बायपोलर डिसऑर्डर और सिज़ोफ़्रेनिया जैसी मानसिक बीमारियां बहुत गंभीर और खतरनाक -इंसान के सोचने, व्यवहार और महसूस करने के तरीके को करती हैं प्रभावित
बाइपोलर डिसऑर्डर एक मानसिक विकार है जिसके कारण मूड में बहुत ज़्यादा बदलाव आते हैं। इसे द्विध्रुवी विकार भी कहा जाता है। इस विकार में व्यक्ति को खुशी,ऊर्जा और उत्साह (जिसे उन्माद कहा जाता है) महसूस होने के दौर से गुज़रना होता है...
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जनस्वास्थ्य चिकित्सक डॉ. एके अरुण की टिप्पणी
bipolar disorder : बाइपोलर डिसऑर्डर जिसे मैनिक-डिप्रेसिव डिसऑर्डर भी कहा जाता है आजकल एक गंभीर समस्या के रूप में देखा जा रहा है। कुछ लोगों को लगता है कि वे मिज़ाज के उतार-चढ़ाव (मूड स्विंग्स) की वजह से डिप्रेशन में चले जाते हैं। ये कभी बीच में पूरी तरह से ठीक भी हो जाते हैं,लेकिन बहुत से लोगों के साथ ऐसा नहीं होता। बाइपोलर डिसऑर्डर एक मानसिक विकार है जिसके कारण मूड में बहुत ज़्यादा बदलाव आते हैं। इसे द्विध्रुवी विकार भी कहा जाता है। इस विकार में व्यक्ति को खुशी,ऊर्जा और उत्साह (जिसे उन्माद कहा जाता है) महसूस होने के दौर से गुज़रना होता है। इसके बाद उदासी और अवसाद की अवधि आती है।
बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण
अत्यधिक मानसिक उतार-चढ़ाव,भावनात्मक उतार-चढ़ाव,उन्माद या हाइपोमेनिया,अवसाद इत्यादि।
बायपोलर डिसऑर्डर क्या एक खतरनाक मानसिक रोग है?
बायपोलर डिसऑर्डर और सिज़ोफ़्रेनिया जैसी मानसिक बीमारियां बहुत गंभीर और खतरनाक मानी जाती हैं। वहीं,डिप्रेशन भी एक गंभीर मानसिक बीमारी है। मानसिक बीमारियां किसी व्यक्ति के सोचने, व्यवहार करने या महसूस करने के तरीके को प्रभावित करती हैं।
बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज
मूड को स्थिर करने के लिए दवाएं, थेरेपी, सही सप्लीमेंट्स लेना। बाइपोलर डिसऑर्डर से निपटने के लिए अपने दोस्तों से सहायता लें,निर्धारित समय पर सोएं,अपनी नींद में खलल न पड़ने दें,डॉक्टर से सही सप्लीमेंट्स के लिए जानकारी लें,अपने मनोचिकित्सक से सलाह लें।होमियोपैथी में यदि आप की दिलचस्पी है तो किसी अनुभवी,विशेषज्ञ होमियोपैथिक डॉक्टर से परामर्श लें। (हील इनिशिएटिव)