वर्धा यूनिवर्सिटी में धरनारत दलित शोध छात्र रजनीश कुमार अंबेडकर और उनके साथियों पर जानलेवा हमला, विवि प्रशासन पर लगाये गंभीर आरोप

Dalit live matter : पीड़ित छात्रों का कहना है कि 31 मार्च की रात को दर्जनों भगवा गुंडों ने रजनीश कुमार अंबेडकर और उनके साथ धरने पर बैठे 4-5 अन्य छात्रों शोधार्थियों पर हमला कर दिया। उनके साथ मारपीट की गयी और उन्हें भद्दी-भद्दी जातिसूचक गालियां दी गयी थीं...

Update: 2023-04-01 09:54 GMT

Dalit live matter : कल देर रात वर्धा यूनिवर्सिटी के शोधछात्र रजनीश कुमार अंबेडकर और उनके साथियों पर कल 31 मार्च की देर रात जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित छात्रों का कहना है कि उन पर भगवा गुंडों ने रात को हमला किया। पीड़ित छात्रों के मुताबिक देर रात को 2 दर्जन से अधिक भगवा गुंडे आंदोलन स्थल पर आए और जय श्रीराम का नारा लगाते हुए आंदोलनकारी छात्रों पर टूट पड़े, जबकि रात में विश्वविद्यालय कैंपस के सभी गेट बंद रहते हैं और वहां पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इससे साफ जाहिर है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के इशारे पर ही आंदोलनकारी छात्रों पर भगवा गुंडों द्वारा यह हमला किया गया है।

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गौरतलब है कि पिछले 5 दिनों से महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के समक्ष दलित शोध छात्र रजनीश कुमार अंबेडकर अपने पीएचडी शोध प्रबंध के मूल्यांकन की मांग को लेकर धरना पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि मनुवादी विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार उनकी मांगों को अनदेखा कर रहा है। धरने के 5 दिन गुजर जाने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया है।

पीड़ित छात्रों का कहना है कि 31 मार्च की रात को दर्जनों भगवा गुंडों ने रजनीश कुमार अंबेडकर और उनके साथ धरने पर बैठे 4-5 अन्य छात्रों शोधार्थियों पर हमला कर दिया। उनके साथ मारपीट की गयी और उन्हें भद्दी-भद्दी जातिसूचक गालियां दी गयी थीं। इस घटना का आंदोलनकारी छात्रों द्वारा फोटो खींचने और वीडियो बनाने का प्रयास किया गया तो उसे भी भगवा गुंडों ने रोक दिया और कुछ बनाए गए वीडियो डिलीट भी कर दिया गया। आंदोलनकारी छात्रों द्वारा बनाया गया घटना का एक वीडियो संलग्न है।

पीड़ित छात्रों का कहना है, हम अपनी वाजिब मांगों और जातिगत भेदभाव के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे, भगवा गुंडों द्वारा किया गया यह कायराना हमला अत्यंत ही निंदनीय है। मनुवादी विश्वविद्यालय प्रशासन ने भगवा गुंडों को शह दे रखी है‌ और यह हमला भी उसी शह का नतीजा है।

पीड़ितों का कहना है, रजनीश कुमार अंबेडकर सहित उनके सहयोगी छात्रों की जान को खतरा है। केंद्र और राज्य की सरकार तत्काल संज्ञान ले और सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर तत्काल उन पर जानलेवा हमले की धारा 307 के अंतर्गत स्पीडी ट्रायल चलाकर कार्यवाही करें। इस हमले के सूत्रधार की भी शिनाख्त की जाए और उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाए। दलित शोधार्थी एवं उनके साथियों की सुरक्षा की गारंटी करे और रजनीश कुमार अंबेडकर के शोध प्रबंध का तत्काल मूल्यांकन का निर्देश जारी करे।

इस हमले के खिलाफ वर्धा और महाराष्ट्र सहित पूरे देश के बहुजन संगठनों, लोकतंत्र व न्याय पसंद संगठनों, छात्र संगठनों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोरदार तरीके से अपनी आवाज बुलंद करना चाहिए।

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