Janjwar Exclusive : कानपुर के रीजेंसी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल प्रबंधन पर छात्रों ने लगाया कमरे में बंद कर पीटने का आरोप, मैनेजमेंट ने कहा विवाद का कारण मोबाइल

Janjwar Exclusive : पीड़ित छात्र राहुल सविता ने जीएनएम प्रथम सेमेस्टर की फीस जो की एक लाख 10 हजार रूपये थी, निर्धारित समय जमा कर दी, दूसरे वर्ष की फीस 75000 रूपये भी जमा किया लेकिन इसमें 400 रूपये का अतिरिक्त फाइन वसूला गया...

Update: 2022-09-12 06:44 GMT

मनीष दुबे की रिपोर्ट

Janjwar Exclusive : कानपुर में शिक्षा के मंदिरों में इस वक्त अध्यापक और स्कूल मैनेजमेंट छात्रों को गुंडई का पाठ्यक्रम पढ़ाने-सिखाने पर आमादा हैं। बिठूर के हेरिटेज स्कूल में मैनेजर भाऊ कपूर द्वारा कक्षा 12 के छात्र की शर्ट की बांहें काटने का मामला अभी थमा नहीं और अब एक निजी मेडिकल कॉलेज से छात्रों की पिटाई का मामला सामने आया है। इनपुट है की कक्षा के अंदर कुछ छात्रों ने जबरन फाइन वसूलने को लेकर स्कूल मैनेजमेंट से शिकायत की जिसके बाद छात्रों को क्लास के अंदर रोककर पिटाई की गई।

जानकारी के मुताबिक मामला कानपुर के कल्याणपुर, अम्बेडकरपुरम में स्थित रेजेंसी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग का है। यहां कानपुर देहात के बरौर में रहने वाले राहुल कुमार सविता जीएनएम सेकंड वर्ष के स्टुडेंट हैं। बकौल राहुल, कॉलेज में प्रवेश लेते समय आईएनसी मानक के अनुसार सभी तरह की शैक्षिक व अन्य सुविधाएं देने के लिए कहा गया था। छात्र राहुल को दो लाख 80 हजार रूपये फीस बताई गई थी। साथ ही किसी प्रकार का फाइन व अन्य किन्हीं नियमों का उल्लेख नहीं किया गया था।

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पीड़ित छात्र राहुल सविता ने जीएनएम प्रथम सेमेस्टर की फीस जो की एक लाख 10 हजार रूपये थी, निर्धारित समय जमा कर दी। दूसरे वर्ष की फीस 75000 रूपये भी जमा किया। लेकिन इसमें 400 रूपये का अतिरिक्त फाइन वसूला गया। गुरूवार 8 सितंबर सभी छात्र रोज की तरह अपनी कक्षा में बैठे हुए थे। सुबह लगभग 09:15 बजे क्लास के को-आर्डिनेटर श्याम कक्षा में दाखिल हुए। कक्षा में बैठे सभी बच्चों ने श्याम को अपनी समस्या से अवगत कराया। जिसे श्याम ने हमेशा की तरह अनसुना कर दिया।

इनपुट है कि कॉलेज में सभी छात्र बीते कई दिनों से फाइन की समस्या को लेकर शिकायतें कर रहे हैं लेकिन छात्रों पर दबाव बनाना, डांटना, प्रैक्टिकल में फेल करने, परीक्षा में न बैठने देने जैसी धमकियां देकर चुप करवा दिया जाता है। हमेशा की तरह 8 सितंबर को बी प्रबंधन ने किसी छात्र की समस्या नहीं सुनी। इस दौरान राहुल सहित कुछ छात्रों ने वहां मौजूद को-आर्डिनेटर श्याम, राहुल धुरिया तथा चीफ को-आर्डिनेटर किशोर डि-कोष्टा से समस्या सुनने का निवेदन किया। फाइन किस लिए लिया जाता है, यह पूछने पर पीड़िता छात्र का कहना है की, 'सेमेस्टर समाप्त होने से पहले ही जबरन फाइन वसूला जाता है। और जो कमजोर छात्र हैं उनसे ही लिया जाता है, बाकी जो मजबूत परिवार से हैं यह फाइन वसूली भी नहीं होती।'

इसके बाद श्याम, राहुल धुरिया और किशोर डी-कोष्टा क्लास के अंदर पहुँचते हैं। कक्षा के अंदर बैठी सभी लड़कियों को बाहर निकाल दिया गया। छात्र जीसान व हर्शित शुक्ला से मोबाइल जमा करने को कहा गया। छात्र राहुल का आरोप है कि, उसके साथ रोके गये दोनो छात्रों के मोबाइल जमा होने के बाद तीनों अध्यापकों ने उसे घेर लिया। को-आर्डिनेटर श्याम ने उसे थप्पड़ मारा। वह जब तक सम्हल पाता तब तक राहुल धुरिया और किशोर डि-कोष्टा ने भी उसके चेहरे तथा शरीर पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। मारने पीटने के दौरान छात्रों को जान से मार देने की बात कही गई।

कभा के अंदर हुई इस घटना के बाद बाहर मौजूद सभी छात्रों ने सोर मचाना शुरू कर दिया। जिससे और भी लोग क्लास में हुआ क्या, ये देखने आने लगे। इस बीच पीड़ित छात्र राहुल के दोस्तों अंकित यादव व कुनाल सिंह ने पिट रहे राहुल की वीडियो बनानी शुरू कर दी। अपनी वीडियो बनती देख तीनों अध्यापकों ने राहुल को छोड़ दिया और अंकित व कुनाल से धक्का-मुक्की कर उनका मोबाइल छीनने का प्रयास करने लगे। उन्होने सभी को पिर से धमकी देते हुए कहा कि, 'सालों तुम लोग यह वीडियो या इस घटना की जानकारी कहीं दोगे तो पाठ्यक्रम पूरा नहीं कर पाओगे। उन तीनों ने छात्रों को धमकी देते हुए कहा कि, पूरे बैच का भविष्य खराब कर देंगे।'

छात्र राहुल किसी तरह अपने दोस्तों के साथ क्लास से बाहर निकला। अंकित व कुनाल का मोबाइल भी जमा करवा लिया गया, जिसमें मारपीट की फुटेज थीं। राहुल ने मोबाइल का रिचार्ज ना होने के कारण अपने किसी साथी के मोबाइल से इस घटना की जानकारी अपने पिता राकेश कुमार को दी। जिसके बाद पिता ने छोटे भाई रोहित को राहुल के कॉलेज भेजा। साथ ही मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाकर सिपाही राजेश बाबू कॉलेज पहुँचे और घटना से संबंधित जानकारी ली। इसके अलावा बताया यह भी जा रहा कि को-आर्डिनेटर श्याम द्वारा क्लास के सभी छात्रों को धमकी दी गई है कि, 'जब तक समझौता नहीं करवाओगे, क्लास नहीं चलेगी।'

मौके पर जांच करने वाले सिपाही राजेश बाबू ने जनज्वार को बताया कि, 'मेरे बाद दरोगा कमलेश कुमार यादव मौके पर गये थे, और दोनो पार्टियों को थाने बुलवाया था। इसके बाद क्या हुआ उसे कुछ नहीं पता।' वहीं दूसरी तरफ पीड़ित छात्र राहुल का कहना है कि उसे बुलवाया नहीं गया था। बल्कि दरोगा कमलेश कुमार यादव ने कहा था कि, 'तुम लोगों को अपना कैरियर बनाना है। समझौता कर लो।' राहुल ने हमें यह भी बताया कि दरोगा साहब उल्टा उसपर समझौता करने का दबाव बना रहे थे। हमने दरोगा कमलेश कुमार यादव को इस संबंध में दो बार फोन लगाया, लेकिन दोनो ही बार रिंग जाने से पहले ही फोन काट दिया जाता रहा।

हमने कॉलेज मैनेजमेंट से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया। तीन-तीन बार फोन जाने के बाद भी को-आर्डिनेटर श्याम द्वारा फोन काटा जाता रहा। फिर चौथी कॉल में फोन स्विच-ऑप कर लिया गया। इसके थोड़ी ही देर बाद एक फोन कॉल में को-आर्डिनेटर श्याम विनोद से हमारी बात हुई। हमने उनका पक्ष जाना तो बताया गया कि, ये लड़के उधम करते हैं। फाइन का कोई इश्यू नहीं है। ये लोग फोन लेकर फरीक्षा कक्ष में जाने का प्रयास करते हैं। हम लोग फोन बाहर जमा कराते हैं, जिसे लेकर विरोध किया गया। इसके बाद इन लोगों ने हंगामें के बाद पुलिस बुलाई। अब मामला पुलिस के पास है।

वहीं, थानाध्यक्ष कल्याणपुर ने फोन पर हमसे हुई बातचीत में कहा कि पीड़ित छात्र के परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। लेकिन दूसरी तरफ, हमने छात्र व उसके पिता से बात की तो पता चला ऐसी कोई बात नहीं है, बल्कि परिजनों की तरफ से सीएम पोर्टल पर इस घटना के बाबत शिकायत की गई है। जिसका स्क्रीनशॉट नीचे दिया गया है। बशर्ते सच क्या है और झूठ क्या, अगर पुलिसिया जांच में ठीक तरह तफ्तीश हुई तो ही सामने आ पाएगा। अन्यथा अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

बहरहाल, पीड़ित छात्र का कहना है कि, संस्थान में छात्रों को तरह-तरह की यातनाएं दी जाती हैं। कभी हाथ उपर कर धूप में खड़ा कर दिया जाता है। कोई सवाल या शिकायत करने पर भविष्य खराब कर देने की धमकी दी जाती है। यहां तक की जान से मार देने तक की धमकी दी जाती है। राहुल ने कल रविवार 11 अगस्त को थानाध्यक्ष कल्याणपुर, कानपुर नगर को पत्र लिखकर तीनों अध्यापकों श्याम, राहुल धुरिया और किशोर डि-कोष्टा के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर न्याय की मांग की है।

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