उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड, नैनीताल ने कृषि भूमि के वाणिज्यिक आवासीय उपयोग में परिवर्तन पर लगायी रोक

Update: 2026-03-13 14:31 GMT

नैनीताल हाईकोर्ट।

Nainital news : माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड, नैनीताल में विचाराधीन जनहित याचिका संख्या 116/2023 में दिनांक 11 मार्च, 2026 को पारित आदेश में न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में निर्देशित किया है कि हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की बोर्ड बैठक दिनांक 05.11.2024 में पारित प्रस्तावों के आधार पर किसी भी पक्ष या व्यक्ति द्वारा कोई भी आगे की गतिविधि नहीं की जाएगी।

माननीय न्यायालय ने आदेश के पैरा 11 में यह भी उल्लेख किया है कि 05.11.2024 की बैठक में पारित प्रस्ताव, जिसमें कृषि भूमि को आवासीय / ग्रुप हाउसिंग हेतु परिवर्तित करने की अनुमति दी गई थी, वह न्यायालय के पूर्व आदेश के पैरा 14 (v) में दिए गए निर्देशों के प्रतिकूल है।

उक्त बैठक HRDA की 83वीं बोर्ड बैठक थी। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में इस बैठक में जिन स्वीकृत भूमि उपयोग परिवर्तन (कृषि से आवासीय) के प्रस्तावों पर रोक लगायी गयी है उनमें मद संख्या 83 (09), भूमि खसरा नम्बर 1355, 1356, 1357 मि०, 1358, 1361, 1362 व 1367, स्थित ग्राम रोहालकी किशनपुर, परगना ज्वालापुर, तहसील हरिद्वार, क्षेत्रफल 8950.00 वर्गमीटर शामिल हैं। हरिद्वार महायोजना 2025 के अनुसार कृषि भूमि को आवासीय में परिवर्तन का प्रस्ताव दिया गया था।

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मद संख्या 83 (10), भूमि खसरा नम्बर 243/1, स्थित ग्राम नूरपुर पंजनहेड़ी, परगना ज्वालापुर, तहसील व जिला हरिद्वार, क्षेत्रफल 5204.60 वर्गमीटर को कृषि भूमि को आवासीय में परिवर्तन का प्रस्ताव दिया गया था। वहीं मद संख्या 83 (11), भूमि खसरा नम्बर 59 मि०, 62 मि०, 63 मि०, स्थित सलेमपुर महदूद-1, परगना रुड़की, तहसील व जिला हरिद्वार, क्षेत्रफल 8990.00 वर्गमीटर को कृषि भूमि को आवासीय में परिवर्तन का प्रस्ताव दिया गया था।

इसके अलावा मद संख्या 83 (12), भूमि खसरा नम्बर 26/1/1, स्थित ग्राम जियापोता, परगना ज्वालापुर, तहसील व जिला हरिद्वार, क्षेत्रफल 6588.00 वर्गमीटर को कृषि भूमि को आवासीय में परिवर्तन का प्रस्ताव दिया गया था। मद संख्या 83 (13), भूमि खसरा नम्बर 158, 154 मि०, स्थित ग्राम नूरपुर पंजनहेड़ी, परगना ज्वालापुर, तहसील व जिला हरिद्वार, क्षेत्रफल 8973.00 वर्गमीटर को कृषि भूमि को आवासीय में परिवर्तन का प्रस्ताव दिया गया था।

इस प्रकार कुल 38,705 वर्गमीटर कृषि भूमि को आवासीय उपयोग में परिवर्तित करने से संबंधित प्रस्तावों पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गई है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार संबंधित प्राधिकरणों को उक्त आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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