विभागाध्यक्ष ने शिक्षकों से भरी बैठक में दलित एसोसिएट प्रोफेसर को जड़ा थप्पड़, पीड़िता ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग

सरेआम थप्पड़ मारने की जब यह घटना हुई उस समय वहां पर 13 शिक्षक मौजूद थे। इस घटना से आहत डॉ. नीलम ने पुलिस से तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है....

Update: 2021-08-17 08:40 GMT

(एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीलम ने हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीत कौर पर लगाया आरोप। फोटो साभार : डॉ. नीलम/फेसबुक)

जनज्वार। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध लक्ष्मीबाई कॉलेज में हिंदी विभाग एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीलम को शिक्षकों से भरी एक मीटिंग मे विभागाध्यक्ष द्वारा थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। सरेआम थप्पड़ मारने का आरोप हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीत कौर पर लगा है। जानकारी के मुताबिक डॉ. नीलम ने इसके खिलाफ पुलिस को शिकायत भी दी है।

डॉ. नीलम दलित समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और वह लेखिका व एक्टिविस्ट भी हैं। उन्होंने हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीत कौर पर शिक्षकों से भरी मीटिंग में थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सोमवार को हिंदी विभाग की एक मीटिंग रखी गई थी जिसमें विभागाध्यक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर मिनट्स तैयार कर उनपर हस्ताक्षर करवाए जा रहे थे।

जब हस्ताक्षर करने के लिए मिनट्स का रजिस्टर उनके पास आया तो वो मिनट्स पढ़ने लगीं, इस पर डॉ. रंजीत कौर ने उनसे बिना पढ़े मिनट्स हस्ताक्षर करने को कहा तो उन्होंने (डॉ. नीलम) ने बिना पढ़े मिनट्स पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, फिर रंजीत कौर ने सबके सामने उन्हें थप्पड़ मार दिया।

खबरों के मुताबिक डॉ. नीलम का स्वास्थ्य बीते कई महीनों से खराब चल रहा था, हाल ही में उनके गले की सर्जरी भी हुई हैं। सरेआम थप्पड़ मारने की जब यह घटना हुई उस समय वहां पर 13 शिक्षक मौजूद थे। इस घटना से आहत डॉ. नीलम ने पुलिस से तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है।

इस घटना को लेकर कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर प्रत्युषा बसला ने कहा कि दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की जांच की जा रही है। डीयू के डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर बलराम पानी ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि किसी हालत में आप किसी पर हाथ नहीं उठा सकते हैं।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। सुमित्रा एस मेहरोल अपने फेसबुक पोस्ट में लिखती हैं- "हिंदी विभाग की प्रभारी डॉ रंजीत कौर के इस आपत्तिजनक शर्मनाक व्यवहार की जितनी भी निंदा की जाए कम होगी! डॉ नीलम प्रसिद्ध दलित लेखिका और एक्टिविस्ट भी हैं, उनके साथ ऐसे व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शारीरिक प्रहार करने वाली प्रभारी. डॉ रंजीत कौर के विरुद्ध तुरंत कार्यवाही होनी चाहिए!"


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