प्रतीकात्मक तस्वीर

केरल में भारत का सबसे मजबूत हेल्थकेयर सिस्टम है और नीति आयोग के 2017-18 हेल्थ इंडेक्स में यह 21 राज्यों में शीर्ष पर है…

श्रीहरि पालीथ

जनज्वार। दक्षिण पूर्व केरल में पठानमथिट्टा जिले के जिला कलेक्टर 41 वर्षीय पीबी नूह 8 मार्च 2020 से एक व्यस्त व्यक्ति हैं, जब उन्हें जिले के पहले COVID-19 मामले का पता चला था। पठानमथिट्टा में अब तक नौ कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि की जा चुकी है, यह राज्य में सबसे अधिक (30 प्रतिशत) है। केरल में कोरोना वायरस के कुल 28 मामले सामने आए हैं (20 मार्च शाम पांच बजे तक), जो कि भारत के 223 मामलों का करीब 13 प्रतिशत है। एक हेल्थचेक डेटाबेस कोरोनावायरस मॉनिटर के मुताबिक महाराष्ट्र के बाद केरल कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित दूसरा राज्य है।

केरल में भारत का सबसे मजबूत हेल्थकेयर सिस्टम है और नीति आयोग के 2017-18 हेल्थ इंडेक्स में यह 21 राज्यों में शीर्ष पर है जो इसे कोरोना वायरस से निपटने के लिए एक मजबूत स्थिति में रखता है।

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नूह ने ‘इंडिया स्पेंड’ को बताया कि पठानमथिट्टा में यह प्रकोप तब आया जब इटली एक परिवार यहां लौटकर आया था। जैसा कि हमेशा संभावना रहती है कि उनमें से कुछ पॉजिटिव हो सकते हैं, इसलिए जिला निगरानी टीम हर दिन विदेशों से आने वाले लोगों पर नजर रख रही है।

न्होंने बताया कि जिले के प्रत्येक वार्ड में एक टीम बनाई गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर किसी को घर में अलग-थलग रहने के लिए कहा जाए, तीन दिनों में कम से कम एक बार दौरा किया जाए। नूह ने बताया कि समुदायों से आग्रह किया गया है कि वे क्वारंटाइन से बाहर निकलते हैं तो कंट्रोल रूम को सूचित करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जबरदस्ती का कोई कदम नहीं उठाना चाहता है लेकिन अगर लोग क्वारंटाइन के नियमों का पालन नहीं करते हैं तो हम ऐसा करने के लिए मजबूर होंगे।

नूह एक आईएएस अधिकारी हैं। चाहे वह 2018 में पठानमथिट्टा में बाढ़ हो या सबरीमाला (पठानमथिट्टा जिले में ही आता है) में महिलाओं के प्रवेश पर विवाद, उन्हें सकंट की घड़ी में काम करने का अनुभव है। वह पलक्कड जिले में ओट्टापलम के सबकलेक्टर और राज्य के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के निदेशक रह चुके हैं।

नूह ने एक इंटरव्यू में पठानमथिट्टा की स्थिति के बारे में बातचीत की, बातचीत के कुछ अंश-

सवाल : केरल में पठानंथिट्टा के लगभग 30% मामले हैं। इन मामलों को सीमित करने के लिए क्या रणनीति है और पहले मामले का पता चलने के बाद से यह रणनीति कैसे विकसित हुई है?
जवाब : पहली बात उन लोगों को ट्रैक करना था जो इटली से आए परिवार के संपर्क में आए थे (तीनों सदस्य COVID-19 के परीक्षण में पॉजिटिव पाए गए।) हम 95% से 98% लोगों को ट्रैक करने में सक्षम हैं। वर्तमान में परिवार के साथ प्राथमिक या माध्यमिक संपर्क रखने वाले 1,254 लोगों को ट्रैक किया गया है (19 मार्च, 2020 तक)। उन सभी को घर में ही आइसोलेशन में रखा गया है और 16 को अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है।

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लेकिन अब उन लोगों को ट्रैक करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है जो पिछले 14 दिनों में विदेश यात्रा करने के बाद पठानमथिट्टा आए हैं। यह एक उभरती हुई संख्या है। कुल 1,894 लोग हैं जिनमें से 636 को जोड़ा गया था और 236 को क्वारंटाइन से छोड़ा जा चुका है। मैं अगले कुछ दिनों में इसमें 1500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद कर रहा हूं जो कि लगभग तीन हजार से अधिक लोग होंगे। जिले में बहुत सारे एनआरआई हैं और कोरोना वायरस के फैलने के बाद ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने यात्रा की है।

सवाल : क्या आप कम्युनिटी ट्रांसमिशन के बारे में चिंतित हैं?
जवाब : अगर यह सब होता है (हमें यह जानने की जरूरत है) इसे कैसे रोका जाए।

सवाल : लेकिन आपके पास निगरानी से बहुत अधिक डेटा है और आप संभवतः सबसे अच्छी स्थिति में हैं कि अगर कोई संभावना है तो उसे जज करें।
जवाब : हमारे पास इटली के तीन लोग हैं जिन्होंने इसे 1,254 अन्य लोगों तक फैलाया है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि बीमारी फैलाई गई है, लेकिन वे संपर्क में आए हैं। अब, हमारे पास 1,894 लोग हैं जिन्होंने देशों की यात्रा की है, जिनमें से कई संक्रमित हैं। एक संभावना है कि उनमें से कम से कम कुछ पॉजिटिव हो सकते हैं।

म होम क्वारंटाइन को सख्ती से लागू कर रहे हैं। जिले में हमारे पास 920 ग्राम पंचायत और नगर पालिका के वार्ड हैं। प्रत्येक वार्ड में वार्ड सदस्यों की अध्यक्षता में एक समिति है जो एक कनिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक और आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता), आंगनबाड़ी और कुटुंबश्री कार्यकर्ताओं द्वारा बुलाई जाती है। हर पंचायत में पांच पुलिस अधिकारी हैं। इन टीमों का गठन किया गया है और इनकी जिम्मेदारी इन तीनों घर से जुड़े लोगों से कम से कम तीन दिनों में एक बार मिलने की है।

से सख्ती से लागू करने के लिए, हमने राजस्व प्रशासन को शामिल किया है और यह सुनिश्चित करने के लिए दो अनन्य फोन नंबर जारी किए हैं कि यदि समुदाय के सदस्य घर से अलग-थलग पड़े लोगों (Isolated People) को देख सकें और वे इस नंबर पर कॉल कर सकें और हम इस सूचना को तहसीलदार या पुलिस स्टेशन को सौंप देंगे। फिर उनकी घर वापसी सुनिश्चित करेंगे।

सवाल : क्या आपको लगता है कि ज़बरदस्ती कदम उठाना उपयोगी हो सकता है?
जवाब : दरअसल, हम कोई जबरदस्ती कदम नहीं उठा रहे हैं। हम यह संदेश देना चाहते हैं कि सरकार आपको घर वापस भेजने के बारे में बहुत गंभीर है (अगर लोगों को क्वारंटाइन में रहने के लिए कहा गया है)। यदि वे इसे अपने आप नहीं करते हैं, तो हम इसे करने के लिए मजबूर होंगे। बल प्रयोग अंतिम चरण होगा।

में सूचित करने के लिए हम समुदाय को शामिल कर रहे हैं और मुझे विश्वास है कि ज्यादातर मामलों में लोग अधिकारियों की सलाह को स्वीकार करेंगे। कम से कम केरल में ऐसा होगा।

सवाल : अगर कोरोना वायरस (COVID-19) के मामलों की संख्या बढ़ जाती है, तो आप अस्पताल के बेड या चिकित्सा कर्मचारियों जैसे संसाधनों की संभावित कमी से कैसे निपटेंगे?
जवाब : हमने सरकारी और निजी अस्पतालों में 100 से अधिक बिस्तरों की व्यवस्था की है। हमने अस्पतालों में एक और 100 बिस्तर तैयार किए हैं जो पिछले साल बंद हो गए थे और उन्हें आइसोलेशन वार्ड में बदला जा सकता है।

मैं विधानसभा सदस्यों के साथ काम कर रहा हूँ और प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में 100-150 बिस्तर रखने की योजना है, जो एक छात्रावास, एक विद्यालय या कोई अन्य भवन हो सकता है। मैं एक सप्ताह में 500-750 बिस्तर लगाने की कोशिश कर रहा हूं। (2011 की जनगणना के अनुसार, जिले की आबादी लगभग 1.2 मिलियन है।)

मैंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ एक चर्चा की है और उन डॉक्टरों की एक सूची का अनुरोध किया है जो हमारे साथ काम करने के लिए तैयार होंगे (जब जरूरत पड़ेगी)।

सवाल : आपने 2018 की बाढ़ और सबरीमाला मुद्दे को संभाला है, दोनों का जनता की भावना पर असर पड़ा। क्या कोरोना वायरस अधिक चिंताजनक है?
जवाब : हमारे पास वास्तव में कोई संकेत (Clue) नहीं है कि (SARS-CoV-2) वायरस कैसे विकसित हो रहा है। यदि यह चीन या इटली की तरह विकसित होता है, तो हमें निश्चित रूप से चिंता करने के लिए कुछ करना होगा। सही समय पर जिस तरह से हमने प्रबंधित और हस्तक्षेप किया है वह विकसित देशों की तुलना में कहीं बेहतर है और हमें यहां बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है।

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सवाल : आपने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग समेत निगरानी में बहुत समय बिताया है। क्या केरल में अब राज्य के सभी जिलों में टीमें हैं, जिनमें 14 में से नौ जिलों में COVID-19 मामले हैं (19 मार्च, 2020 तक)? या इन मौजूदा पॉजिटिव मामलों के कारण पठानमिथा एक अपवाद है?
जवाब : मैं दूसरों के बारे में निश्चित नहीं हूं, लेकिन यहां हम निगरानी के लिए कदम-दर-कदम [जरूरत के आधार पर] जा रहे हैं। हम विदेशी यात्रियों की स्क्रीनिंग के लिए कुदुम्बश्री समुदाय के काउंसलर जैसे और लोगों को शामिल कर रहे हैं। वे मानसिक स्वास्थ्य परामर्श में मदद करेंगे। प्रत्येक चरण इस बात पर आधारित है कि समस्या कैसे विकसित हो रही है।

(इस आलेख को श्रीहरि पालीथ ने लिखा है, वह इंडिया स्पेंड के एनालिस्ट हैं। यह रिपोर्ट इंडिया स्पेंड पर पहले प्रकाशित की जा चुकी है।)

Edited By :- Janjwar Team

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