भाजपा के बुलडोजर राज और दमन के खिलाफ भूमि व वनाधिकार, कर्जमाफी, मनरेगा और यूजीसी रेगुलेशन के लिए माले करेगी विधानसभा मार्च

भाजपा सरकार का बुलडोजर गरीबों पर चल रहा है। वनाधिकार कानून लागू रहने के बावजूद आदिवासियों-वनवासियों को अतिक्रमणकारी घोषित किया जा रहा है। तमाम योजनाओं के नाम पर सोनभद्र, भदोही, रायबरेली से लेकर लखीमपुर खीरी तक हजारों किसानों पर बेदखली की तलवार लटक रही है...

Update: 2026-02-21 16:41 GMT

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लखनऊ। भाकपा (माले) 23 फरवरी को प्रदेशव्यापी विधानसभा मार्च करेगी। बुलडोजर राज और दमन के खिलाफ भूमि व वनाधिकार, कर्जमाफी, मनरेगा, यूजीसी रेगुलेशन 2026, रोजगार व लोकतंत्र के लिए मार्च सोमवार को सुबह चारबाग से विधानसभा के लिए शुरु होगा।

यह जानकारी आज यहां हजरतगंज के सीबी सिंह सभागार (जहांगीराबाद मैंशन) में आयोजित प्रेसवार्ता में भाकपा (माले) की केंद्रीय समिति की सदस्य कृष्णा अधिकारी ने दी। उन्होंने बताया कि उपरोक्त मुद्दों पर एक माह से जिलों में चलाए जा रहे अभियान के बाद राजधानी में यह मार्च होगा। मार्च में प्रदेश भर से हजारों मजदूर, किसान, महिलाएं, छात्र, नौजवान व स्कीम वर्कर भाग लेंगे।

भाकपा (माले) नेता ने कहा कि भाजपा सरकार का बुलडोजर गरीबों पर चल रहा है। वनाधिकार कानून लागू रहने के बावजूद आदिवासियों-वनवासियों को अतिक्रमणकारी घोषित किया जा रहा है। तमाम योजनाओं के नाम पर सोनभद्र, भदोही, रायबरेली से लेकर लखीमपुर खीरी तक हजारों किसानों पर बेदखली की तलवार लटक रही है। सांप्रदायिक नजरिये से मुस्लिमों की इबादतगाहों, मजारों का ध्वस्तीकरण हो रहा है। एसआईआर की आड़ में करोड़ों मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर भी बुलडोजर चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद जारी बुलडोजर नीति का विरोध करने पर योगी सरकार दमन कर रही है। मिर्जापुर में तेंदुआ खुर्द गांव की हाल की घटना उदाहरण है, जहां वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करने के कारण भाकपा (माले) के नेताओं और ग्रामीणों को गंभीर धाराओं में फर्जी मुकदमा लगाकर जेल भेज दिया गया।

अधिकारी ने बताया कि विधानसभा तक मार्च कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया जाएगा। गरीबों को उजाड़ने पर रोक लगाने, वनाधिकार कानून के तहत आदिवासियों को जल-जंगल-जमीन पर अधिकार देने, बनारस में दालमंडी से लेकर मणिकर्णिका घाट तक चल रही बुलडोजर कार्रवाई रोकने और बुलडोजर नीति का विरोध करने वाले राजनीतिक कार्यकर्ताओं व नागरिकों पर दर्ज झूठे मुकदमे हटाने की मांग की जाएगी।

इसके अलावा, माइक्रो फाइनेंस सहित हर तरह के गरीबों के कर्जे माफ करने, यूजीसी के समता नियम 2026 को कोर्ट की रोक हटवा कर लागू करने, किसान-विरोधी भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने, मनरेगा को फिर से बहाल करने, 200 यूनिट फ्री बिजली देने, बिजली का निजीकरण रोकने, मानदेय व संविदाकर्मियों को रोजगार सुरक्षा देने, रिक्त सरकारी पदों को भरने, चार लेबर कोड वापस लेने और महिला-दलित-अल्पसंख्यक उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी उठाई जाएगी। प्रेसवार्ता में भाकपा (माले) के लखनऊ प्रभारी रमेश सिंह सेंगर और जनसंगठनों के नेता मौजूद रहे।

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