Last Update On : 13 06 2018 06:17:50 PM

दो बच्चियों की मौके पर मौत हो गयी, मां भी थोड़ी देर बाद मर गयी, पूरी तरह जल चुके पिता कि जान बचनी लग रही है मुश्किल

कटिहार। शासन—प्रशासन दलितों के हितों और उनका उत्पीड़न पर कठोर कार्रवाई किए जाने के दावे ही करते रह जाता है, और दूसरी तरफ उन्हें ​घर समेत जिंदा जला दिए जाने जैसी वीभत्स घटनाएं सामने आती रहती हैं।

बिहार के कटिहार जनपद स्थित आजमनगर थाना क्षेत्र में 10 जून की रात हुए एक जघन्य कांड में दलित परिवार को उसकी झोपड़ी में बंद कर जिंदा जला दिया गया। इस नृशंस हत्याकांड में दलित परिवार की दो बच्चियों की मौके पर की मौत हो गई और अपाहिज मां भी थोड़ी देर बाद मर गई, जबकि पिता बज्जन दास की हालत बहुत नाजुक बनी हुई, लगता नहीं कि उसकी भी जान बचे।

मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक 10 जून की रात आजमनगर थाना इलाके में हुई इस वारदात का कारण भूमि विवाद है। मामले की छानबीन कर रही पुलिस ने अभी तक दो आरोपियों अब्दुल रहमान और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है और अन्य हत्यारों की खोजबीन जारी है

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शुरुआती छानबीन के बाद पुलिस ने बताया कि आजमनगर थाना क्षेत्र के घोरदा गांव में बज्जन दास गांव के ही एक चौक के समीप स्थित सरकारी जमीन पर चाय की दुकान चलाता था। इस जमीन को लेकर गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों से बज्जन दास का विवाद भी हुआ था।

शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि बज्जन दास और मंजुला देवी को उक्त जमीन को लेकर गांव के ही मुज्लिम नामक व्यक्ति ने सरेआम धमकाया था कि अगर उन्होंने यह जमीन जल्दी खाली नहीं की तो वह उनकी परिवार समेत जान ले लेगा। 10 जून की रात करीब 12 बजे मुज्लिम ने ही बज्जन दास और मंजुला देवी की झोपड़ी पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगाई।

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मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 10 जून की रात कुछ दबंग लोगों ने इस महादलित परिवार को उस समय आग के हवाले कर दिया जब यह परिवार नींद के आगोश में था। कुछ लोगों ने घर का दरवाजा बाहर से बंद कर उस पर आग लगा दी। इस जघन्य कांड में बज्जन के दोनों बच्चों ढाई वर्षीय प्रीति और 5 वर्षीय किरण की मौके पर ही मौत हो गई।

गंभीर रूप से झुलसी बज्जन दास की पत्नी का भी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया, जबकि बुरी तरह जल चुके बज्जन का अस्पताल में इलाज चल रहा है, वह भी बच पायेगा या नहीं कहना बहुत मुश्किल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का भी कहना है कि बज्जन का भी बचना नामुमकिन ही है।

फोटो : अभिनव पाण्डेय 

जब बज्जन की झोपड़ी को आग के हवाले किया गया उसके थोड़ी देर बाद किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी थी, मौके पर पहुंची पुलिस बज्जन और उसकी पतनी बेटियों को अस्पताल ले गई। अस्पताल में बेटियों को तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और इलाज के दौरान बज्जन की बीवी की भी मौत हो गई।

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इस मामले की जांच कर रही पुलिस कहती है कि पहली नजर में मामला भूमि विवाद का लगता है। हम सभी कोणों से मामले की छानबीन कर रहे हैं। अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।