दिल ये आख़िर दिल मेरा... इसका रखें खास ख्याल
आमतौर पर प्रति मिनट हार्ट रेट 60 और 100 बीट होती है। अगर आपकी दिल की धड़कन तेज या धीमी है इसके बारे में आसानी से जान सकते हैं। अगर आपकी हार्ट रेट नियमित है तो आपका दिल स्वस्थ है, अगर यह नियंत्रण में नहीं है तो यह खतरे की घंटी है...
जनस्वास्थ्य चिकित्सक डॉ. एके अरुण की महत्वपूर्ण टिप्पणी
हमारा हृदय हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह हमारे परिसंचरण प्रणाली का हिस्सा है और धड़कते हुए शरीर के चारों ओर रक्त का प्रवाह करता है। रक्त शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्व भेजता है और अवांछित कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है।
दिल का दौरा
दिल के दौरे के लक्षणों में व्यायाम के साथ थकान शामिल है। सांस रोकने में तकलीफ, रक्त जमना और फेफड़ों में द्रव जमा होना तथा पैरों, टखनों और टांगो में द्रव जमा होना।
हृदय रोग
हृदय रोगों का सबसे प्रमुख कारण है - धूम्रपान करना, परिवार में किसी को इस बीमारी का होना, बहुत ज्यादा मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप होना, सुस्त जीवनशैली का होना, दैनिक जीवन में शारीरिक श्रम न करना, बहुत ज्यादा तनाव लेना, फास्टफूड का सेवन करना इत्यादि।
दिल के रोगों की जाँच
ईसीजी टेस्ट आपके दिल की विद्युत गतिविधि (electrical activity) को मापता है। हर बार जब आपका दिल धड़कता है, तो यह छोटे विद्युत आवेग (electrical impulses) पैदा करता है। एक ईसीजी मशीन इन संकेतों को कागज पर रिकॉर्ड करती है, जो आपके डॉक्टर को यह देखने में मदद करती है कि आपका दिल कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है।
हार्ट रेट नियमित होना
आमतौर पर प्रति मिनट हार्ट रेट 60 और 100 बीट होती है। अगर आपकी दिल की धड़कन तेज या धीमी है इसके बारे में आसानी से जान सकते हैं। अगर आपकी हार्ट रेट नियमित है तो आपका दिल स्वस्थ है, अगर यह नियंत्रण में नहीं है तो यह खतरे की घंटी है।
घर में स्वयं करें जाँच
बैठकर उठने का टेस्ट हार्ट की फिटनेस जानने का ये बड़ा सिंपल टेस्ट है। आप सीधी जमीन पर खड़े हो जाएं और फिर जमीन पर पालथी मारकर बैठे जाएं। अगर आप बिना किसी मदद के खड़े हो पा रहे हैं तो आपका हार्ट फिट है। ऐसे लोगों को हार्ट की बीमारियों का खतरा 21 फीसदी तक कम होता है।
ब्लॉकेज
हृदय की नसें ब्लॉक होने पर सिर में दर्द की शिकायत हो सकती है। इससे आपकी ब्रेन तक जाने वाली नसें जाम हो जाती है और ब्लड सरकुलेशन में भी कमी आ सकती है। ऑक्सीजन के अभाव में मस्तिष्क की कोशिकाओं को काफी नुकसान पहुंचता है। इसमें आपको हमेशा थकान व कमजोरी महसूस होती है और सिर दर्द होता रहता है। (हील मीडिया)