जनज्वार इम्पैक्ट : गुजरात के भुज में बलात्कार के बाद आत्महत्या करने वाली नाबालिग मामले में पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, हुई आरोपी की गिरफ्तारी

Update: 2019-12-03 04:43 GMT

डिप्टी तहसीलदार के बेटे द्वारा डरा-धमकाकर और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया जा रहा था लंबे समय से नाबालिग का बलात्कार तो दीवाली की रात कर ली थी आत्महत्या, इस मामले में आरोपी को बचा रहा था पूरा तंत्र, जनज्वार में खबर प्रकाशित होने के बाद पॉक्सो समेत तमाम धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर और आरोपी की गिरफ्तारी

गुजरात के भुज से दत्तेश भावसार की रिपोर्ट

जनज्वार। देशभर में आये दिन बलात्कार की खबरें तमाम हिस्सों से आती रहती हैं। हैदराबाद का गैंगरेप के बाद नृशंस हत्या का मामला ​अभी राष्ट्रीय सुर्खियों में है। ऐसी ही एक घटना 27 अक्टूबर 2019 को यानी दिवाली की रात कच्छ जिले के भुज में धटी थी, जहां एक नाबालिग ने बलात्कार की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में डिप्टी तहसीलदार के बेटे द्वारा अश्लील वीडियो और घरवालों को जान से मार डालने की धमकी देकर लगातार पीड़िता का बलात्कार किया जा रहा था।

ड़े बाप को बचाने के लिए पूरा तंत्र आरोपी को बचाने में जुट गया, इसीलिए न तो मीडिया ने इस मामले को उठाया और न ही लगभग महीनेभर से पीड़िता के पिता द्वारा थाने के चक्कर लगाने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई ही की थी। जनज्वार में यह खबर प्रकाशित होने के बाद इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और पॉस्को समेत तमाम धाराओं में बलात्कार आरोपी को गिरफ्तार किया।

गौरतलब है कि कच्छ जनपद के भुज में अंतहीन बलात्कार के बाद आत्महत्या करने वाली नाबालिग लड़की वाले मामले में 25 दिन तक पुलिस ने पिता की लगातार शिकायत के बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की थी, जनज्वार में यह खबर प्रकाशित होने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर उठा और जनज्वार संवाददाता इस मामले में पीड़िता के पिता के साथ थाने पहुंचे तो उन्हें थाने ने एफआईआर की कॉपी मुहैया करायी। जनज्वार में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में हल्की धाराओं के तहत डिप्टी तहसीलदार के बलात्कार आरोपी बेटे नरेंद्र जडेजा पर मुकदमा दर्ज किया किया।

संबंधित खबर : गुजरात में ब्लैकमेल और धमकी देकर डिप्टी तहसीलदार का बेटा कर रहा था नाबालिग का रेप तो तंग आकर की आत्महत्या, 1 महीने बाद भी नहीं हुई आरोपी की गिरफ्तारी

नज्वार में 28 अक्टूबर को खबर प्रकाशित हुई थी जिसके दो दिन बाद 30 नवंबर को पुलिस ने बलात्कार आरोप डिप्टी तहसीलदार के बेटे नरेंद्र जडेजा खिलाफ अपहरण, बलात्कार और पोक्सो की धाराएं लगायी गयीं। पुलिस द्वारा इसका आधार निर्भया के परिजनों के आवेदन को बताया है, सवाल है कि निर्भया के पिता और उनके परिजनों ने आरेापी के खिलाफ नवंबर को शिकायत दर्ज की ​थी। लगातार थाने के चक्कर काटने के बाद 21 नवंबर को एफआईआर के नाम पर खानापूर्ति की गयी, जिसमें अपहरण, बलात्कार और पास्को की धाराओं का जिक्र तक नहीं किया गया था।

रेप की अंतहीन प्रताड़ना के बाद तंग आकर जान देने वाली नाबालिग के माता-पिता ने जनज्वार से बात करते हुए बताया कि उनकी बेटी के आत्महत्या करने के 25 दिन बाद तक पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई, जनज्वार में खबर प्रकाशित होने के आरोपी की गिरफ्तारी हुई और आरोपी के खिलाफ अपहरण, बलात्कार और पॉस्को जैसी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

नज्वार से बात करते हुए पीड़िता की मां कहती हैं, ' सामान्य तौर पर भारत में कई कई सालों तक मुकदमे चलते हैं और अपराधियों को दंड नहीं मिलता, लेकिन इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और जो भी धाराएं हैं, उसके मुताबिक मेरी बेटी के बलात्कारी और आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसे बर्बरता करने वाले अपराधियों की रूह तक कांप जाए।

नाबालिग की आत्महत्या के बाद उसके परिजनों से मृतका का मोबाइल लिया गया था, जिसमें सिम कार्ड मौजूद था। सिम कार्ड के कॉल रिकॉर्ड जांच में है और बहुत कुछ नए तथ्य मिल सकते थे, लेकिन पुलिस ने मोबाइल में सिम कार्ड होने से इनकार किया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि पीड़िता की आत्महत्या को 1 माह 6 दिन बीत जाने के बाद भी मृतका के परिवारजनों को उसके कपड़ों की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट नहीं दी गयी है। 1 माह बीत जाने के बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट में कुछ भी आने की संभावना नहीं बची है, इसलिए जांच में भी लीपापोती के आरोप निर्भया के पिता लगा रहे हैं।

स मामले में अभी तक फॉरेंसिंक रिपोर्ट भी सामने नहीं आयी है और अब जाकर विभिन्न धाराओं के तहत बलात्कार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बलात्कार के बाद आत्महत्या करने के मामले में पीड़िता को अभी न्याय कब मिलेगा यह पता नहीं, मगर ऐसे अपराध लगातार जारी हैं।

च्छ जिले में लाकडी गांव में भी एक जघन्य वारदात सामने आयी है। कल सोमवार 2 दिसंबर को एक और नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया गया है। यहां बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का जुमला सिर्फ किताबों में ही सिमटकर रह गया है। पढ़ने गई बच्ची को स्कूल से अगवा करके दुष्कर्म का मामला सामने आया है। निर्भया मामले में जनज्वार टीम के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी, तो पुलिस के संज्ञान में यह मामला था। अपनी छीछालेदर से बचने के लिए लाकड़ी में नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में पुलिस ने शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के अंदर डिप्टी एसपी को पुलिस के आला अधिकारियों ने पूरी तफ्तीश सौंप दी।

डिप्टी एसपी ने कुछ ही घंटे में पूरी तफ्तीश खत्म करके आईपीसी की धारा 363, 366, 376(2),506(2), पोक्सो, जैसी तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज करके 12 घंटे के अंदर बलात्कार आरोपी को पकड़ लिया।

स घटना को राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के जिग्नेश मेवानी ने भी गंभीरता से लिया। कच्छ जिला प्रभारी नील वीजोडा ने शिकायतकर्ता के साथ रहकर सारी कार्यवाही को अंजाम दिया। हालांकि इस समय पूरे देश के हालात कमोबेश हर जगह ऐसे ही हैं। चाहे वह हैदराबाद की घटना हो या गुजरात के कच्छ जिले की जघन्य घटना, हर जगह लोगों में बहुत आक्रोश है। पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए देश में उबाल है।

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