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हरियाणा में एक नाबालिग लड़की के साथ फिर दरिंदगी, काम नहीं आ रहे कड़े कानून

Janjwar Team
15 Jan 2018 12:28 PM GMT
हरियाणा में एक नाबालिग लड़की के साथ फिर दरिंदगी, काम नहीं आ रहे कड़े कानून
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बच्ची के शरीर पर दरिंदगी के 19 भयानक निशान इस बात की गवाही देते हैं कि किस क्रूरता और हैवानियत से बलात्कार के बाद नृशंसता से उसे मौत दे दी गई...

हरियाणा। देश में एक के बाद लगातार जिस तरह बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे लगता है कि हम मानसिक रूप से विक्षिप्तों के बीच रह रहे हैं। जितने बड़े पैमाने पर इन्हें अंजाम दिया जा रहा है, उससे यह तय कर पाना मुश्किल है कि कौन सा रिश्ता ऐसा बचा होगा जिसे लड़की/महिला के शरीर में एक छेद के अलावा कुछ और दिखता होगा।

केंद्र ने बलात्कार को लेकर तमाम कड़े कानून बना दिए, बलात्कार करने वालों का मानदंड बदल दिया, पर चिंता की बात यह है कि इन कड़े कानूनों का समाज में छिपे दरिंदों पर न कोई असर देखने को मिल रहा है, न ही कोई या यों कहें कि इन बलात्कारियों के हौसले पहले से और बुलंद हुए हैं।

क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो लगातार देश में एक के बाद एक निर्भया कांड नहीं होते। ताजा मामला हरियाणा के जींद जिले का है। यहां 15 साल की दसवीं में पढ़ने वाली दलित जाति से ताल्लुक रखने वाली एक बच्ची को गैंगरेप करने के बाद जिस तरीके से क्षत—विक्षत कर मौत के घाट उतारा गया, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। बच्ची के शरीर पर दरिंदगी के 19 भयानक निशान इस बात की गवाही देते हैं कि किस क्रूरता और हैवानियत से बलात्कार के बाद नृशंसता से उसे मौत दे दी गई।

शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि 15 वर्षीय इस दलित बच्ची को उस वक्त दरिंदों ने अगवा कर लिया था जब वह 9 जनवरी को कुरुक्षेत्र इलाके में ट्यूशन के लिए घर से निकली थी। मां—बाप को बच्ची तो नहीं उसकी खून से लथपथ लाश जरूर मिली है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में भी नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी का खुलासा हो गया है।

दिल्ली का निर्भया कांड जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, उस बच्च्ची को भी बलात्कारियों ने उसी हालत में पहुंचा दिया।

मामले की जांच कर रही पुलिस के मुताबिक 14 जनवरी को जींद की एक नहर के पास नग्न अवस्था में नाबालिग बच्ची का शव बरामद किया था। जींद के बूढ़ाखेड़ा गांव की नहर पर ग्रामीणों ने जब एक बच्ची का नग्न अवस्था में बुरी तरह कुचला गया शव देखा तो पुलिस को खबर की।

बच्ची के शव का परीक्षण होने के बाद रोहतक पीजीआई अस्पताल के फोरेंसिक विभागाध्यक्ष कहते हैं, बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटों के 19 निशान मिले हैं, जिनमें से शायद पहचान मिटाने के लिए शव के चेहरे को बुरी तरह कुचला गया, उसे क्षत—विक्षत करने की तमाम कोशिशें की गईं। बच्ची के योनि पर ठोस और नुकीली चीजों से गंभीर वार किया गया है। जबरन उसकी योनि में कोई नुकीली और ठोस चीज घुसाने की कोशिश की गई, जिससे उसका लीवर क्षतिग्रस्त हो गया।

जांच में ही यह बात भी सामने आई कि लड़की के साथ 4—5 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चला कि बच्ची के फेफड़े की हड्डियां तक तोड़ दी गई थीं। इतना ही इन दरिंदे बलात्कारियों ने हत्या के बाद शव को पानी में फेंक दिया था।

बेटी की निर्मम मौत पर निर्भया के पिता कहते हैं, मेरी बच्ची 9 जनवरी की शाम को ट्यूशन पढ़ने घर से निकली थी, लेकिन फिर कभी वापिस नहीं आई। वापस आया तो उसका क्षत—विक्षत शव जो दरिंदों की हवस की गवाही दे रहा था।

हालांकि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बलात्कार कांड की गंभीरता से लेकर जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में पुलिस ने उस लड़के को भी गिरफ्तार कर लिया है जिस पर बच्ची के पिता को अपहरण का शक है। मृतका के पिता के मुताबिक जिस दिन से उनकी बेटी घर से गायब थी, उसी दिन से वह लड़का भी गांव से गायब थ। उसका मेरी बेटी के साथ हुए इस जघन्य कांड में जरूर कुछ हाथ होगा।

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