Kerala Girl Afra Emotional Story: 46 करोड़ जुटाकर बचा ली भाई की जान, अब 16 साल की अफरा खुद जिंदगी की जंग हार गई
Kerala Girl Afra Emotional Story: आफरा का भाई मोहम्मद को एसएमए एक दुर्लभ बीमारी कमजोर मांसपेशियों का पता चला था। इसके बाद डॉक्टरों ने सलाह दी थी कि उसे 2 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले ही 18 करोड़ रुपए की खुराक की दवा जोल्गेन्स्मा देनी पड़ेगी...
Kerala Girl Afra Emotional Story: 46 करोड़ जुटाकर बचा ली भाई की जान, अब 16 साल की अफरा खुद जिंदगी की जंग हार गई
Kerala Girl Afra Emotional Story: केरल के कन्नूर जिले में रहने वाली 16 साल की अफरा जिंदगी की जंग हार गई। कन्नूर के मट्टूल की रहने वाली अफरा ने कोझीकोड के एक निजी अस्पताल में बीमारी के कारण दम तोड़ दिया। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से पीड़िता अफरा ने भाई मोहम्मद के इलाज के लिए मुहिम चलाकर करीब 46 करोड रुपए जोड़े थे। लेकिन क्या पता था कि भाई को जिस बीमारी से निजात दिलाने के लिए लड़ रही थी। एक दिन वही उसकी जान जाने का कारण बनेगी। दरअसल दोनों ही भाई-बहन एक ही आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित थें। भाई की जान बचाने के लिए जो मुहीम अफरा ने छेड़ी थी इसे दुनिया भर में सराहा गया। इसका असर ऐसा हुआ कि हर कोने से लोग अफरा की मदद के लिए आगे आए और बढ़ चढ़ कर साथ दिया। भाई के इलाज के लिए अफरा को काफी पैसों की जरूरत थी, जो कर पाना अफरा के लिए इतना आसान न था। लेकिन अफरा ने हार न मानी। मदद पाने के लिए अफरा ने लोगों से अपील की। जिसके परिणामस्वरूप क्राउडफंडिंग के माध्यम से अफरा को 46 करोड़ रुपये का संग्रह प्राप्त हुआ। एसएमए से संबंधित जटिलताएं विकसित होने के बाद पिछले कुछ दिनों से खुद अफरा का भी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
18 करोड़ रुपए की खुराक
आफरा का भाई मोहम्मद को एसएमए एक दुर्लभ बीमारी कमजोर मांसपेशियों का पता चला था। इसके बाद डॉक्टरों ने सलाह दी थी कि उसे 2 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले ही 18 करोड़ रुपए की खुराक की दवा जोल्गेन्स्मा देनी पड़ेगी। बस फिर क्या था भाई को बचाने का हौसला लिए अफरा जो कि खुद व्हीलचेयर पर थी। आफरा ने पिछले साल जून में एक वीडियो के जरिए लोगों से पैसे जुटाने के लिए मदद मांगी। भाई की जिंदगी बचाने को आगे आई अफरा का यह वीडियो दुनिया भर में वायरल हुआ था। जिसके बाद लोगों ने दिल खोलकर अफरा की मांग की थी
मेरी तरह यह खत्म नहीं होना चाहिए
अफरा ने कहा था कि बीमारी के कारण मेरे पैर और रीढ़ की हड्डी मुड़ गई है। मेरे लिए लेटना और सोना भी मुश्किल है। लेकिन मेरे छोटे भाई की स्थिति अब ऐसी नहीं है। वह फर्श पर रेंग रहा है और सक्रिय है, अगर उसे अभी यह दवा मिलती है तो उसे बचाया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि अगर आप सभी मदद के लिए आगे आएंगे, तो उसे बचाया जा सकता है। वह मेरी तरह खत्म नहीं होना चाहिए।
खातों में 7.7 लाख लोगों ने भेजे पैसे
अफरा की यह अपील हजारों लोगों के दिलों को छू गई। जिसका असर यह हुआ कि 18 करोड़ रुपए के बजाय 46 करोड़ रुपए इकट्ठा हो गए। क्राउडफंडिंग के लिए गठित कमेटी के जरिए खोले गए दो खातों में 7.7 लाख लोगों ने पैसे भेजे थे। एसएमए जैसी दर्दनाक बीमारी के साथ लड़ रही अफरा ने कभी भी दिक्कत को अपने बड़े सपनों के रास्ते में नहीं आने दिया।
अफरा बेहद प्रतिभाशाली लड़की
अफरा ने अपने जीवन, यात्रा और पढ़ाई के बारे में वीडियो अपडेट साझा करने और अपने यूट्यूब चैनल पर अपने भाई के इलाज के अपडेट के बारे में भी अपना हाथ आजमाया था। मट्टूल पंचायत अध्यक्ष फरिशा ने कहा कि अफरा एक बेहद प्रतिभाशाली लड़की थी जिसकी उच्च महत्वाकांक्षाएं थीं। वह एक डॉक्टर बनने का सपना देखती थी और गायक के अपने जुनून को भी आगे बढ़ाना चाहती थी। रफीक और मरियम्मा की बेटी अफरा सफा इंग्लिश मीडियम स्कूल की दसवीं की छात्रा थी। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में मट्टूल सेंट्रल जुमा मस्जिद कब्रिस्तान में अफरा का अंतिम संस्कार किया गया।