झारखंड में साध्वी से गैंगरेप, आठ महीने पहले बनारस से आईं थीं गोड्डा आश्रम

संतसेवी सत्संग आश्रम की साध्वी के साथ गैंगरेप की घटना घटी है। इस आश्रम को प्रसिद्ध महर्षि मेंही आश्रम से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोपियों ने आश्रम के लोगों के साथ मारपीट भी की...

Update: 2020-09-08 14:05 GMT

Uttar Pradesh News : 13 वर्षीय दलित छात्रा के साथ गैंगरेप, दुष्कर्म के बाद जान से मारने की धमकी 

जनज्वार। झारखंड के गोड्डा जिले में एक साध्वी के साथ गैंगरेप की घटना घटी है। सात सितंबर की आधी रात 5 अपराधियों ने आश्रम में घुस कर हथियार का भय दिखा कर व जान मारने की धमकी देकर साध्वी से गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। इस मामले में दो मुख्य आरोपी सगे भाई हैं। उसमें एक दीपक राणा पेशेवर अपराधी है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने मंगलवार को उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूला है।

पुलिस इस मामले में उसके भाई आशीष राणा व अन्य दोषियों की तलाश कर रही है। गोड्डा के एसपी ने इस मामले में नौ सदस्यीय पुलिस टीम गठित कर जांच करने और अपराधियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है।

गोड्डा मुफस्सिल थाना अंतर्गत पड़ने वाले टाडावार के गौरवकुंड में संतसेवी सत्संग आश्रम स्थित है। वहीं, अपराधी सोमवार की आधी रात बाद घुस गए और हथियार का भय दिखा कर साध्वी को अपने कब्जे में ले लिया। फिर उन्हें किचन से बाहर ले जाकर अपराधियों ने बलात्कार किया। इस मामले के मुख्य आरोपी दीपक राणा व आशीष राणा गोड्डा मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पथवारा के रहने वाले हैं। इनके पिता का नाम राजेश राणा उर्फ भोली यादव है।

आश्रम के एक सदस्य पंकज कुमार ने बताया कि अपराधी दीवार फान कर आश्रम के अंदर घुस गए और साध्वी को कब्जे में ले लिया। जब आश्रम के अन्य लोगों ने इसका विरोध किया तो मारपीट व तोड़फोड़ करने लगे।

भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में झामुमो-कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा है कि यह शर्म की बात है कि झारखंड में अपराधियों का मनोबल इतना बढ गया है कि अब वे आश्रमों मंें घुस कर सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दे रहे हैं और साधु को पीटा जा रहा है। झारखंड में लॉ एंड आर्डर के नाम पर सिर्फ अवैध वसूली और ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल चल रहा है। वहीं, झामुमो प्रवक्ता बाबुल सुप्रियो ने कहा है कि बलात्कार की घटना किसी सरकार के समय में हो उस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक विकृति है और हमने भाजपा के शासन में हुई ऐसी घटना पर राजनीति नहीं की।


हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या अपराधियों ने निजी दुश्मनी में इस घटना को अंजाम दिया या फिर इसकी वजह कुछ और है। 46 वर्षीया साध्वी इसी साल जनवरी में वाराणसी से गोड्डा आश्रम भेजी गईं थीं। वे मूल रूप से बोकारो की रहने वाली बतायी जाती हैं।

इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच कर रही है। गोड्डा नगर थाना के प्रभारी व इंसपेक्टर अशोक कुमार सिंह जांच टीम के प्रमुख हैं।


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