मप्र : अब MBBS के छात्रों को पढ़ाए जाएंगे RSS के संस्थापक हेडगेवार-BJP के दीनदयाल उपाध्याय के विचार

जिन विचारकों को चुना गया है उनमें महर्षि चरक, स्वामी विवेकानंद, आचार्य सुश्रुत, आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार, जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. भीमराव अंबेडकर शामिल हैं.....

Update: 2021-09-06 01:30 GMT

जनज्वार। मध्यप्रदेश में एमबीबीएस के छात्रों को अब आरएसएस के विचारों को भी पढ़ाया जाएगा। ये नियम इस साल से शुरु होने वाले सत्र के साथ लागू कर दिया जाएगा। राज्य सरकार के मुताबिक मेडिकल छात्रों के फाउंडेशन कोर्स में इसे इसी सत्र से बतौर लेक्चर जोड़ा जा रहा है। तर्क दिया जा रहा है कि इसमें छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए देश के विचारकों के सिद्धांत और मूल्यों पर आधारिक मेडिकल शिक्षा को शामिल किया जाएगा।

जिन विचारकों को चुना गया है उनमें महर्षि चरक, स्वामी विवेकानंद, आचार्य सुश्रुत, आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार, जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. भीमराव अंबेडकर शामिल हैं।

राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने 25 फरवरी को इसके लिए बाकायदा एक नोटशीट विभाग के अफसरों को भेजी थी। सुझाव मांगने के लिए पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी। उन्हीं सुझावों के आधार पर विचारों के सिद्धांत, जीवन दर्शन के महत्व वाले लेक्चर को फाउंडेशन कोर्स में पढ़ाए जाने के लिए शामिल किया गया है। ये लेक्चर फाउंडेशन कोर्स के मेडिकल एथिक्स विषय का हिस्सा होंगे।

हालांकि कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव ने पूछा है कि 'अकेले हेडगेवार, दीनदयाल ही क्यों? मैं तो भाजपा सरकार से बोलता हं कि सावरकर और गोडसे के बारे में भी बच्चों को पढ़ाएं ताकि पता चले कि सावरकर ने कितनी बार अंग्रेजों को माफीनामे लिखे और गोडसे ने राष्ट्रपति महात्मा गांधी जी की हत्या की।


भोपाल दक्षिण पश्चिम से विधायक पीसी शर्मा ने तंज कसते हुए लिखा- "एमबीबीएस पढ़ पढ़ जग मुआ, डॉ बने न कोऊ 5-5 अक्षर हेडगेवार और दीनदयाल के, पढ़े तो डॉक्टर होऊ...हरि ॐ....।"


मध्यप्रदेश कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिल्पी सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा- ''शिवराज सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य के भीतर MBBS करने वाले छात्रों को अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. हेडगेवार की जीवनी पढ़ाई जाएगी..! फिर डॉक्टर मरीज़ों का धर्म देखकर इलाज करेंगे..!''

गौरतलब है कि एमबीबीएस का कोर्स नेशनल मेडिकल काउंसिल तय करती है। काउंसिल हर कोर्स के टॉपिक बताती है लेकिन उस टॉपिक में क्या लेक्चर होगा ये राज्य का मेडिकल शिक्षा विभाग तय कर सकता है। जोड़े गए नए लेक्चर मेडिकल एथिक्स टॉपिक का हिस्सा हैं।  

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