NIA Court ने वरवर राव को इलाज के लिए हैदराबाद जाने की नहीं दी इजाजत, याचिका खारिज

Bhima Koregaon Case : सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2022 में वरवर राव को इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह ग्रेटर मुंबई की सीमा के भीतर रहेंगे और एनआईए अदालत से पूर्व अनुमति के बिना शहर की सीमा से बाहर नहीं जाएंगे।

Update: 2022-09-24 08:35 GMT

NIA कोर्ट ने वरवर राव को इलाज के लिए हैदराबाद जाने की नहीं दी इजाजत, याचिका खारिज

Bhima Koregaon Case : राष्ट्रीय जांच एजेंसी मुंबई की विशेष अदालत ने 23 सितंबर को भीमा कोरेगांव केस यानि एल्गर परिषद-माओवादी लिंक मामले के आरोपी कवि वरवर राव को इलाज के लिए हैदराबाद जाने की इजाजत नहीं दी। वरवर राव ने एनआईए कोर्ट से मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए हैदराबाद जाने की इजाजत मांगी थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2022 में 82 वर्षीय वरवर राव को मेडिकल आधार पर जमानत दी थी। जमानत की शर्तों के मुताबिक शीर्ष अदालत ने कहा था कि एनआईए कोर्ट की इजाजत के बगैर वह ग्रेटर मुंबई की सीमा से बाहर नहीं जा सकते।

23 सितंबर को कवि व साहित्यकार वरवर राव ने मोतियाबिंद सर्जरी और सर्जिकल देखभाल की औपचारिकताओं के लिए तीन महीने के लिए हैदराबाद की यात्रा करने की एनआईए कोर्ट से इजाजत देने की अपील की थी। एनआईए कोर्ट के सामने दायर याचिका में उन्होंने दोनों आंखों में मोतियाबिंद की सर्जरी कराने का हवाला दिया था। एनआईए स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश आरएन रोकाडे ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

महेश राउत का समुचित इलाज कराएं जेल अधीक्षक

वहीं एल्गार परिषद मामले के एक अन्य आरोपी महेश राउत ने भी इलाज के लिए आवेदन दिया था। अदालत ने जेल अधीक्षक को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने और आवश्यक होने पर आरोपी को सरकारी अस्पताल में रेफर करने का निर्देश दिया। अदालत को नवी मुंबई के तलोजा सेंट्रल जेल से भी एक आरोपी सागर गोरखे के दुर्व्यवहार के संबंध में एक पत्र मिला है।

Bhima Koregaon Case : बता दें कि यह मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन में कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है। इस मामले में पुलिस ने दावा किया था कि एक जनवरी 2018 को पश्चिमी महाराष्ट्र शहर के बाहरी इलाके में कोरेगांव भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा हुई। पुणे पुलिस ने दावा है कि कॉन्क्लेव का आयोजन माओवादी लिंक वाले लोगों द्वारा किया गया था। 8 जनवरी 2018 को भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में एनआईए को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। कवि वरवर राव को एल्गार परिषद-वामपंथी लिंक मामले 18 अगस्त, 2018 को हैदराबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था।

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