Digivjya Singh News: अब दिग्विजय ने मोदी को काले कपड़ों से पहचाना, अमित शाह के बयान पर किया पलटवार

Digivjya Singh News: अभी पांच अगस्त को महंगाई और भ्रष्टाचार सहित कई मामलों को लेकर कांग्रेस के नेताओं द्वारा काले कपड़े पहनकर किए गए विरोध प्रदर्शन के दिन को राममंदिर शिलान्यास के दिन से जोड़कर हो रहे भाजपाई हमले के जवाब में कांग्रेस नेता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ब्लैक ड्रेस में कुंभ स्नान की फोटो वायरल कर भाजपाई हमले की दिशा उन्हीं की ओर मोड़ दी है।

Update: 2022-08-07 10:43 GMT

Digivjya Singh News: अब दिग्विजय ने मोदी को काले कपड़ों से पहचाना, अमित शाह के बयान पर किया पलटवार

Digivjya Singh News: अभी पांच अगस्त को महंगाई और भ्रष्टाचार सहित कई मामलों को लेकर कांग्रेस के नेताओं द्वारा काले कपड़े पहनकर किए गए विरोध प्रदर्शन के दिन को राममंदिर शिलान्यास के दिन से जोड़कर हो रहे भाजपाई हमले के जवाब में कांग्रेस नेता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ब्लैक ड्रेस में कुंभ स्नान की फोटो वायरल कर भाजपाई हमले की दिशा उन्हीं की ओर मोड़ दी है।

बता दें कि पांच अगस्त को कांग्रेस के नेताओं के काले कपड़े पहनकर महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन पर गृहमंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया था कि आज ही दिन राम जन्म भूमि का शिलान्यास हुआ था। ऐसे में इसके विरोध में पार्टी ने काले कपड़े पहनकर यह प्रदर्शन किया गया है। भाजपाई खेमे के इस हमले का जवाब अब दिग्विजय सिंह ने नरेन्द्र मोदी को ही निशाने पर लेकर इसका जवाब दिया है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए मोदी की ब्लैक ड्रेस में कुंभ स्नान की फोटो के साथ किए गए ट्वीट में लिखा है कि 'अमित शाह जी मोदी जी प्रयागराज कुंभ मेले में गंगा स्नान काले कपड़े पहन कर रहे हैं। इस पर कुछ कहेंगे?' दिग्विजय सिंह ने पूर्व आईपीएस अधिकारी विजय शंकर सिंह के एक ट्वीट को रिट्वीट में यह लिखा है। अपने ट्वीट में पूर्व आईपीएस ने तंज करते हुए लिखा था कि 'मोदी जी की यह फोटो, काले कपड़ो में फरवरी 2019 की है। जब वे प्रयाग कुंभ में स्नान कर रहे हैं। काले कपड़े पहन कर महंगाई आदि जनहित के मुद्दो पर किए गए प्रदर्शन के बारे में यह कहा जा रहा है कि काले कपड़े, राममंदिर के विरोध में थे तो क्या इस स्नान को कुंभ का विरोध कहा जा सकता है?' इसके साथ ही पीएम मोदी की तस्वीर शेयर कर उन्होंने लिखा था कि 'मेरा उत्तर होगा, बिलकुल नहीं। किन कपड़ो मे कोई स्नान करता है यह उसकी मर्जी है। इसी प्रकार, आंदोलन कैसे हो, यह उसकी रणनीति बनाने वाले जानें। कपड़ों से पहचानना छोड़िए सरकार, रोटी कपड़ा और मकान पर बात कीजिए।

ट्विटर पर हो रहे ब्लैक ड्रेस बयानों पर लोगों की कुछ दिलचस्प प्रतिक्रियाओ में से एक में अनिल नाम के यूजर ने लिखा कि 'लोकतंत्र में विरोध दिखाने के लिए काले कपड़े से बेहतर कोई कलर नहीं। भगवान के सभी कार्य तिथि के हिसाब से तय किए जाते है, तारीख के हिसाब से नहीं। मुद्दो से भटकाने से अब बात नहीं बनने वाली। विरोध महंगाई का था और रहेगा।' जबकि अनुभव तिवारी ने लिखा कि 'ये भी तो नेहरू की ही गलती है।'

Tags:    

Similar News