स की आड़ में भी नशे का धंधे खूब फल फूल रहा है। ऐसी ही एक मेडिकल शॉप के लाइसेंस रद्द करने की कीमत कल 29 मार्च को महिला ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शौरी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

जानकारी के मुताबिक पंजाब के खरड़ में जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पद पर कार्यरत नेहा शौरी की शुक्रवार 29 मार्च को उनके ऑफिस में घुसकर एक शख्स ने गोली मारकर हत्या कर दी। नेहा को गोली मारने के बाद जब आरोपी वहां से भाग रहा था तो एक व्यक्ति ने पीछा कर उसे पकड़ने की कोशिश की। इसी से डरकर बलविंदर ने खुद को भी गोली मार ली।

शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शौरी की इन दिनों खरड़ में दवा और खाद्य रासायनिक प्रयोगशाला में तैनाती थी। नेहा मोहाली और रोपड़ जिलों के लाइसेंस का काम संभालती थी। पुलिस ने छानबीन के बाद बताया कि जिस शख्स ने नेहा को गोली मारी उसका नाम बलविंदर सिंह था और वह मोरिंडा का रहने वाला था। वह कल 29 मार्च की सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर नेहा के आफिस में घुसा और अपनी अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से ताबड़तोड़ वार कर नेहा को छलनी कर दिया। उसके बाद खुद को भी गोली मार ली।

बकौल पुलिस इस मामले में बलविंदर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू की गई है। जानकारी के मुताबिक ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शौरी का हत्यारा बलविंदर सिंह मोरिंडा में दवा की दुकान चलाता था। 2009 में नेहा ने उसकी दुकान पर छापा मारा था और वहां से नशीली दवाएं बरामद की गई थीं। मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवा का धंधा चलाने के जुर्म में नेहा शौरी ने उसकी दुकान का लाइसेंस रद्द करवा दिया था।

हालांकि इस घटना को 10 साल बीत चुके हैं, बलविंदर द्वारा नेहा शौरी की हत्या के पीछे वजह का पता अभी पुलिस नहीं लगा पायी है, मगर माना जा रहा है कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करवाने की खुन्नस ही बलविंदर ने नेहा शौरी की जान लेकर निकाली है।

नेहा शौरी के बारे में कहा जा रहा है कि वह काफी ईमानदार अधिकारी थीं। अपने मूल्यों और ईमानदारी के साथ समझौता न करने की कीमत उन्हें अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी। कहा यह भी जा रहा है कि नेहा लंबे समय से ड्रग माफिया के निशाने पर थी।

ड्रग इंस्पेक्टर की इस तरह दफ्तर में घुसकर हत्या किए जाने पर दुख जताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता को हत्या के मामले की जांच शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिये हैं। कहा है कि इस मामले की तह तक जाकर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।


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