खट्टर सरकार पर मंडराए संकट के बादल, इंटरनेट यूजर्स ने दुष्यंत चौटाला से पूछा- कुर्सी या किसान?

जजपा किसान आंदोलन को लेकर भले ही खुले तौर पर कोई बयान नहीं दे रही है लेकिन उनकी पार्टी के विधायक खुलकर सामने आने लग गए हैं, ऐसे में खट्टर सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं....

Update: 2020-12-09 07:36 GMT

चंडीगढ़। किसान आंदोलन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को संकट में डाल दिया है। दरअसल भरात बंद से पहले उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की पार्टी जजपा के दस में 7 विधायकों ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया। यही नहीं कई नेताओं ने तो भारत बंद के सिलसिले में धरने में सिरकत भी की। जजपा किसान आंदोलन को लेकर भले ही खुले तौर पर कोई बयान नहीं दे रही है लेकिन उनकी पार्टी के विधायक खुलकर सामने आने लग गए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर दुष्यंत चौटाला के रूख को लेकर चर्चा हो रही है। 

इंटरनेट यूजर्स ट्विटर पर सवाल पूछ रहे हैं कि दुष्यंत चौटाला को कुर्सी पसंद है या किसान। इस वक्त ट्विटर पर 'दुष्यंत कुर्सी या किसा' टॉप ट्रेंड है। एक यूजर्स ने लिखा, अमित शाह किसानों से मिले। यह एकता की ताकत है। 

मनदीप सिंह लिखते हैं, दुष्यंत चौटाला कोई राजनीति नहीं, तुम्हें आज एक को चुनना है। समर्थन में कटौती करें या अगली बार लोग आपके समर्थन में कटौती करेंगे। 

साहिल सिद्धू नाम के एक  ट्विटर यूजर ने लिखा, 'सरकारें लोगों द्वारा बनाई जाती हैं और सरकार अब लोकतांत्रिक नहीं है जब वह उन लोगों को सुनने के लिए रुकती है जो उन्हें चुनते हैं। यह प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि लोगों की चिंताओं को सुनने का विषय है, जिन्होंने आपको चुना है!'

एक अन्य यूजर ने लिखा, 'किसान विरोधी भाजपा को समर्थन देकर दुष्यंत चौटाला आप हरियाणा के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। भाजपा से इस्तीफा दें और किसानों का समर्थन करें।'

कटु सत्य नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, कुर्सी का लालच। किसान बनाम सत्ता। दुष्यंत चौटाला कुर्सी या किसान। 


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