खर्राटों की समस्या से कैसे पाये निजात, बता रहे हैं जनस्वास्थ्य चिकित्सक डॉ. एके अरुण
खर्राटे ये संकेत देते हैं कि आपकी रक्त वाहिकाओं और हृदय को रक्त प्रवाह जारी रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ रही है। इससे उच्च रक्तचाप, असामान्य हृदय ताल, स्ट्रोक और हृदय विफलता का खतरा बढ़ जाता है।
हालाँकि ज़ोर से या अत्यधिक खर्राटे लेना ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। यदि उपचार न किया जाए, तो आपको हृदय रोग विकसित होने की अधिक संभावना है। स्वस्थ हृदय को बनाए रखने के लिए स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम के साथ-साथ अच्छी नींद भी आवश्यक है।
खर्राटे आमतौर पर सांस लेने में रुकावट के कारण होते हैं। जब रक्त में ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट आती है तब आपके खून में ऑक्सीजन स्तर गिरता है, तो आपका मस्तिष्क आपको जागने के लिए झटका देता है ताकि आप गहरी सांस लें। लोग आमतौर पर इसका लोगों को पता भी नहीं चलता और वे इसे याद भी नहीं रखते, भले ही यह रात में सैकड़ों बार घटित होती हों।
सांस लेने में रुकावट के कारण कोर्टिसोन और एड्रेनालाईन (दोनों तनाव हार्मोन) में वृद्धि होती है। ये हार्मोन हृदय विफलता और उच्च रक्तचाप में योगदान करते हैं। वे दिल के दौरे को भी ट्रिगर कर सकते हैं। जागने का लगातार झटका आपके हृदय और संपूर्ण हृदय प्रणाली पर निरंतर दबाव डालता है।रात में कई बार जागना भी आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है।
तो क्या करें ?
1. एक तरफ लेटें
जब आप सीधे कमर पर लेटते हैं तब आपकी जीभ, थुड्डी और थुड्डी के नीचे के वसायुक्त ऊतक, ये सब आपके एयरवे में रुकावट पैदा कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप खर्राटे लेते हैं तो एक तरफ पलट कर सोएं।
2. नाक में लगने वाली पट्टियां
बाज़ार में ऐसे कई उत्पाद उपलब्ध हैं जो खर्राटे रोकने में मदद करते हैं। नाक में लगने वाली पट्टियों के पीछे विचार ये है कि वो आपके नथुनों को खुला रखती हैं। ये तब काम करती हैं जब आप नाक से खर्राटे लेते हैं।लेकिन ये वास्तव में असरदार हैं या नहीं इसके प्रमाण बहुत कम हैं।
3. अपनी नाक साफ़ रखें
सोने से पहले अपनी नाक को अच्छे से साफ़ रखें। इससे नाक की बहुत महीन रक्त कोशिकाओं की सूजन से राहत मिलेगी। ये आमतौर पर एलर्जी की वजह से भी हो जाती है।
4. वज़न कम करें
अगर आपका वज़न अधिक है तो आपकी ठुड्डी के पास अधिक वसायुक्त ऊतक हो सकते हैं। ये एयरवे को संकरा करके हवा के आने-जाने के रास्ते में बाधा डाल सकते हैं। ऐसे में स्वस्थ वज़न बनाए रखने से खर्राटों से राहत मिल सकती है।
(हील इनिशिएटिव)