ट्रैक्टर रैली में मारे गए उत्तराखण्ड के युवा किसान के दादा पहुंचे हाईकोर्ट, कहा पुलिस की गोली का शिकार हुआ मेरा पोता

मृतक के दादा हरदीप सिंह ने दावा किया है कि उसके पोते पर पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर गोली चलाई थी, जिस कारण उसने ट्रैक्टर पर अपना नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर पलट गया....

Update: 2021-02-10 17:01 GMT

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली में भाग लेने के दौरान दिल्ली के आईटीओ इलाके में जान गंवाने वाले एक किसान के दादा ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और इस घटना की एसआईटी जांच की मांग की। 26 जनवरी को पुलिस बैरिकेड के साथ टकराने के बाद ट्रैक्टर पलट गया था और इस हादसे में नवरीत सिंह की मौत हो गई थी। हालांकि आंदोलनकारी किसानों ने कहा था कि नवरीत सिंह पुलिस की गोली का शिकार बना था, मगर बाद में दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज जारी कर कहा था कि वह ट्रैक्टर के अनियंत्रित होने के कारण मरा।

हालांकिमृतक के दादा हरदीप सिंह ने दावा किया है कि उसके पोते पर पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर गोली चलाई थी, जिस कारण उसने ट्रैक्टर पर अपना नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर पलट गया।

दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें दिखाई दे रहा है कि एक प्रदर्शनकारी आईटीओ के पास अपने ट्रैक्टर पर तेज रफ्तार से जा रहा था और इसी दौरान ट्रैक्टर बैरिकेडिंग से टकरा गया, जिससे वह पलट गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि प्रदर्शनकारी की दुर्घटना के कारण मौत हुई।

याचिका में आग्रह किया गया है कि अदालत इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करे और इसकी जांच की निगरानी की मांग भी की गई है। याचिका में समयबद्ध अदालती निगरानी जांच सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी फाइल आवधिक स्थिति रिपोर्ट की मांग भी की गई है।

याचिका में कहा गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के विवरण की समीक्षा करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञों ने कहा है कि चोटों के निशान बंदूक की गोली के घाव जैसे हैं और ऐसे निशान ट्रैक्टर पलटने से नहीं हो सकते।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि दिल्ली पुलिस ने आनन-फानन में सार्वजनिक बयान देकर इस घटना को दुर्घटना घोषित कर दिया और साथ ही उन वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की, जिन्होंने नवरीत सिंह की मौत की वजह का पता लगाने की कोशिश की।

याचिका में मृतक के दादा ने कहा है कि उन्हें इस बात का कोई भरोसा नहीं है कि दिल्ली पुलिस उनके पोते की मौत की निष्पक्ष और ईमानदारी से जांच करेगी। इस मामले की सुनवाई 11 फरवरी को होने की संभावना है। (आईएएनएस)

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