DDU Gorakhpur : प्रोफेसर कमलेश गुप्ता की गांधीगिरी का नहीं है वि​वि के पास जवाब, सत्याग्रह के साथ हैलीपैड पर जारी रहेगा क्लास

DDU Gorakhpur : डीडीयू गोरखपुर के प्रोफेसर कमलेश गुप्ता ने सत्याग्रह के दौरान पर छात्रों के हित को देखते हुए क्लास लेने का काम जारी रखने का फैसला लिया।

Update: 2021-12-22 05:02 GMT

DDU News : कुलपति के खिलाफ नहीं शुरू हुई जांच तो आमरण अनशन पर बैठे निलंबित प्रोफेसर कमलेश गुप्त, लगाए गंभीर आरोप

जनज्वार डेस्क। डीडीयू गोरखपुर के प्रोफेसर कमलेश गुप्ता ने सत्याग्रह के दौरान पर छात्रों के हित को देखते हुए क्लास लेने का काम जारी रखने का फैसला लिया है। ताकि यूनिवर्विटी की शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित न हो। उन्होंने ताजा फेसबुक पोस्ट में कहा है कि मैं, आज बीए हिंदी प्रथम सेमेस्टर की कक्षा 10 से 11 बजे दीक्षा भवन के सामने लूंगा। बीए प्रथम वर्ष के छात्र 10 से 11 बजे दौरान कक्षा में दीक्षा भवन के सामने हैलीपैड पर शामिल हो सकते हैं। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी के खिलाफ सत्याग्रह भी जारी रहेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

प्रोफेसर की गांधीगिरी का नहीं है डीडीयू प्रशासन के पास जवाब

डीडीयू गोरखपुर के वीसी और विश्वविद्यालय प्रशासन के अड़ियल रुख को देखते हुए हिंदी विभाग के प्रोफेसर कमलेश गुप्ता  ( Prof Kamlesh Gupta ) ने गांधी की राह पर चलने का फैसला लिया। उन्होंने गांधी के सत्याग्रह के सिद्धांत को फॉलो करते हुए सत्याग्रह के साथ छात्रों को पढ़ाने का निर्णय लिया है। उनके इस फैसले से विश्वविद्यालय के छात्र खुश हैं और कुलपति के हटने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। 

हिंदी विभाग के प्रोफेसर कमलेश गुप्ता के इस फैसले के बाद फेसबुक पर बड़ी संख्या में छात्र कमेंट करने लगे हैं। उनका ये पोस्ट अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


 अखंड प्रताप दूबे ने इस पोस्ट को लाइक करते हुए लिखा है जय हो...।


जलने वाले को परवाने क्या बुझाएंगे




एक अन्य फेसबुक यूजर भीम सेन उज्जवल ने अपने कमेंट में लिखा है - 'जिस समे का काम हो जलना, उसे परवाने क्या बुझाएंगे।'  आपके संघर्ष को नमन। ईश्वर आपको और शक्ति दे। 

बता दें कि प्रोफेसर कमलेश गुप्ता के निलंबन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ छात्रों ने अब मोर्चा खोल दिए हैं। 21 दिसंबर की रात में ही बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए हैं। इन छात्रों ने विश्वविद्यालय गेट पर धरना देते हुए घंटों सभा की। साथ ही एलान किया कि प्रोफेसर के निलंबन की कार्रवाई व कुलपति को हटाने की मांग को लेकर हमारा आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। इस क्रम में कुलपति हटाओ विश्वविद्यालय बचाओ के नारे के साथ शहर में अभियान चलाने का छात्रों ने निर्णय लिया है। इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अन्य शिक्षकों ने भी अब मोर्चा खोल दिए हैं। इसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन संवाद का रास्ता चुनने के बजाए चर्चा है कि कुलपति दस दिनों की अमेरिकी यात्रा पर रवाना हो रहे हैं, जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर का राजनीतिक तापमान गरमा गया है।

कुलपति राजेश सिंह के खिलाफ लंबे समय से विरोध जता रहे हिंदी विभाग के प्रोफेसर कमलेश गुप्ता ने 21 दिसंबर से सत्याग्रह करने का ऐलान किया था, जिसके तहत प्रशासनिक भवन में दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा के सामने धरना पर बैठते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया। इसकी खबर मिलने पर शिक्षकों के साथ ही छात्रों में रोष दिखा। यह आक्रोश शाम ढलते ही आंदोलन में बदल गया।

समर्थन में उतरे डीडीयू के ​टीचर्स 

प्रोफेसर कमलेश गुप्ता के समर्थन में विश्वविद्यालय के छा़त्रावास में रहने वाले छात्रों ने मुख्य गेट पर रात में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आए इन छात्रों ने घंटो यहां सभा की। इसमें छात्रसंघ के निवर्तमान व पूर्व पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। छात्रों ने कहा कि बिहार के पूर्णिया विश्वविद्यालय में लूट मचाने के बाद यह कुलपति अब हमारे विश्वविद्यालय को लूटने में लगे हैं। इसके खिलाफ आवाज उठाने पर प्रोफेसर कमलेश गुप्ता को निलंबत कर दिया। ऐसे में अब यह लड़ाई कुलपति के हटने तक जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने सभी से आहवान किया कि दो बजे से कमलेश गुप्ता के सत्याग्रह में हिस्सा लें तथा इसके बाद शहर में कुलपति हटाओ।

विश्वविद्यालय बचाओ नारे के साथ पैदल मार्च निकालेंगे। साथ ही यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। अब डीडीयू गोरखपुर के शिक्षक भी प्रोफेसर गुप्ता के समर्थन में उतर आए हैं और खुलकर साथ देने का फैसला लिया है।

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