लोनी के अल्पसंख्यकों का आरोप, यूपी पुलिस ने दोहराई मुजफ्फरनगर जैसी गुंडागर्दी

Update: 2019-12-29 07:33 GMT

मुस्लिम महिलाओं ने आरोप लगाया यूपी पुलिस दरवाजा तोड़कर घरों में घुसी और हमारे साथ की बदतमीजी, मुस्लिम युवकों को पुलिस ने 25 से 50 हजार रुपये तक की घूस लेकर किया रिहा...

अजय प्रकाश की ग्राउंड रिपोर्ट

जनज्वार। NRC और CAA के विरोध में पूरे देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर भी राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश में ही देखने को मिल रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश में ही NRC और CAA के विरोध में हुई हिंसक झड़पों में लगभग 2 दर्जन लोग मारे जा चुके हैं और हजारों हजार लोग पुलिस की गिरफ्त हैं।

NRC और CAA के विरोध में इसी तरह का व्यापक प्रदर्शन गाजियाबाद के लोनी में भी 20 दिसंबर को हुआ था, जिसे दबाने के लिए पुलिस ने जो किया, उसकी हर्फ दर हर्फ भुक्तभोगियों ने जनज्वार टीम को बताया।

लोनी के मुस्लिम परिवारों ने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस ने खासतौर पर उनकी कौम को अपना ​निशाना बनाया, जबकि प्रदर्शन में सभी धर्मों के लोग शामिल थे। इस प्रदर्शन के बाद यूपी पुलिस ने बड़े पैमाने पर मुस्लिम युवाओं की गिरफ्तारी की थी।

लोनी के चौराहे पर यूपी पुलिस द्वारा लगाया गया वांटेड वाला पोस्टर

प्रदर्शन में शामिल रहे परिजनों के अलावा आम लोगों ने कहा कि ​बिना कुसूर के भी इलाके के मुस्लिम युवाओं की गिरफ्तारी की गयी और 25 से 50 हजार रुपये घूस लेकर मुस्लिम युवकों को पुलिस ने छोड़ा।

लोनी इलाके के मुस्लिम परिवार कहते हैं, चौराहे पर मुस्लिम युवकों की तस्वीरें वांटेंड के बतौर चिपका दी गयी हैं। भुक्तभोगियों ने यह भी आरोप लगाया कि SHO ने उनसे कहा ऊपर से आर्डर है मुस्लिम युवकों को बंद करो।

लाके की मुस्लिम महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस दरवाजा तोड़कर घरों में घुसी और हमारे साथ बदतमीजी की।

आइये देखते हैं क्या कहा यूपी पुलिस की गुंडागर्दी पर लोनी के रहवासियों ने :

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