UP : कानपुर में बिना बेड-ऑक्सीजन 6 की मौत, CM को पहले ऑक्सीजन से मरने वालों की सम्पत्ति जब्त करानी चाहिए

वह डॉक्टरों से बार.बार कहते रहे कि पिताजी की सांस फूल रही है, ऑक्सीजन लगाओए लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, अब उन्हें डॉक्टरों के नाम से भी नफरत हो गई है....

Update: 2021-04-26 03:51 GMT

जनज्वार, कानपुर। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कानपुर में कोरोना से 25 रोगियों की मौत हो गई। इसके अलावा 2021 नए संक्रमित रोगी पाए गए हैं। इसी के साथ शहर में कोरोना के एक्टिव केस 17713 पहुँच गए हैं। वहीं कानपुर में बेड व ऑक्सीजन के अभाव में 6 लोगों की जीवन लीला समाप्त हो गई। यहां के हैलट, रामा मेडिकल, कांशीराम आदि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी सामने आ रही है।

चकेरी के जाजमऊ में रहने वाले 49 वर्षीय उमेश कुमार गुप्ता सफीपुर उन्नाव में सरकारी टीचर थे। उमेश की भांजी दीप्ती ने बताया कि उनकी रायबरेली में चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी। 12 अप्रैल को तबियत खराब होने पर उनने ड्यूटी जाने से मना कर दिया था। 19 को तेज बुखार आने पर उनकी कोविड जांच करवाई गई। 20 को आई रिपोर्ट निगेटिव थी लेकिन 24 अप्रैल को उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। निजी अस्पताल में बेड नहीं मिला, उन्हें कांशीराम ले गए वहां भी भर्ती नहीं किया गया, जिसके बाद साम को उनकी मौत हो गई।

बर्रा आठ के रहने वाले शशांक सिंह के पिता रणजीत सिंह को 3 दिन पहले बुखार आया। एंटीजन टेस्ट करवाने पर रणजीत की रिपोर्ट निगेटिव आई। बेटे ने ऑक्सीजन लेवल नापा तो पता चला 53 पर पहुँच गया है। रात 9 बजे शशांक पिता को लेकर अस्पतालों के चक्कर काटता रहा लेकिन ऑक्सीजन की किल्लत बताकर उसे किसी ने भर्ती नहीं किया। शशांक ने सभी के हात-पांव जोड़े। शशांक बताते हैं कि सैंकड़ों फोन करने के बाद भी कहीं ऑक्सीजन नहीं मिल पाया, पिताजी का देहांत हो गया।

यशोदा नगर के रहने वाले ज्ञान सिंह चौहान ने समय से ऑक्सीजन ना मिलने हैलट इमरजेंसी में दम तोड़ दिया। बेटे शैलेंद्र के मुताबिक वह डॉक्टरों से बार-बार कहते रहे कि पिताजी की सांस फूल रही है। ऑक्सीजन लगाओ खतम हो गई है लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। शैलेंद्र कहते हैं कि अब तो उन्हें डॉक्टरों के नाम से भी नफरत हो गई है। 

नगर निगम के जोनल अधिकारी 52 वर्षीय मुनीश निगम सहित उनकी 48 वर्षीय पत्नी रेनू कोरोना संक्रमित हो गए। पति पूरे दिन कोविड अस्पतालों के चक्कर काटते रहे लेकिन कहीं बेड खाली नहीं मिला। कोविड कंट्रोल सेंट्रल के टोल फ्री नंबर पर पोन किया लेकिन वह सिर्फ बजता ही रहा, उठा नहीं। मजबूरन पति पत्नी होम आईशोलेशन में इलाज ले रहे हैं।   

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