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छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को देख बिहार एसएससी चेयरमैन पिछले दरवाजे से निकले, आंदोलनकारी छात्रों से सामना करने की नहीं हो सकी हिम्मत

लगातार तीसरे दिन पर्चा लीक होने से नाराज थे एसएससी परीक्षार्थी, युवाहल्लाबोल के बैनर तले संगठित होकर किया बिहार एसएससी दफ्तर के सामने प्रदर्शन, 21 दिसंबर को फिर से होगा आयोग अध्यक्ष का घेराव

पटना, जनज्वार। बिहार कर्मचारी चयन आयोग ‘बीएसएससी’ के तीन दिन लगातार चली परीक्षाओं में तीनों दिन हुए पर्चा लीक के बाद परीक्षार्थियों का गुस्सा 11 दिसंबर को सड़कों पर उतर आया। युवा-हल्लाबोल के प्रदर्शनकारियों ने पर्चा लीक के संगठित गिरोह के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। युवा-हल्लाबोल के बैनर तले छात्रों ने एसएससी दफ्तर के सामने आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किया।

युवा-हल्लाबोल की पटना इकाई में सक्रिय अतुल झा कहते हैं, ‘पर्चा लीक एक संगठित गिरोह है जो हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं। युवा-हल्लाबोल के प्रतिनिधिमंडल से न मिलना, उनकी समस्याओं और सुझाओं को न सुनना बताता है कि सरकार इस समस्या का लेकर न तो गंभीर है और न ही इस भ्रष्टाचार पर रोक लगाने को ही तत्पर है।’

युवा-हल्लाबोल की मांग है कि 8, 9 और 10 दिसंबर को आयोजित परीक्षा के तीनों दिन जो प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, उसके खिलाफ सीबीआई जांच हो। छात्रों ने आयोग के अध्यक्ष संजीव कुमार सिन्हा से पेपर लीक पर सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश करने और एक महीने के अंदर जाँच पूरी करने की मांग की। आंदोलकारी छात्रों की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा देकर बेरोज़गार युवाओं के साथ न्याय हो।

छात्रों ने चेताया भी कि अगर भर्ती परीक्षाओं में हो रहे भ्रष्टाचार पर सरकार ने तुरंत कोई कठोर कदम नहीं उठाए तो बेरोज़गार युवाओं में आक्रोश बढ़ता जाएगा और आने वाले 21 दिसंबर को पूरे बिहार में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।


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